Gold-Silver Price Today: वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और निवेशकों की बदलती रणनीतियों के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में हल्की रिकवरी देखने को मिली है। हालांकि चांदी अभी भी दबाव में बनी हुई है और पिछले कुछ दिनों की गिरावट का असर इसके दामों पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स की चाल और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में निवेशकों की गतिविधियां सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।
सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) माना जाता रहा है। यही वजह है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव या बाजार में अस्थिरता के समय निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं। दूसरी ओर चांदी निवेश के साथ-साथ औद्योगिक धातु भी है, इसलिए इसकी कीमतें आर्थिक गतिविधियों और उद्योगों की मांग से भी प्रभावित होती हैं।
सोने में आई हल्की मजबूती, चांदी अभी भी दबाव में
सर्राफा बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब ₹1.52 लाख से ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है। चांदी की कीमतें फिलहाल ₹2.51 लाख से ₹2.53 लाख प्रति किलोग्राम के बीच देखी जा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले सप्ताह सोने और चांदी दोनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। हालांकि सोमवार को सोने में कुछ खरीदारी लौटने से कीमतों को सहारा मिला है। इसके विपरीत चांदी में निवेशकों की सतर्कता अभी भी बनी हुई है।
आज आपके शहर में सोने-चांदी का भाव
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 18 कैरेट सोना (10 ग्राम) | चांदी (1 किलो) |
|---|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹152,780 | ₹140,048 | ₹114,585 | ₹251,880 |
| मुंबई | ₹153,050 | ₹140,296 | ₹114,788 | ₹252,320 |
| पटना | ₹152,960 | ₹140,213 | ₹114,720 | ₹252,180 |
| जयपुर | ₹153,020 | ₹140,268 | ₹114,765 | ₹252,280 |
| कानपुर | ₹153,180 | ₹140,415 | ₹114,885 | ₹252,420 |
| लखनऊ | ₹153,180 | ₹140,415 | ₹114,885 | ₹252,420 |
| भोपाल | ₹153,310 | ₹140,534 | ₹114,983 | ₹252,620 |
ध्यान देने वाली बात यह है कि अलग-अलग शहरों में टैक्स, परिवहन लागत और स्थानीय मांग के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
आखिर क्यों बदल रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
पिछले कुछ सप्ताहों से वैश्विक बाजारों में कई ऐसे कारक सक्रिय हैं जो कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति है। जब ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बनती है तो डॉलर मजबूत होता है और सोने की मांग पर दबाव पड़ता है।
इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव भी सोने की कीमतों को प्रभावित करता है। निवेशक अक्सर बॉन्ड और सोने के बीच अपना निवेश संतुलित करते हैं। जब बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है तो कुछ निवेशक सोने से पैसा निकालकर बॉन्ड की ओर रुख कर सकते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार हाल के दिनों में डॉलर इंडेक्स में मजबूती और वैश्विक निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण सोने और चांदी दोनों पर दबाव देखने को मिला। हालांकि बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, जिससे सोने को सपोर्ट मिल रहा है।
चांदी पर क्यों है ज्यादा दबाव?
सोने की तुलना में चांदी का व्यवहार अलग होता है। चांदी सिर्फ निवेश धातु नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है। इसका उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, ऑटोमोबाइल और कई औद्योगिक क्षेत्रों में होता है।
जब वैश्विक आर्थिक विकास की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ती है तो औद्योगिक मांग कमजोर पड़ने का डर पैदा होता है। इसका सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि हालिया गिरावट में चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में अधिक कमजोरी देखने को मिली।
हालांकि ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर सेक्टर में बढ़ती मांग को देखते हुए कई विश्लेषक चांदी के दीर्घकालिक आउटलुक को अभी भी सकारात्मक मानते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोना अभी भी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रह सकता है। महंगाई, वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारक सोने की मांग को समर्थन देते हैं।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी पर विचार करें। इससे कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सकता है।
चांदी में निवेश करने वालों के लिए विशेषज्ञ अधिक सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। चांदी में तेजी की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन इसकी कीमतों में अस्थिरता भी अपेक्षाकृत अधिक रहती है। इसलिए निवेशकों को अपने जोखिम प्रोफाइल के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं सोने के दाम?
बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है या निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान कम होता है तो सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
दूसरी ओर यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख जारी रहता है तो सोने और चांदी दोनों में दबाव देखने को मिल सकता है। इसलिए आने वाले सप्ताह निवेशकों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
निष्कर्ष
भारतीय सर्राफा बाजार में फिलहाल सोने ने गिरावट के बाद कुछ मजबूती दिखाई है, जबकि चांदी अभी भी दबाव में बनी हुई है। वैश्विक आर्थिक संकेतकों, डॉलर इंडेक्स और निवेशकों की रणनीति पर दोनों धातुओं की आगे की चाल निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी एक मजबूत विकल्प बना हुआ है, जबकि चांदी में निवेश करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।


