Highlights
- जून में पहली बार EV, CNG और Hybrid वाहनों की हिस्सेदारी 40% के पार पहुंची।
- महंगे पेट्रोल-डीजल ने ग्राहकों का रुख वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की ओर मोड़ा।
- टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, महिंद्रा समेत कई ऑटो और ऑटो पार्ट्स कंपनियां फायदे की स्थिति में।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद पेट्रोल-डीजल महंगे होने का असर अब भारतीय ऑटो बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। ग्राहक अब केवल गाड़ी की कीमत और माइलेज नहीं देख रहे, बल्कि ईंधन पर होने वाले खर्च को भी खरीदारी का बड़ा आधार बना रहे हैं। यही वजह है कि EV (इलेक्ट्रिक), CNG और Hybrid वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है।
जून 2026 में पहली बार भारत में बिकने वाली हर 10 में से 4 से ज्यादा पैसेंजर गाड़ियां EV, CNG या Hybrid तकनीक वाली रहीं। इससे ऑटो कंपनियों के साथ-साथ निवेशकों का भी ध्यान उन शेयरों पर गया है जो इस बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।
जून में बना नया रिकॉर्ड
ऑटो डीलर्स संगठन फाडा (FADA) के अनुसार जून में पैसेंजर व्हीकल बिक्री में EV, CNG और Hybrid वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी बढ़कर 40.35% पहुंच गई। मई में यह आंकड़ा करीब 38% था।
वहीं कुल वाहन बिक्री सालाना आधार पर 21.8% बढ़कर करीब 26 लाख यूनिट रही। पैसेंजर व्हीकल बिक्री में 28.6% की बढ़ोतरी दर्ज हुई और बिक्री 4.10 लाख यूनिट के पार पहुंच गई।
जून 2026 के प्रमुख आंकड़े
| पैरामीटर | आंकड़े |
|---|---|
| EV + CNG + Hybrid हिस्सेदारी | 40.35% |
| मई में हिस्सेदारी | करीब 38% |
| Passenger Vehicle बिक्री | 4,10,853 यूनिट |
| सालाना वृद्धि | 28.6% |
| कुल वाहन बिक्री | 26 लाख यूनिट |
| कुल बिक्री में वृद्धि | 21.8% |
| CNG कारों की हिस्सेदारी | 24.3% |
| Hybrid कारों की हिस्सेदारी | 8.3% |
| EV कारों की हिस्सेदारी | 7.8% |
| इलेक्ट्रिक दोपहिया हिस्सेदारी | 10.6% |
| मारुति CNG बुकिंग | करीब 40% बढ़ी |
CNG बनी सबसे पसंदीदा तकनीक
जून में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी CNG वाहनों की रही, जो 24.3% तक पहुंच गई। इसके बाद Hybrid वाहनों की हिस्सेदारी 8.3% और EV की 7.8% रही।
वहीं दोपहिया बाजार में भी इलेक्ट्रिक वाहनों ने नया रिकॉर्ड बनाया। पहली बार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की हिस्सेदारी 10% के आंकड़े को पार करते हुए 10.6% तक पहुंच गई।
मारुति सुजुकी के मुताबिक, ईंधन महंगा होने के बाद उसकी CNG कारों की बुकिंग में लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आगे केवल गाड़ियां नहीं, पूरा EV इकोसिस्टम बढ़ेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में केवल वाहन निर्माता ही नहीं, बल्कि EV से जुड़ी पूरी वैल्यू चेन तेज़ी से आगे बढ़ सकती है।
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा अवसर दिखाई दे रहे हैं—
- EV चार्जिंग नेटवर्क
- बैटरी स्टोरेज
- EV फाइनेंस
- इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और कृषि उपकरण
- EV पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स
सरकारी नीतियां और बढ़ता चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस सेक्टर को और गति दे सकते हैं।
इन ऑटो शेयरों पर एक्सपर्ट की नजर
Jainam Broking के रिसर्च हेड (Retail Broking) एवं Associate Vice President (Investment & Research) हिमांशु गुप्ता के अनुसार जिन कंपनियों के पास EV, CNG, Hybrid और पारंपरिक ICE वाहनों का मजबूत पोर्टफोलियो है, वे आने वाले वर्षों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
1. टाटा मोटर्स (TMPV)
टाटा मोटर्स फिलहाल EV और CNG दोनों सेगमेंट में मजबूत स्थिति में है। जून में कंपनी की कुल बिक्री में EV और CNG मॉडलों की हिस्सेदारी करीब 48.6% रही, जबकि केवल EV की हिस्सेदारी 21.3% तक पहुंच गई। कंपनी जल्द ही Sierra EV और Safari EV लॉन्च करने की तैयारी में है।
CMP: ₹343
एक्सपर्ट टारगेट: ₹450
2. मारुति सुजुकी
मारुति सुजुकी देश की सबसे बड़ी CNG कार निर्माता बनी हुई है। कंपनी की लगभग 25% बिक्री CNG मॉडल से आती है। साथ ही Hybrid सेगमेंट पर भी कंपनी लगातार फोकस बढ़ा रही है। ग्रामीण और छोटे शहरों में मजबूत नेटवर्क इसे अतिरिक्त बढ़त देता है।
CMP: ₹14,550
एक्सपर्ट टारगेट: ₹15,500
3. महिंद्रा एंड महिंद्रा
महिंद्रा एंड महिंद्रा इलेक्ट्रिक SUV बाजार में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। कंपनी की नई BE 6 और XEV 9e को ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। ट्रैक्टर और SUV कारोबार भी इसकी बड़ी ताकत है।
CMP: ₹3,201
एक्सपर्ट टारगेट: ₹3,400
दोपहिया और तीनपहिया EV कंपनियां भी फोकस में
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी कई कंपनियां निवेशकों की नजर में बनी हुई हैं।
| कंपनी | सेक्टर | CMP (₹) | एक्सपर्ट टारगेट (₹) |
|---|---|---|---|
| Ola Electric | इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर | 42 | 55 |
| Atul Auto | इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर | 491 | 600 |
| Bajaj Auto | इलेक्ट्रिक टू एवं थ्री-व्हीलर | 10,115 | 11,500 |
दिल्ली की नई EV पॉलिसी और अन्य राज्यों में ऐसी नीतियों के विस्तार से इन कंपनियों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
ऑटो पार्ट्स कंपनियां भी बन सकती हैं बड़ी विजेता
EV थीम का फायदा केवल वाहन निर्माता कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। EV कॉम्पोनेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियां भी इस बदलाव से लाभान्वित हो सकती हैं।
इन कंपनियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है—
- सोना BLW प्रिसिजन फोर्जिंग्स
- वरॉक इंजीनियरिंग
- यूनो मिंडा
- समवर्धना मदरसन
ये कंपनियां EV मोटर, ड्राइवट्रेन, चार्जिंग सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स की सप्लाई करती हैं, जिससे EV बाजार के विस्तार का सीधा फायदा इन्हें मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए शेयरों के नाम या टारगेट निवेश की सलाह नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


