Hindustan Copper OFS: केंद्र सरकार सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी हिस्सेदारी कम करने जा रही है। सरकार ने OFS के लिए ₹514 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। यह कीमत सोमवार को शेयर के बंद भाव ₹574.15 से करीब 10.5% कम है। वहीं, कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों और कॉपर की कीमतों में तेजी के चलते हिंदुस्तान कॉपर के शेयर ने पिछले एक साल में करीब 140% का रिटर्न दिया है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, OFS के तहत शुरुआती तौर पर कंपनी की 3% हिस्सेदारी बेची जाएगी। अगर निवेशकों की ओर से अतिरिक्त मांग आती है, तो सरकार ग्रीन-शू ऑप्शन के तहत 3% अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेच सकती है। इस तरह कुल बिक्री 6% तक पहुंच सकती है।
₹514 का फ्लोर प्राइस क्यों है खास?
हिंदुस्तान कॉपर के शेयर सोमवार को 0.25% की मामूली बढ़त के साथ ₹574.15 पर बंद हुए। इसके मुकाबले सरकार ने OFS के लिए ₹514 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है।
इसका मतलब है कि OFS का न्यूनतम मूल्य बाजार भाव से करीब ₹60 प्रति शेयर कम है। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो ₹514 का फ्लोर प्राइस सोमवार के क्लोजिंग भाव से लगभग 10.5% नीचे है।
हालांकि, OFS का फ्लोर प्राइस शेयर के बाजार भाव से कम होने का मतलब यह नहीं है कि शेयर का बाजार भाव सीधे इसी स्तर तक गिरना तय है। OFS में संस्थागत और अन्य पात्र निवेशकों की मांग, बाजार का रुख और कॉपर की कीमतों की दिशा जैसे कई कारक शेयर पर असर डाल सकते हैं।
सरकार को मिल सकते हैं करीब ₹3,000 करोड़
अगर सरकार ग्रीन-शू ऑप्शन समेत हिंदुस्तान कॉपर की पूरी 6% हिस्सेदारी ₹514 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचने में सफल रहती है, तो उसे करीब ₹3,000 करोड़ मिल सकते हैं।
फिलहाल हिंदुस्तान कॉपर में भारत सरकार की हिस्सेदारी करीब 66% है। OFS के जरिए 6% हिस्सेदारी बेचने के बाद सरकार की हिस्सेदारी घटकर लगभग 60% रह सकती है।
इस बिक्री से सरकार को विनिवेश के जरिए राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनी में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ने से बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या भी बढ़ेगी।
रिटेल निवेशकों के लिए भी हिस्सा आरक्षित
OFS में रिटेल निवेशकों की भागीदारी के लिए भी हिस्सा रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुल ऑफर का 10% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा।
इसके अलावा पात्र कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयर अलग रखे गए हैं। इससे अलग-अलग श्रेणी के निवेशकों को इस OFS में भाग लेने का अवसर मिल सकता है।
जून तिमाही में हिंदुस्तान कॉपर का प्रदर्शन मजबूत
सरकार का OFS फैसला ऐसे समय में आया है जब हिंदुस्तान कॉपर ने हालिया तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है।
जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹353 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा करीब ₹134 करोड़ था।
इसी तरह कंपनी का रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ा। जून तिमाही में राजस्व 81.4% बढ़कर ₹936.5 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह करीब ₹516.4 करोड़ था।
मुनाफे और राजस्व में इस मजबूत वृद्धि ने कंपनी के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाने में भी भूमिका निभाई है।
कॉपर की कीमतों में तेजी से कंपनी को सपोर्ट
हिंदुस्तान कॉपर के कारोबार के लिए कॉपर की कीमतों की दिशा बेहद महत्वपूर्ण है। वैश्विक बाजार में हाल के दिनों में कॉपर की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली है।
पिछले सप्ताह कॉपर की कीमत 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई थी। यह जनवरी के अंत के बाद का सबसे ऊंचा इंट्राडे स्तर बताया गया। कॉपर में लगातार छह सप्ताह तक तेजी देखने को मिली।
सप्लाई को लेकर चिंता और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बाजार की धारणा में बदलाव जैसे कारकों ने भी कॉपर की कीमतों को सपोर्ट किया। अगर कॉपर की कीमतों में मजबूती बनी रहती है, तो इससे कॉपर उत्पादक कंपनियों के कारोबार और निवेशकों की धारणा को फायदा मिल सकता है।
1 महीने में 17.5% और 1 साल में करीब 140% चढ़ा शेयर
हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में पिछले कुछ समय से जोरदार तेजी देखने को मिली है। सोमवार के बंद भाव ₹574.15 के आधार पर शेयर ने पिछले 1 महीने में करीब 17.54% की बढ़त दर्ज की है।
वहीं, पिछले 1 साल में शेयर करीब 140% चढ़ चुका है। यानी लंबी अवधि में शेयर ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।
हालांकि, किसी शेयर का पिछला प्रदर्शन भविष्य में भी उसी तरह का रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं देता। खासतौर पर कमोडिटी से जुड़ी कंपनियों के शेयर कॉपर की कीमत, वैश्विक मांग, सप्लाई, डॉलर, ब्याज दरों और बाजार की धारणा से प्रभावित हो सकते हैं।
OFS से शेयर पर क्या असर पड़ सकता है?
सरकार की ओर से इतनी बड़ी हिस्सेदारी बिक्री की घोषणा से शेयर पर अल्पावधि में दबाव देखने को मिल सकता है। इसकी एक वजह यह है कि बाजार में अतिरिक्त शेयर उपलब्ध होंगे और OFS का फ्लोर प्राइस मौजूदा बाजार भाव से नीचे है।
दूसरी ओर, कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे और कॉपर की कीमतों में तेजी इसके लिए सकारात्मक पहलू हैं। इसलिए निवेशकों को केवल OFS के डिस्काउंट को देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी के कारोबार, कॉपर के वैश्विक भाव और शेयर के वैल्यूएशन पर भी नजर रखनी चाहिए।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
हिंदुस्तान कॉपर के OFS को लेकर निवेशकों के लिए कुछ प्रमुख बातें महत्वपूर्ण हैं:
- OFS फ्लोर प्राइस: ₹514 प्रति शेयर
- प्रारंभिक हिस्सेदारी बिक्री: 3%
- ग्रीन-शू ऑप्शन: अतिरिक्त 3%
- अधिकतम हिस्सेदारी बिक्री: 6%
- सरकार की मौजूदा हिस्सेदारी: करीब 66%
- 6% बिक्री के बाद हिस्सेदारी: करीब 60%
- रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षण: 10%
- कर्मचारियों के लिए आरक्षित शेयर: 25,000
- सोमवार का बंद भाव: ₹574.15
- 1 महीने का रिटर्न: करीब 17.54%
- 1 साल का रिटर्न: करीब 140%
निष्कर्ष
हिंदुस्तान कॉपर में सरकार की 6% तक हिस्सेदारी बेचने की योजना ऐसे समय आई है जब कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत है और कॉपर की वैश्विक कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। ₹514 का OFS फ्लोर प्राइस सोमवार के बाजार भाव से करीब 10.5% नीचे है, जिससे यह बिक्री निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बन गई है।
हालांकि, OFS में निवेश करने से पहले केवल डिस्काउंट को देखकर फैसला करना उचित नहीं होगा। कॉपर की कीमतों की आगे की दिशा, कंपनी के आगामी नतीजे, सरकारी हिस्सेदारी में बदलाव और शेयर के मौजूदा वैल्यूएशन जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


