GIFT Nifty Indicator: लगातार दो हफ्तों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को थोड़ी राहत देखने को मिल सकती है। शुरुआती संकेतों के मुताबिक सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ होने की उम्मीद है। हालांकि, बाजार की चाल पूरी तरह आसान नहीं रहने वाली है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और ईरान पर अमेरिका की संभावित नई पाबंदियों को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
सुबह 8:30 बजे IST पर GIFT Nifty Futures 24,378 अंक के आसपास कारोबार कर रहा था। शुक्रवार को Nifty 50 24,252 अंक पर बंद हुआ था। इस हिसाब से GIFT Nifty करीब 126 अंक ऊपर था, जिससे घरेलू बाजार में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।
हालांकि, शुरुआती बढ़त को बाजार की दिशा में बड़े बदलाव के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी। निवेशक ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की चाल और अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों पर नजर रखेंगे।
शुक्रवार को सपाट रहा घरेलू बाजार
पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा। सेंसेक्स लगभग सपाट बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 24,300 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे रहा।
Sensex 3.11 अंक या 0.00 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 अंक पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 20.15 अंक या 0.08 फीसदी गिरकर 24,252 अंक पर बंद हुआ।
ऐसे में सोमवार की शुरुआत में GIFT Nifty का 24,378 के आसपास रहना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन दिन की दिशा तय करने में ग्लोबल बाजार और घरेलू स्तर पर बिकवाली-खरीदारी का संतुलन अहम रहेगा।
क्रूड ऑयल की कीमतों पर बाजार की नजर
इस समय कच्चा तेल भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाहरी संकेतकों में से एक बना हुआ है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की स्थिति में क्रूड की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, अगर क्रूड में नरमी आती है तो भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जाएगा।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के लिए चिंता का विषय होती हैं क्योंकि इससे देश का आयात बिल बढ़ सकता है और रुपये पर भी दबाव बन सकता है। इसके अलावा महंगे क्रूड से कंपनियों की लागत बढ़ने की संभावना रहती है, जिसका असर मार्जिन और मुनाफे पर पड़ सकता है।
हालांकि, मौजूदा समय में WTI क्रूड करीब 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार की नजर इस बात पर है कि ईरान पर अमेरिका की संभावित नई पाबंदियों के बाद तेल की सप्लाई और कीमतों पर क्या असर पड़ता है।
इसलिए क्रूड में किसी भी स्थायी नरमी को भारतीय बाजार के लिए राहत देने वाला संकेत माना जा सकता है।
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
सोमवार को एशियाई बाजारों में भी निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। बाजार की नजर एक तरफ ईरान पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों पर है, तो दूसरी तरफ इस सप्ताह आने वाले Nvidia के नतीजों का इंतजार भी किया जा रहा है।
Nvidia के नतीजे वैश्विक टेक्नोलॉजी और AI से जुड़े शेयरों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। कंपनी के नतीजों और मैनेजमेंट की गाइडेंस से यह पता चल सकता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों में निवेश की मौजूदा तेजी आगे भी कायम रहती है या नहीं।
इसका असर सिर्फ अमेरिकी बाजार तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि एशियाई बाजारों और भारतीय IT एवं टेक शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है।
FPIs की भारतीय बाजार में वापसी
भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे सकारात्मक संकेतों में से एक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPIs की खरीदारी है।
अगस्त में अब तक FPIs ने भारतीय इक्विटी में करीब 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है। जुलाई में भी विदेशी निवेशकों ने करीब 20,200 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।
यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले विदेशी निवेशक लगातार कई महीनों तक भारतीय शेयरों में भारी बिकवाली कर रहे थे। अब खरीदारी लौटने से बाजार में विदेशी निवेशकों के भरोसे में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक FPIs की भारतीय बाजार में वापसी के पीछे कई कारण हैं। इनमें पहली तिमाही के नतीजों में कमाई की बेहतर तस्वीर, ‘चिप ट्रेड’ से विदेशी निवेशकों का बाहर निकलना, रुपये में स्थिरता और व्यापक बाजार की कंपनियों में ग्रोथ की बेहतर संभावनाएं शामिल हैं।
अगर विदेशी निवेशकों की खरीदारी आने वाले सत्रों में भी जारी रहती है, तो यह भारतीय बाजार को सपोर्ट देने वाला महत्वपूर्ण फैक्टर बन सकता है।
Nifty के लिए 24,300 का स्तर अहम
GIFT Nifty के संकेतों के मुताबिक सोमवार को Nifty 50 की शुरुआत 24,300 के ऊपर या उसके आसपास हो सकती है। ऐसे में कारोबार के दौरान यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिक पाता है या नहीं।
पिछली क्लोजिंग 24,252 के मुकाबले 24,300-24,350 का क्षेत्र शुरुआती कारोबार में अहम रहेगा। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में खरीदारी का भरोसा बढ़ सकता है।
वहीं, अगर शुरुआती बढ़त टिक नहीं पाती और इंडेक्स फिर 24,250 के आसपास फिसलता है, तो निवेशक सतर्क हो सकते हैं। इसके नीचे कमजोरी बढ़ने की स्थिति में बाजार पर दोबारा बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
इसलिए सोमवार को केवल GIFT Nifty की शुरुआती बढ़त पर निर्भर रहने के बजाय कारोबार के दौरान सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखना जरूरी होगा।
Bank Nifty में क्या है आउटलुक?
Bank Nifty का तकनीकी सेटअप फिलहाल तुलनात्मक रूप से मजबूत नजर आ रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी एक रेंज में कारोबार कर रहा है और ऊपरी स्तरों पर रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है।
Enrich Money के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक Bank Nifty के लिए 57,800-58,000 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस जोन है।
अगर Bank Nifty 58,000 के ऊपर लगातार टिकने में सफल रहता है, तो खरीदारी का मोमेंटम मजबूत हो सकता है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स के लिए 58,300-58,500 के स्तर अगला लक्ष्य बन सकते हैं।
वहीं, नीचे की तरफ 57,400-57,300 तत्काल सपोर्ट जोन है। इसके बाद 57,100-57,000 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
अगर Bank Nifty 57,000 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर कमजोर पड़ सकता है और बाजार में फिर से बिकवाली बढ़ने की संभावना बन सकती है।
बाजार के लिए आज के प्रमुख ट्रिगर
सोमवार के कारोबार में निवेशकों को इन प्रमुख संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए:
- GIFT Nifty: 24,378 के आसपास, जिससे सकारात्मक शुरुआत के संकेत।
- Nifty 50: 24,300 के ऊपर टिकना बाजार के लिए सकारात्मक रहेगा।
- क्रूड ऑयल: मिडिल ईस्ट तनाव और ईरान पर संभावित प्रतिबंधों से दिशा प्रभावित हो सकती है।
- FPIs की खरीदारी: अगस्त में विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
- Nvidia Results: ग्लोबल टेक और AI शेयरों की चाल पर असर पड़ सकता है।
- Bank Nifty: 58,000 तत्काल रेजिस्टेंस और 57,000 प्रमुख सपोर्ट।
- मिडिल ईस्ट तनाव: किसी भी नई खबर से बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
क्या आज बाजार में आएगी तेजी?
GIFT Nifty के मौजूदा संकेतों को देखते हुए सोमवार को भारतीय बाजार की शुरुआत सकारात्मक रहने की संभावना है। लगातार दो सप्ताह की गिरावट के बाद अगर क्रूड में नरमी आती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो बाजार के सेंटिमेंट में सुधार हो सकता है।
हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव और ईरान को लेकर अमेरिका के अगले कदम बाजार के लिए बड़ा रिस्क बने हुए हैं। इसलिए शुरुआती तेजी के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता।
कुल मिलाकर, GIFT Nifty मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है, लेकिन बाजार को 24,300 के ऊपर मजबूती बनाए रखने की जरूरत होगी। वहीं Bank Nifty में 58,000 के ऊपर टिकाव तेजी को और मजबूत कर सकता है, जबकि 57,000 के नीचे कमजोरी का संकेत मिल सकता है।
डिस्क्लेमर
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