नई दिल्ली: मई महीने की शुरुआत कमोडिटी बाजार के लिए दिलचस्प रही। शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी ने तेज उछाल के साथ निवेशकों का ध्यान खींच लिया। जहां एक तरफ गोल्ड ₹380 तक सस्ता हुआ, वहीं सिल्वर ₹5,000 प्रति किलो तक महंगी हो गई।
महाराष्ट्र दिवस के कारण सुबह के सत्र में एमसीएक्स (MCX) पर ट्रेडिंग बंद रही, जिससे बाजार में सीमित गतिविधि दिखी। हालांकि शाम के सत्र में फिर से ट्रेडिंग शुरू होने के बाद कीमतों में और हलचल देखने को मिल सकती है।
सोने की कीमत में गिरावट, क्या है वजह?
आज के दिन 24 कैरेट सोना करीब ₹152,350 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया, जो पिछले सत्र की तुलना में ₹380 कम है। वहीं:
- 22 कैरेट सोना: ₹139,650
- 18 कैरेट सोना: ₹114,260
सोने की कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली (profit booking) और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थायी स्थिरता के कारण देखी गई।
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाल के दिनों में तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया है, जिससे कीमतों पर दबाव आया।
चांदी ने मारी छलांग, ₹2.55 लाख के पार
सोने के उलट, चांदी ने जोरदार प्रदर्शन किया। आज चांदी की कीमत करीब ₹2,55,000 प्रति किलो पहुंच गई, जो ₹5,000 की बड़ी तेजी दर्शाती है।
इस तेजी के पीछे कई कारण हैं:
- इंडस्ट्रियल डिमांड में बढ़ोतरी
- निवेशकों की वैल्यू बाइंग
- ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव संकेत
चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में बढ़ रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
प्रमुख शहरों में आज का सोने का रेट (1 मई 2026)
| शहर | 24K (₹/10 ग्राम) | 22K (₹/10 ग्राम) | 18K (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹152500 | ₹139800 | ₹114410 |
| मुंबई | ₹152350 | ₹139650 | ₹114260 |
| कोलकाता | ₹152350 | ₹139650 | ₹114260 |
| चेन्नई | ₹153280 | ₹140500 | ₹117500 |
| लखनऊ | ₹152500 | ₹139800 | ₹114410 |
| कानपुर | ₹152500 | ₹139800 | ₹114410 |
| पटना | ₹152400 | ₹139700 | ₹114310 |
| जयपुर | ₹152500 | ₹139800 | ₹114410 |
| इंदौर | ₹152400 | ₹139700 | ₹114310 |
| भोपाल | ₹152400 | ₹139700 | ₹114310 |
शहरों के रेट से क्या समझ आता है?
अगर आप ध्यान से देखें तो:
- चेन्नई में सोना सबसे महंगा है — इसका कारण स्थानीय टैक्स और उच्च मांग है
- दिल्ली, लखनऊ, जयपुर में कीमत लगभग समान — यह उत्तर भारत में स्थिर बाजार को दर्शाता है
- इंदौर और भोपाल में थोड़ा कम रेट — यहां डिमांड अपेक्षाकृत कम रहती है
यह अंतर निवेश और खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकता है, खासकर बड़े निवेशकों के लिए।
ग्लोबल मार्केट का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
- सोना हाल ही में एक महीने के निचले स्तर से रिकवर हुआ था
- कमजोर डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी ने सपोर्ट दिया
- चांदी को इंडस्ट्रियल डिमांड से अतिरिक्त मजबूती मिली
कमोडिटी विश्लेषकों के अनुसार, अगर डॉलर और कमजोर होता है, तो सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है।
सोने का आयात 30 साल के निचले स्तर पर
एक महत्वपूर्ण ट्रेंड यह भी सामने आया है कि भारत में सोने का आयात अप्रैल में घटकर करीब 15 टन रह सकता है, जो लगभग 30 वर्षों का न्यूनतम स्तर है (कोरोना काल को छोड़कर)।
इसके पीछे प्रमुख कारण हैं:
- 3% IGST का प्रभाव
- ऊंची कीमतों के कारण मांग में कमी
- बैंकों द्वारा आयात में कटौती
यह संकेत देता है कि घरेलू बाजार में फिलहाल दबाव बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
आज के ट्रेंड से निवेशकों को कुछ अहम संकेत मिलते हैं:
अगर आप निवेश करना चाहते हैं:
- सोने में गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है
- चांदी में तेजी जारी रह सकती है, लेकिन जोखिम भी ज्यादा है
अगर ज्वैलरी खरीदने का प्लान है:
- कुछ समय इंतजार करना बेहतर हो सकता है
- कीमतों में और करेक्शन की संभावना बनी हुई है
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
आने वाले दिनों में सोना और चांदी इन फैक्टर्स से प्रभावित होंगे:
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां
- डॉलर इंडेक्स
- वैश्विक तनाव (मिडिल ईस्ट)
- भारत में शादी और त्योहारों की मांग
अगर अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोना फिर से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में उभर सकता है।
निष्कर्ष
मई के पहले दिन का बाजार साफ संकेत दे रहा है कि कमोडिटी में अब mixed trend चल रहा है।
- सोना फिलहाल दबाव में है
- चांदी तेजी के मोड में है
- निवेशकों के लिए यह समय रणनीति बदलने का है
यानी यह सिर्फ कीमतों का उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि आने वाले महीनों के बड़े ट्रेंड की शुरुआत हो सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)
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