नई दिल्ली/मुंबई | 29 अप्रैल 2026
मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुए दिल दहला देने वाले चाकूबाजी हमले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में घायल गार्ड के बयान और CCTV फुटेज ने पूरी घटना की भयावहता को सामने ला दिया है—जहां एक आरोपी ने कथित तौर पर धर्म पूछकर हमला किया।
“मैं मर जाऊंगा…” – आखिरी कॉल जिसने सब हिला दिया
घटना के दौरान घायल सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा ने अपने साथी गार्ड को फोन पर कहा:
“मैं मर जाऊंगा… प्लीज बचा लो…”
यह कॉल उस समय किया गया जब वह गंभीर रूप से घायल थे और अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे।
गार्ड सुब्रतो सेन, जो खुद भी हमले में घायल हुए, ने पुलिस को बताया कि यह पूरी घटना कुछ ही मिनटों में बेहद हिंसक मोड़ ले गई।
हमला कैसे शुरू हुआ? – पूरी टाइमलाइन
THE MOMENT MUMBAI'S "KALMA" KNIFER SPREAD TERROR.
Radicalized Zubair Ansari caught on camera attacking guards in Mumbai because they couldn't recite the Kalma. Shocking details in F.I.R. filed by the police brings back echoes of Pahalgam. pic.twitter.com/HKDwOmNFD1
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) April 28, 2026 घटना सोमवार तड़के करीब 4 बजे की बताई जा रही है:
- आरोपी Zaib Zuber Ansari सबसे पहले गार्ड से रास्ता और धार्मिक पहचान से जुड़े सवाल पूछता है
- कुछ घंटों बाद वही व्यक्ति फिर लौटता है
- सुबह करीब 4:30 बजे वह गार्ड का पीछा करता है
- अचानक चाकू निकालकर हमला करता है
- गार्ड किसी तरह भागकर सुपरवाइजर के केबिन में पहुंचता है
- आरोपी वहां भी घुस जाता है और कथित तौर पर धार्मिक सवाल पूछते हुए हमला करता है
“Lone Wolf” अटैक या कुछ और?
Pahalgam-like Attack in Mumbai's Mini-Pakistan
In Mira Bhayander, Zain Zubair Ansari stabbed two security guards, Rajkumar Mishra and Subroto Ramesh Sen, around 4 am after they refused to recite the Kalma.
He first asked about the religion of the victims and then asked them to… pic.twitter.com/qt85EYiRbb
— Subhi Vishwakarma (@subhi_karma) April 28, 2026 पुलिस और ATS की शुरुआती जांच में इस हमले को एक संभावित “लोन वुल्फ” (अकेले हमलावर) अटैक के तौर पर देखा जा रहा है।
जांच में सामने आए कुछ अहम बिंदु:
- आरोपी के पास से “ISIS”, “जिहाद”, “गाज़ा” जैसे शब्दों वाले नोट्स मिले
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ की जांच जारी है
- शक है कि वह ऑनलाइन कट्टरपंथी सामग्री से प्रभावित हुआ
यह एंगल इस केस को सिर्फ एक क्राइम नहीं, बल्कि साइबर-रेडिकलाइजेशन के खतरे से जोड़ता है।
घायल कैसे बचे?
- राजकुमार मिश्रा गंभीर हालत में भी खुद अस्पताल पहुंचे
- सुब्रतो सेन को एक स्थानीय व्यक्ति ने मदद पहुंचाई
- दोनों का इलाज जारी है
यह दिखाता है कि घटना कितनी अचानक और खतरनाक थी।
पुलिस एक्शन: 90 मिनट में गिरफ्तारी
मुंबई पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए:
- CCTV फुटेज खंगाले
- करीब 90 मिनट के अंदर आरोपी को पकड़ लिया
- केस दर्ज किया गया:
- हत्या की कोशिश (Attempt to Murder)
- समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप
आरोपी को अदालत में पेश कर 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
जांच अब किस दिशा में?
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं:
- क्या आरोपी अकेले काम कर रहा था?
- क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है?
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से कट्टरपंथ कैसे फैल रहा है?
NewsJagran Insight
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं है।
यह तीन बड़े मुद्दों को सामने लाती है:
- शहरी इलाकों में सुरक्षा की चुनौती
- ऑनलाइन कट्टरपंथ (Radicalisation) का खतरा
- धार्मिक पहचान पर आधारित हिंसा का बढ़ता जोखिम
ऐसे मामलों में सिर्फ पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि
डिजिटल निगरानी, मानसिक स्वास्थ्य सपोर्ट और सामाजिक जागरूकता भी उतनी ही जरूरी हो जाती है।
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