भारतीय शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार का सबसे कमजोर दौर अब खत्म हो चुका है। उनके अनुसार, आने वाले दो तिमाहियों में पूरे बाजार के बजाय चुनिंदा मजबूत शेयर बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अब निवेशकों को केवल निफ्टी या सेंसेक्स की दिशा देखने के बजाय ऐसी कंपनियों पर फोकस करना चाहिए जिनके फंडामेंटल मजबूत हों और जिनकी ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर हों।
बाजार में अब स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति होगी असरदार
संदीप टंडन के मुताबिक, अगले कुछ महीनों में इंडेक्स आधारित निवेश की बजाय स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। उनका मानना है कि विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली लगभग समाप्त हो चुकी है और धीरे-धीरे उनकी भारतीय बाजार में वापसी शुरू हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में कमजोरी आती है, तो भारत वैश्विक निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक निवेश गंतव्य बन सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर बने पहली पसंद
संदीप टंडन ने इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सबसे पसंदीदा निवेश थीम बताया। उनके अनुसार सरकार और निजी कंपनियों द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे कैपेक्स (Capital Expenditure) का लाभ इस सेक्टर को मिलेगा।
उन्होंने जिन क्षेत्रों में अवसर बताए, उनमें शामिल हैं—
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- पावर
- रिन्यूएबल एनर्जी
- यूटिलिटीज
- पोर्ट
- एयरपोर्ट
- सड़क निर्माण
- टेलीकॉम
- चुनिंदा डिफेंस कंपनियां
उन्होंने सलाह दी कि निवेशक ऐसे शेयर चुनें जिनका कैश फ्लो मजबूत हो, फंडामेंटल अच्छे हों और जिन पर अभी बाजार का ज्यादा ध्यान न गया हो।
बैंकिंग सेक्टर पर क्या है राय?
संदीप टंडन का मानना है कि प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में रिकवरी का दौर जारी रह सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस सेक्टर में तेजी बहुत लंबे समय तक बनी रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसलिए निवेशकों को यहां भी चयनात्मक निवेश करना चाहिए।
आईटी सेक्टर पर बदला नजरिया
आईटी सेक्टर को लेकर Quant Mutual Fund का नजरिया पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक हुआ है। संदीप टंडन के अनुसार, लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन के बाद अब कई आईटी कंपनियों के वैल्यूएशन आकर्षक दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पूरे सेक्टर में आक्रामक खरीदारी का समय नहीं है। Quant Mutual Fund ने केवल चुनिंदा आईटी शेयरों में निवेश शुरू किया है।
FMCG में सुधार, लेकिन वैल्यूएशन अभी भी महंगे
एफएमसीजी सेक्टर में सुधार के संकेत जरूर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन संदीप टंडन का कहना है कि इस सेक्टर के अधिकांश शेयर अभी भी ऊंचे वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं। इसलिए यहां भी केवल मजबूत कंपनियों का चयन करना बेहतर रणनीति होगी।
स्मॉलकैप और माइक्रोकैप में ज्यादा अवसर
संदीप टंडन के मुताबिक, मौजूदा समय में मिडकैप की तुलना में स्मॉलकैप और माइक्रोकैप कंपनियों में अधिक अवसर मौजूद हैं।
हालांकि उन्होंने निवेशकों को चेतावनी देते हुए कहा कि छोटे शेयरों में निवेश से पहले कंपनी के—
- मैनेजमेंट की गुणवत्ता
- कैश फ्लो
- बिजनेस मॉडल
- कॉर्पोरेट गवर्नेंस
की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।
बड़े IPO को लेकर भी सकारात्मक
संदीप टंडन ने आने वाले बड़े आईपीओ को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने संभावित SBI Funds, NSE और Jio के IPO का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय बाजार अब इतने बड़े इश्यू को सफलतापूर्वक संभालने की क्षमता रखता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया के लिए कंपनियों का उचित वैल्यूएशन पर आना बेहद जरूरी होगा।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अब अपने सबसे कठिन दौर से बाहर निकल चुका है। ऐसे में आने वाले महीनों में इंडेक्स की बजाय मजबूत कंपनियों का चयन बेहतर निवेश रणनीति साबित हो सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज, चुनिंदा आईटी और स्मॉलकैप शेयरों में अवसर मौजूद हैं, लेकिन निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल और वैल्यूएशन का मूल्यांकन करना बेहद जरूरी रहेगा।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार संबंधित एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


