देश के बड़े निजी बैंक HDFC Bank ने ग्राहकों को राहत देते हुए लोन सस्ता कर दिया है। खास बात यह है कि यह फैसला Reserve Bank of India (RBI) की MPC बैठक के नतीजे आने से पहले ही लिया गया है।
कितनी घटी ब्याज दर?
HDFC Bank ने अपने MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) में 5 बेसिस पॉइंट (0.05%) तक कटौती की है।
नई दरें 7 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं।
नई MCLR दरें:
| अवधि (Tenor) | पुरानी दर (%) | नई दर (%) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| ओवरनाइट | 8.15 | 8.10 | ↓ 0.05 |
| 1 महीना | 8.15 | 8.10 | ↓ 0.05 |
| 3 महीने | 8.25 | 8.20 | ↓ 0.05 |
| 6 महीने | 8.35 | 8.35 | कोई बदलाव नहीं |
| 1 साल | 8.35 | 8.35 | कोई बदलाव नहीं |
| 2 साल | 8.45 | 8.45 | कोई बदलाव नहीं |
| 3 साल | 8.55 | 8.55 | कोई बदलाव नहीं |
किसे मिलेगा फायदा?
यह राहत खासतौर पर उन लोगों को मिलेगी:
- जिनका फ्लोटिंग रेट लोन MCLR से जुड़ा है
- शॉर्ट टर्म लोन लेने वाले (जैसे पर्सनल लोन, बिजनेस लोन)
- ओवरनाइट, 1 महीने और 3 महीने वाले लोन
EMI में हल्की कमी देखने को मिल सकती है, हालांकि यह बहुत बड़ी राहत नहीं होगी।
MCLR क्या होता है?
MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिसके नीचे बैंक आमतौर पर लोन नहीं देते।
इसे 2016 में लागू किया गया था ताकि:
- ब्याज दरों में पारदर्शिता बनी रहे
- RBI के फैसलों का असर जल्दी ग्राहकों तक पहुंचे
होम लोन, पर्सनल लोन और बिजनेस लोन पर इसका सीधा असर पड़ता है।
अन्य दरों की स्थिति
- बेस रेट: 8.80% (कोई बदलाव नहीं)
- BPLR (Benchmark Prime Lending Rate): 17.30%
FD रेट्स:
- आम ग्राहकों के लिए: 3.25% – 7%
- सीनियर सिटीजंस के लिए: कुछ अवधि में 0.10% (10 बेसिस पॉइंट) तक बढ़ोतरी
क्या संकेत मिलते हैं?
- बैंक ने MPC फैसले से पहले ही दर घटाकर सकारात्मक संकेत दिए हैं
- आने वाले समय में ब्याज दरों में और बदलाव संभव
- लोन लेने वालों के लिए यह राहत की शुरुआत हो सकती है
निष्कर्ष
HDFC Bank का यह कदम भले ही छोटा लगे, लेकिन यह बढ़ती ब्याज दरों के दौर में राहत की खबर है।
अगर आपका लोन MCLR से जुड़ा है, तो आपकी EMI में हल्की कमी आ सकती है — और आने वाले समय में और राहत की उम्मीद भी बनती है।
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