नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर लोगों की नजर टिकी हुई है। 6 अप्रैल 2026 को भी आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह रही कि देश के ज्यादातर शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
आज के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट (6 अप्रैल 2026)
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 103.54 | 90.03 |
| कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
| चेन्नई | 100.80 | 92.39 |
| बेंगलुरु | 102.92 | 90.99 |
| हैदराबाद | 107.46 | 95.70 |
मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में अभी भी कीमतें सबसे ज्यादा बनी हुई हैं, जबकि दिल्ली में तुलनात्मक रूप से कम हैं।
निजी कंपनियों ने बढ़ाए दाम, सरकारी कंपनियां सावधान
हाल ही में ईंधन बाजार में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है:
- Shell India ने पेट्रोल ₹7.41/लीटर और डीजल ₹25.01/लीटर तक महंगा किया
- वहीं सरकारी कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation Ltd ने सीमित बदलाव किए
- प्रीमियम पेट्रोल XP100 ₹160/लीटर के पार चला गया
- प्रीमियम डीजल XtraGreen भी महंगा हुआ
लेकिन राहत की बात यह है कि आम (रेगुलर) पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, क्योंकि यही सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।
सरकार ने कैसे संभाली स्थिति?
केंद्र सरकार ने पिछले महीने कुछ अहम कदम उठाए:
- पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹3/लीटर घटाई
- डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह हटा दी
इससे सरकारी तेल कंपनियों को राहत मिली और वे कीमतों को ज्यादा बढ़ने से रोक पाईं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय कैसे होती हैं?
भारत में ईंधन की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं:
1. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत
Crude oil जितना महंगा होगा, पेट्रोल-डीजल उतना महंगा।
2. डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत
अगर रुपया कमजोर होता है, तो आयात महंगा पड़ता है।
3. टैक्स (केंद्र + राज्य)
यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग होती हैं।
4. ट्रांसपोर्ट और डिमांड-सप्लाई
शहर, दूरी और मांग भी कीमतों को प्रभावित करते हैं।
अलग-अलग शहरों में कीमतें क्यों अलग?
- हर राज्य का VAT अलग होता है
- ट्रांसपोर्ट लागत बदलती रहती है
- लोकल डिमांड भी असर डालती है
इसलिए दिल्ली और मुंबई में कीमतों का अंतर साफ दिखाई देता है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल कीमतें स्थिर हैं, लेकिन:
- वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है
- चुनावी माहौल में सरकार कीमतों को नियंत्रित रख सकती है
- अगर कच्चा तेल और महंगा हुआ, तो आगे असर दिख सकता है
निष्कर्ष
6 अप्रैल 2026 को आम लोगों के लिए राहत यह है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, वैश्विक हालात और निजी कंपनियों के बढ़ते दाम यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में कीमतों में बदलाव संभव है।
Also Read:


