Gold Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार, 24 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव ₹900 बढ़कर ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसके साथ ही सोना करीब पांच महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम थी।
सोने के साथ-साथ चांदी में भी बड़ी तेजी देखने को मिली। सोमवार को चांदी ₹3,500 प्रति किलो महंगी होकर ₹2,53,500 प्रति किलो पर पहुंच गई। चांदी में यह लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी है। घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में इस उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार के मजबूत संकेत, कमजोर अमेरिकी डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव को अहम वजह माना जा रहा है।
दिल्ली में 5 महीने के हाई पर पहुंचा सोना
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव सोमवार को ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम रहा। शुक्रवार के मुकाबले इसमें ₹900 की बढ़ोतरी हुई है।
सोने का मौजूदा भाव इस साल मार्च के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोना आखिरी बार 9 मार्च को लगभग इसी स्तर पर कारोबार करता नजर आया था। उस समय इसकी कीमत ₹1,64,300 प्रति 10 ग्राम थी।
इस तेजी ने घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को फिर बढ़ा दिया है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।
चांदी ₹3,500 महंगी, लगातार तीसरे दिन तेजी
सोने के अलावा चांदी की कीमत में भी सोमवार को बड़ा उछाल आया। चांदी ₹3,500 बढ़कर ₹2,53,500 प्रति किलोग्राम हो गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,50,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।
चांदी में यह लगातार तीसरे कारोबारी सत्र की तेजी है। मौजूदा भाव अप्रैल के स्तर के भी करीब पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी आखिरी बार 17 अप्रैल को ₹2,53,000 प्रति किलो के स्तर पर पहुंची थी।
चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कीमती धातुओं में निवेश मांग के अलावा वैश्विक बाजार के संकेत भी महत्वपूर्ण हैं। सोने की तरह चांदी को भी बाजार में अनिश्चितता के दौरान निवेशकों का समर्थन मिल सकता है।
कमजोर डॉलर ने सोने को दिया सपोर्ट
घरेलू बाजार में सोने की तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर में कमजोरी को माना जा रहा है। आम तौर पर डॉलर कमजोर होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिलता है, क्योंकि अन्य मुद्राओं में सोना खरीदने वाले निवेशकों के लिए इसकी लागत अपेक्षाकृत कम हो जाती है।
Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिला है।
भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की खबरों के बीच बाजार में अनिश्चितता बढ़ने से निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे माहौल में सोने की मांग बढ़ना कीमतों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमत बढ़ी
घरेलू बाजार की तेजी का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखाई दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, स्पॉट गोल्ड करीब 42.45 डॉलर यानी लगभग 1 फीसदी बढ़कर 4,646.54 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 69 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर रही। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ा।
भारत में सोने की घरेलू कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय भाव पर निर्भर नहीं करतीं। रुपये और डॉलर की चाल, आयात लागत, स्थानीय मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करती हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग
सोने को लंबे समय से संकट और अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर देखा जाता है। जब वैश्विक स्तर पर युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो कुछ निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सोने की ओर रुख कर सकते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। अगर यह तनाव आगे बढ़ता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था या कच्चे तेल की कीमतों पर इसका असर पड़ता है, तो सोने की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
हालांकि, भू-राजनीतिक घटनाओं का असर हमेशा एक जैसा नहीं रहता। तनाव कम होने या निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने पर सोने की कीमतों में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।
अब फेडरल रिजर्व और महंगाई पर नजर
सोने में तेजी के बीच निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी होती है, तो इससे महंगाई को लेकर दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी केंद्रीय बैंक के सामने महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है।
Kotak Securities की AVP Commodity Research कायनात चेनवाला के मुताबिक, बाजार यह देखेगा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को फेड अस्थायी मानता है या इससे महंगाई के लिए बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है।
इसलिए आने वाले दिनों में सोने की दिशा केवल भू-राजनीतिक तनाव से तय नहीं होगी। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और फेड की टिप्पणियां भी सोने की कीमतों के लिए अहम संकेत दे सकती हैं।
क्या सोना और चांदी आगे भी बढ़ेंगे?
सोने और चांदी में मौजूदा तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं की तरफ खींचा है। सोना पहले ही पांच महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच चुका है, जबकि चांदी भी अप्रैल के आसपास के स्तरों तक पहुंच गई है।
आगे कीमतों की दिशा कई कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें अमेरिका की मौद्रिक नीति, महंगाई, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख हैं।
अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है और डॉलर में कमजोरी जारी रहती है, तो सोने को आगे भी समर्थन मिल सकता है। दूसरी ओर, अगर तनाव कम होता है या अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख अपेक्षा से ज्यादा सख्त रहता है, तो ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
इसलिए मौजूदा रिकॉर्डनुमा स्तरों पर सोना या चांदी खरीदने वाले निवेशकों को कीमत के साथ-साथ बाजार के इन संकेतकों पर भी नजर रखनी चाहिए।
Gold Price Today: एक नजर में
| कीमती धातु | सोमवार का भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| 24 कैरेट सोना | ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम | ₹900 तेजी |
| चांदी | ₹2,53,500 प्रति किलो | ₹3,500 तेजी |
नोट: सोने और चांदी के भाव शहर, ज्वेलरी की शुद्धता, मेकिंग चार्ज, GST और अन्य स्थानीय शुल्क के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। ऊपर दिए गए आंकड़े दिल्ली के सर्राफा बाजार से संबंधित हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखकर तुरंत निवेश का फैसला करना जरूरी नहीं है। कीमती धातुओं की कीमतें वैश्विक बाजार, डॉलर, ब्याज दरों, महंगाई और भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होती हैं। इसलिए निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और जानकारी के उद्देश्य से है। इसे किसी भी तरह की निवेश सलाह या सोने-चांदी की खरीद-बिक्री की सिफारिश न माना जाए। किसी भी निवेश या वित्तीय फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।


