सावन के मौसम में अगर आप घर की खाली दीवार को हरा-भरा बनाना चाहते हैं, लेकिन जगह की कमी के कारण गार्डन नहीं बना पा रहे हैं, तो पुरानी प्लास्टिक की बोतलें आपके काम आ सकती हैं। इन बोतलों को दोबारा इस्तेमाल करके खूबसूरत प्लांटर्स तैयार किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि इनमें फूलों के साथ धनिया, हरी मिर्च, हरा प्याज और लेट्यूस जैसी छोटी सब्जियां और हर्ब्स भी उगाए जा सकते हैं।
बारिश का मौसम पौधों के लिए काफी अनुकूल माना जाता है। ऐसे में घर की बालकनी, छत या किसी खाली दीवार को छोटी-सी ग्रीन वॉल में बदलने का आइडिया काफी अच्छा हो सकता है। इसके लिए न तो बड़े गमलों की जरूरत होगी और न ही बहुत ज्यादा जगह की। पुरानी बोतलों को प्लांटर में बदलकर उन्हें दीवार पर वर्टिकल तरीके से लगाया जा सकता है।
घर में वर्टिकल गार्डन बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
इस तरह का प्लांटर तैयार करने के लिए घर में मौजूद कई पुरानी चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए करीब 2 लीटर की खाली प्लास्टिक बोतल, कैंची या कटर, मजबूत रस्सी या तार, आउटडोर पेंट, मिट्टी और पौधों की जरूरत होगी।
सबसे पहले बोतलों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। अगर बोतल पर कंपनी का लेबल या स्टिकर लगा है तो उसे भी हटा दें। बोतल पूरी तरह सूखने के बाद ही कटिंग और पेंटिंग का काम करें। इससे प्लांटर देखने में साफ और आकर्षक लगेगा।
बोतल को कैसे बनाएं प्लांटर?

बोतल को प्लांटर का आकार देने के लिए उसके बीच वाले हिस्से में सावधानी से कट लगाएं। कटिंग इतनी होनी चाहिए कि उसमें पर्याप्त मिट्टी और पौधे की जड़ के लिए जगह बची रहे। कटर का इस्तेमाल करते समय हाथों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
इसके बाद बोतल के निचले हिस्से में कुछ छोटे छेद कर दें। इन छेदों का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि पौधे को पानी देने के बाद अतिरिक्त पानी बाहर निकल सकेगा। अगर पानी लंबे समय तक बोतल के अंदर जमा रहेगा तो मिट्टी बहुत गीली हो सकती है और पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
बोतल तैयार होने के बाद उसमें हल्की और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी भरें। बहुत ज्यादा मिट्टी भरने के बजाय पौधे की जड़ों के हिसाब से पर्याप्त जगह छोड़ना बेहतर रहेगा।
रंगों से दें प्लांटर को खूबसूरत लुक
सिर्फ प्लास्टिक की बोतल लगाने के बजाय उन्हें थोड़ा सजाकर पूरा वर्टिकल गार्डन ज्यादा आकर्षक बनाया जा सकता है। इसके लिए आउटडोर या स्प्रे पेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आप सभी बोतलों को एक ही रंग में पेंट कर सकते हैं या अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल करके दीवार को ज्यादा कलरफुल बना सकते हैं। चाहें तो बोतल पर छोटे पैटर्न, पत्तियों के डिजाइन या दूसरे डेकोरेटिव मोटिफ भी बनाए जा सकते हैं।
हालांकि, पौधे लगाने से पहले पेंट को पूरी तरह सूखने देना जरूरी है। साथ ही, पौधे के लिए इस्तेमाल होने वाले हिस्से के अंदर ऐसा पेंट या केमिकल न लगाएं जो मिट्टी या पौधे के संपर्क में आए।
किन पौधों को बोतल में उगा सकते हैं?

