Triveni Turbine Shares: जून 2026 तिमाही के नतीजों के बाद त्रिवेणी टर्बाइन के शेयरों में मंगलवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। रेवेन्यू में करीब 19 फीसदी की बढ़ोतरी और ऑर्डर इनफ्लो में मजबूती के बावजूद कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया। EBITDA और मार्जिन में तेज गिरावट के कारण शेयर इंट्रा-डे में करीब 8 फीसदी तक टूट गया और Nifty 500 इंडेक्स में टॉप लूजर बन गया।
बीएसई पर कारोबार के दौरान Triveni Turbine का शेयर 7.92 फीसदी गिरकर ₹584 के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया। हालांकि निचले स्तरों से कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन शेयर दबाव से पूरी तरह बाहर नहीं निकल सका। कारोबार के दौरान यह करीब 5.39 फीसदी की गिरावट के साथ ₹600 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कंपनी का रेवेन्यू और ऑर्डर इनफ्लो बढ़ा है, तो फिर शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? इसकी सबसे बड़ी वजह ऑपरेटिंग मार्जिन और मुनाफे में आई कमजोरी रही।
जून तिमाही में रेवेन्यू 19% बढ़ा
जून 2026 तिमाही में Triveni Turbine का रेवेन्यू सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़कर ₹442.7 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹371.3 करोड़ था।
यानी कंपनी ने टॉपलाइन के मोर्चे पर अच्छी ग्रोथ दर्ज की। सामान्य तौर पर रेवेन्यू में इतनी तेज वृद्धि को सकारात्मक संकेत माना जाता है, लेकिन इस बार निवेशकों का फोकस सिर्फ बिक्री बढ़ने पर नहीं रहा। कंपनी की कमाई में मार्जिन और मुनाफे की तस्वीर कमजोर रही, जिसने शेयर पर दबाव बढ़ा दिया।
EBITDA में 30% की बड़ी गिरावट
जून तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन को बड़ा झटका लगा। Triveni Turbine का EBITDA सालाना आधार पर करीब 30 फीसदी गिरकर ₹51.3 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹73.6 करोड़ था।
इसका असर EBITDA मार्जिन पर भी साफ दिखाई दिया। कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 19.8 फीसदी से घटकर इस तिमाही में 11.6 फीसदी रह गया।
यानी कंपनी की बिक्री तो बढ़ी, लेकिन उस बिक्री से ऑपरेटिंग स्तर पर होने वाली कमाई काफी कम हो गई। यही कारण है कि बाजार ने रेवेन्यू ग्रोथ के बजाय मार्जिन में आई गिरावट को ज्यादा गंभीरता से लिया।
मुनाफे में भी 20% की गिरावट
मार्जिन में कमजोरी का असर कंपनी के शुद्ध मुनाफे पर भी पड़ा। जून 2026 तिमाही में Triveni Turbine का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 20 फीसदी घटकर ₹51.1 करोड़ रह गया।
इस तरह कंपनी के तिमाही नतीजों में एक तरफ रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत रही, जबकि दूसरी तरफ EBITDA, मार्जिन और नेट प्रॉफिट में गिरावट देखने को मिली। शेयर बाजार में इसी विरोधाभास को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी।
ऑर्डर इनफ्लो में भी बढ़ोतरी
कंपनी के लिए पूरी तस्वीर नकारात्मक नहीं है। जून तिमाही में Triveni Turbine का ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर 6 फीसदी बढ़कर ₹5,683 करोड़ हो गया।
ऑर्डर इनफ्लो में बढ़ोतरी कंपनी के भविष्य के कारोबार के लिए अहम संकेत है। इससे पता चलता है कि कंपनी के उत्पादों की मांग बनी हुई है। हालांकि मौजूदा तिमाही में ऑर्डर और डिलीवरी के मिश्रण का असर मार्जिन पर पड़ा, जिस पर बाजार ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
मार्जिन पर क्यों पड़ा दबाव?
कंपनी के मुताबिक जून तिमाही में मार्जिन को कई कारणों से दबाव का सामना करना पड़ा। इनमें अनफेवरेबल प्रोडक्ट मिक्स, कीमतों में उतार-चढ़ाव और कुछ रणनीतिक ऑर्डर्स की डिलीवरी फेजिंग प्रमुख वजहें रहीं।
इसका मतलब यह है कि ज्यादा रेवेन्यू आने के बावजूद कंपनी का प्रोडक्ट और ऑर्डर मिक्स ऐसा रहा, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन कमजोर हुआ। निवेशकों के लिए यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय में सिर्फ बिक्री बढ़ना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उस बिक्री से कंपनी कितना मुनाफा कमा रही है, यह भी मायने रखता है।
पश्चिमी एशिया की स्थिति पर कंपनी की नजर
कंपनी ने पश्चिमी एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं को लेकर भी सावधानी जताई है। क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव कंपनी के कारोबार और ऑर्डर निष्पादन पर असर डाल सकता है।
हालांकि कंपनी का कहना है कि कारोबार मौजूदा अनुमान के मुताबिक आगे बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है।
यह कंपनी के लिए आगे का महत्वपूर्ण ट्रिगर हो सकता है। अगर मार्जिन में सुधार आता है और ऑर्डर इनफ्लो मजबूत बना रहता है, तो बाजार की मौजूदा चिंता कुछ हद तक कम हो सकती है।
एक साल में शेयर ने दिया शानदार रिटर्न
हालिया गिरावट के बावजूद Triveni Turbine के शेयर ने पिछले एक साल में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। 23 मार्च 2026 को बीएसई पर शेयर ₹428.50 के स्तर पर था, जिसे एक साल का रिकॉर्ड लो बताया गया है।
इसके बाद शेयर में तेज तेजी आई और महज करीब दो महीने में यह 83.86 फीसदी उछलकर ₹787.85 तक पहुंच गया। 29 मई 2026 को शेयर ने अपना एक साल का रिकॉर्ड हाई बनाया।
हालांकि इस हाई से शेयर में अब अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर खरीदारी की थी, उनके लिए मौजूदा कमजोरी चिंता का कारण बन सकती है।
एनालिस्ट्स की क्या है राय?
Triveni Turbine को कवर करने वाले 9 एनालिस्ट्स में से 6 ने Buy, 2 ने Hold और 1 ने Sell रेटिंग दी है।
यह राय बताती है कि विश्लेषकों का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के कारोबार की लंबी अवधि की संभावनाओं को लेकर अभी भी सकारात्मक है। हालांकि ताजा तिमाही नतीजों के बाद मार्जिन में सुधार और मुनाफे की रिकवरी पर नजर रखना जरूरी होगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Triveni Turbine के तिमाही नतीजों की सबसे बड़ी तस्वीर यह है कि रेवेन्यू और ऑर्डर इनफ्लो मजबूत रहे, लेकिन मार्जिन और मुनाफे में गिरावट ने चिंता बढ़ा दी। यही वजह है कि अच्छे टॉपलाइन आंकड़ों के बावजूद बाजार ने शेयर को नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
निचले स्तर पर शेयर में खरीदारी का आकर्षण दिख सकता है, लेकिन सिर्फ तेज गिरावट को देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को आगे कंपनी के EBITDA मार्जिन, ऑर्डर बुक, डिलीवरी और मुनाफे में रिकवरी के संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।
खास तौर पर वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में कंपनी जिस सुधार की उम्मीद जता रही है, वह शेयर की आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए विचार और जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


