भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि मंगलवार को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी आने वाले महीनों में बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है। खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और एनर्जी जैसे सेक्टरों में अच्छी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
लगातार तीसरे दिन FII ने की खरीदारी

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को Foreign Institutional Investors (FII) ने 393.19 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी (Net Buying) की। वहीं Domestic Institutional Investors (DII) ने 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर की भूमिका निभाई।
इससे पहले भी विदेशी निवेशकों ने लगातार खरीदारी जारी रखी थी।
- 7 जुलाई: FII ने 243.03 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जबकि DII ने 3,791.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
- 3 जुलाई: चार दिन की लगातार बिकवाली के बाद FII ने 1,355.33 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार में वापसी की। वहीं DII ने 1,953.89 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी।
विदेशी निवेशकों की यह लगातार खरीदारी बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार
FII की खरीदारी के बावजूद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ।
- BSE Sensex 104 अंक गिरकर 78,181 पर बंद हुआ।
- Nifty 50 32 अंक फिसलकर 24,399 पर बंद हुआ।
- निफ्टी लगातार चार दिनों की तेजी के बाद 24,400 के स्तर से नीचे आ गया।
- Nifty Bank 91 अंक गिरकर 58,201 पर बंद हुआ।
- Nifty Midcap 186 अंक टूटकर 62,285 पर पहुंच गया और कारोबार के दौरान 300 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की।
बाजार में गिरावट की वजह क्या रही?
मंगलवार की कमजोरी के पीछे कई प्रमुख कारण रहे।
- हैवीवेट शेयरों में बिकवाली का दबाव।
- मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली।
- डिफेंस और रियल्टी सेक्टर में कमजोरी।
- हालांकि आईटी शेयरों में खरीदारी बनी रही, जिससे बाजार की गिरावट सीमित रही।
रुपये में आई मजबूती
वैश्विक स्तर पर जोखिम कम होने और Hormuz Strait से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के कारण सप्लाई बाधित होने की चिंता घटी। इसका सकारात्मक असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला।
भारतीय रुपया 48 पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 94.95 के स्तर पर बंद हुआ।
क्या अब बाजार में तेजी लौट सकती है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार की धारणा को मजबूत कर रही है।
Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन के अनुसार भारतीय शेयर बाजार का सबसे कठिन दौर अब पीछे छूट चुका है। उनका कहना है कि FII की वापसी से भारतीय बाजार को मजबूती मिलेगी और यह अन्य वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
उनके मुताबिक आने वाले समय में इन सेक्टरों में बेहतर अवसर देखने को मिल सकते हैं—
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- पावर
- यूटिलिटीज
- चुनिंदा एनर्जी कंपनियां
यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में आगे सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


