Asian Market Today: सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में दबाव देखने को मिला। निवेशकों की नजर इस सप्ताह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों के प्रदर्शन, Nvidia के नतीजों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सालाना सिम्पोजियम पर टिकी है। AI से जुड़े शेयरों में मुनाफावसूली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
MSCI का एशिया-पैसिफिक इंडेक्स करीब 0.1% नीचे रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.66% गिरा, जबकि जापान का निक्केई 225 करीब 0.49% नीचे आया। हालांकि, जापान के व्यापक टॉपिक्स इंडेक्स में 0.16% की बढ़त रही। हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स में भी करीब 0.5% की कमजोरी देखी गई।
AI शेयरों पर निवेशकों की नजर
एशियाई बाजार में AI से जुड़े शेयरों पर खास फोकस बना हुआ है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इस थीम से जुड़े निवेश के लिए प्रमुख बाजारों में माना जाता है। ऐसे में इंडेक्स में गिरावट से पता चलता है कि निवेशक ऊंचे वैल्यूएशन वाले टेक और AI शेयरों में सतर्क रुख अपना रहे हैं।
इस सप्ताह Nvidia की कमाई बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर हो सकती है। AI चिप्स और डेटा सेंटर से जुड़ी मांग को लेकर कंपनी के नतीजों से ग्लोबल टेक शेयरों की दिशा तय होने की उम्मीद है।
वॉल स्ट्रीट में भी दबाव
अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में सोमवार को हल्की गिरावट रही। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स करीब 44 अंक यानी 0.1% नीचे थे। S&P 500 फ्यूचर्स में भी 0.1% और Nasdaq-100 फ्यूचर्स में करीब 0.2% की गिरावट दर्ज की गई।
पिछले सप्ताह अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी रही थी। डाउ जोन्स 0.8% गिरा और लगातार दूसरे सप्ताह नुकसान में रहा। S&P 500 में 1.4% तथा Nasdaq में करीब 2% की गिरावट आई। इसके साथ दोनों इंडेक्स की तीन सप्ताह से जारी तेजी का सिलसिला थम गया।
बाजार में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की चाल को लेकर भी चिंता बनी हुई है। यील्ड में बढ़ोतरी से शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि इससे निवेशकों के लिए बॉन्ड की आकर्षकता बढ़ती है और इक्विटी वैल्यूएशन पर असर पड़ता है।
अमेरिका-ईरान तनाव पर बाजार की नजर
निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की उम्मीद है। इससे मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
अगर प्रतिबंधों के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो इससे महंगाई पर दोबारा दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि बाजार की नजर सिर्फ शेयर बाजार पर नहीं, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों पर भी बनी हुई है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में 1% से ज्यादा गिरावट
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 1% से ज्यादा की गिरावट आई। निवेशकों ने अमेरिका की संभावित नई प्रतिबंध कार्रवाई से पहले मुनाफावसूली की।
हालांकि, ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। मध्य पूर्व से सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा कच्चे तेल की कीमतों को अचानक ऊपर ले जा सकती है। दूसरी ओर, अगर सप्लाई सामान्य बनी रहती है तो मुनाफावसूली और मांग को लेकर चिंता के कारण कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।
सोने में जोरदार तेजी
जहां एशियाई शेयर बाजार दबाव में रहे, वहीं सोने की कीमतों में तेजी जारी रही। स्पॉट गोल्ड करीब 0.7% बढ़कर 4,636.34 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। यह 15 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है।
अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 0.3% बढ़कर 4,694.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
पिछले सप्ताह अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक सपोर्ट प्लान के बाद डॉलर पर दबाव पड़ा था। इसके साथ सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में 5% से ज्यादा की तेजी आई थी।
अब इन घटनाओं पर रहेगी बाजार की नजर
इस सप्ताह ग्लोबल बाजार के लिए कई बड़े संकेतक अहम रहेंगे। इनमें Nvidia के नतीजे, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की चाल और अमेरिका-ईरान तनाव प्रमुख हैं।
भारतीय शेयर बाजार के लिए भी एशियाई बाजारों की दिशा महत्वपूर्ण है। अगर ग्लोबल बाजारों में कमजोरी जारी रहती है तो घरेलू इक्विटी बाजार में भी शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं, क्रूड में नरमी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।
नोट: शेयर बाजार और कमोडिटी से जुड़े निवेश में जोखिम रहता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
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