नई दिल्ली। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। Gautam Adani के नेतृत्व वाले Adani Group और Jabil Inc. ने भारत में AI और डेटा सेंटर उपकरणों के एकीकृत विनिर्माण (Integrated Manufacturing) के लिए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी का लक्ष्य केवल भारत की जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी बड़ा हिस्सा हासिल करना है।
Highlights
- अदाणी समूह और जैबिल ने AI डेटा सेंटर विनिर्माण के लिए रणनीतिक साझेदारी की।
- भारत में AI-Ready सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरणों का निर्माण होगा।
- अगले 7 वर्षों में 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के वैश्विक बाजार अवसर को लक्ष्य बनाया गया।
- ग्रीन एनर्जी, डेटा सेंटर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
- भारत को AI हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम।
भारत बनेगा AI हार्डवेयर निर्माण का नया केंद्र
दोनों कंपनियों के बीच प्रस्तावित गठबंधन का उद्देश्य AI डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करना है। इस साझेदारी के तहत भारत में उच्च क्षमता वाले AI रैक, सर्वर, स्टोरेज सिस्टम और नेटवर्किंग उपकरणों के निर्माण के लिए बहु-गीगावाट उत्पादन क्षमता विकसित की जाएगी।
इसके अलावा पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट (PDU), कूलेंट डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट (CDU), ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, बस बार और थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों का भी निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इससे देश में AI सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी और आयात पर निर्भरता कम हो सकती है।
3 ट्रिलियन डॉलर के अवसर पर नजर
कंपनियों के अनुसार AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक बाजार आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने वाला है। इसी को देखते हुए दोनों कंपनियों ने अगले सात वर्षों में 3 ट्रिलियन डॉलर (करीब 250 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के बाजार अवसर को लक्ष्य बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनरेटिव AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग डेटा सेंटर उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। ऐसे में भारत में बड़े पैमाने पर AI हार्डवेयर उत्पादन देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति दिला सकता है।
गौतम अदाणी ने क्या कहा?
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इस साझेदारी को भारत के AI भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जैबिल के साथ यह गठबंधन भारत के संपूर्ण AI इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
उनके अनुसार ग्रीन एनर्जी उत्पादन, विश्वस्तरीय हार्डवेयर निर्माण, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर क्षमताओं को एक साथ जोड़कर भारत को AI क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाया जा सकता है।
जैबिल को क्या मिलेगा फायदा?
जैबिल दुनिया की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग कंपनियों में से एक है। कंपनी के CEO माइक डैस्टूर ने कहा कि यह साझेदारी AI इकोसिस्टम के लिए बड़े पैमाने पर समाधान विकसित करने में मदद करेगी।
उनका मानना है कि भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और अदाणी समूह की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं के साथ मिलकर यह परियोजना वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी AI हार्डवेयर उत्पादन का नया मॉडल तैयार कर सकती है।
भारत की AI महत्वाकांक्षा को मिलेगा बल
पिछले कुछ वर्षों में भारत AI, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। सरकार भी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है।
अदाणी-जैबिल की यह साझेदारी न केवल रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा दे सकती है, बल्कि भारत को AI हार्डवेयर निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।


