पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सोमवार को सर्राफा बाजार से एक बड़ी खबर सामने आई है। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट निवेशकों के लिए राहत की खबर हो सकती है, लेकिन बाजार की दिशा अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं मानी जा रही।
आज का ताज़ा भाव (Gold Silver Rate Today)
- सोना (Gold): ₹1100 की गिरावट के साथ करीब ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम
- चांदी (Silver): ₹2290 की गिरावट के साथ करीब ₹2.31 लाख प्रति किलो
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव:
- दिल्ली: ₹1,51,070 प्रति 10 ग्राम
- मुंबई: ₹1,50,920 प्रति 10 ग्राम
क्यों आई कीमतों में गिरावट?
सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जुड़ी हुई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण पहले कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन अब मुनाफावसूली और बाजार में अस्थिरता के चलते हल्की गिरावट देखने को मिली है।
वैश्विक बाजार में:
- हाजिर सोना लगभग $4,591.52 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेत, डॉलर-रुपया विनिमय दर और वैश्विक आर्थिक स्थिति का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
MCX पर क्या रहा हाल?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी मिला-जुला रुख देखने को मिला:
- सोना वायदा: 0.02% (₹30) गिरकर ₹1,49,650 प्रति 10 ग्राम
- चांदी वायदा: 4.48% (₹10,901) गिरकर ₹2,32,600 प्रति किलो
पिछले हफ्ते का ट्रेंड
दिलचस्प बात यह है कि गिरावट के बावजूद:
- पिछले एक सप्ताह में 24 कैरेट सोना ₹2,860 तक महंगा हुआ
- 22 कैरेट सोना भी करीब ₹2,600 बढ़ा
इससे साफ है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन लंबी अवधि में रुझान अभी भी मजबूत है।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
विश्लेषकों के अनुसार:
- इस सप्ताह सोना और चांदी सीमित दायरे में रह सकते हैं
- लेकिन रुझान पॉजिटिव रहने की संभावना है
- निवेशकों की नजर खासतौर पर:
- पश्चिम एशिया तनाव
- वैश्विक आर्थिक डेटा
- डॉलर की चाल
पूरे साल में शानदार प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो:
- सोना: ₹57,350 प्रति 10 ग्राम (करीब 61% उछाल)
- चांदी: ₹1,34,500 प्रति किलो (करीब 131% उछाल)
यानी गिरावट के बावजूद कीमती धातुओं ने लंबी अवधि में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।
निष्कर्ष
आज की गिरावट भले ही छोटी हो, लेकिन यह बाजार के उतार-चढ़ाव का हिस्सा है। सोना और चांदी अभी भी निवेश के लिहाज से मजबूत विकल्प बने हुए हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक हालात तय करेंगे कि कीमतें किस दिशा में जाएंगी।
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