वर्टिकल बोतल प्लांटर में ऐसे पौधे लगाना बेहतर रहता है जिन्हें बहुत ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। किचन गार्डन बनाने के लिए धनिया, लेट्यूस, हरा प्याज और हरी मिर्च जैसे पौधे अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
इसके अलावा घर की सजावट के लिए थाइम और ऑरेगैनो जैसे हर्ब्स भी लगाए जा सकते हैं। अगर आपका उद्देश्य सिर्फ हरियाली बढ़ाना है तो मनी प्लांट जैसे पौधों को भी इन प्लांटर्स में लगाया जा सकता है।
पौधे चुनते समय यह देखना जरूरी है कि उसे कितनी धूप, पानी और जड़ फैलाने के लिए कितनी जगह चाहिए। एक ही बोतल में बहुत ज्यादा पौधे लगाने से बचें, क्योंकि इससे पौधों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
दीवार पर ऐसे लगाएं बोतल वाले प्लांटर्स
जब सभी प्लांटर तैयार हो जाएं तो उन्हें मजबूत रस्सी, तार या किसी उपयुक्त सपोर्ट की मदद से दीवार पर लगाया जा सकता है। प्लांटर्स को एक सीधी लाइन में लगाने के बजाय अलग-अलग ऊंचाई पर लगाने से ज्यादा खूबसूरत पैटर्न बनाया जा सकता है।
हालांकि, यहां सबसे जरूरी बात सुरक्षा और मजबूती है। बोतलों में मिट्टी और पानी भरने के बाद उनका वजन बढ़ जाएगा। इसलिए उन्हें कमजोर कील या ढीली रस्सी के सहारे न लगाएं। दीवार और इस्तेमाल किए गए सपोर्ट की क्षमता के अनुसार ही प्लांटर्स लगाएं।
अगर दीवार पर सीधे ड्रिल या कील नहीं लगाना चाहते तो मजबूत स्टैंड, ग्रिड या रेलिंग का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इससे पौधों को जरूरत के अनुसार एक जगह से दूसरी जगह करना भी आसान रहेगा।
बारिश में पानी देते समय रखें खास ध्यान
सावन और बारिश के मौसम में पौधों को अतिरिक्त पानी देने की जरूरत हर बार नहीं होती। अगर प्लांटर खुले स्थान पर लगा है और बारिश का पानी सीधे पौधे तक पहुंच रहा है, तो रोजाना पानी देने से बचें।
बोतल के नीचे बने ड्रेनेज होल को समय-समय पर चेक करते रहें। अगर मिट्टी या जड़ों के कारण छेद बंद हो गया है तो अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकल पाएगा। इससे प्लांटर में पानी जमा हो सकता है।
इसके अलावा पौधों की सूखी या खराब पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहें और किसी तरह के कीड़े या फंगस के लक्षण दिखाई देने पर पौधे की देखभाल करें।
कम जगह में तैयार होगा छोटा किचन गार्डन
इस DIY वर्टिकल गार्डन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके लिए जमीन पर ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। छोटे घर, फ्लैट या अपार्टमेंट की बालकनी में भी सीमित संख्या में बोतल प्लांटर्स लगाकर हरियाली बढ़ाई जा सकती है।
पुरानी प्लास्टिक बोतलों को फेंकने के बजाय उनका दोबारा इस्तेमाल करने से घर की सजावट के साथ रीयूज का आइडिया भी अपनाया जा सकता है। अगर सही पौधों का चुनाव किया जाए तो यही छोटी-सी ग्रीन वॉल घर में इस्तेमाल होने वाली कुछ ताजी हरी चीजों का स्रोत भी बन सकती है।
सावन में घर को दें ग्रीन मेकओवर
बारिश के मौसम में पौधों की हरियाली घर के माहौल को और खूबसूरत बना सकती है। पुरानी बोतलों से तैयार किए गए प्लांटर्स को अलग-अलग ऊंचाई और रंगों में लगाकर एक साधारण दीवार को भी आकर्षक बनाया जा सकता है।
बस ध्यान रखें कि प्लास्टिक बोतल की कटिंग सावधानी से करें, प्लांटर को मजबूत सपोर्ट दें, पानी की निकासी की व्यवस्था रखें और पौधे की जरूरत के मुताबिक धूप-पानी का ध्यान रखें। थोड़ी सी रचनात्मकता और नियमित देखभाल से घर की खाली दीवार एक छोटे, खूबसूरत और उपयोगी वर्टिकल गार्डन में बदल सकती है।


