🔴 बड़ी खबर
अमेरिका द्वारा Iran oil पर अस्थायी छूट (waiver) देने के बावजूद भारत की सरकारी तेल कंपनियां इसे खरीदने से हिचक रही हैं। जहां सस्ता तेल मिलने का मौका है, वहीं कंपनियां कई बड़े जोखिमों को देखते हुए पीछे हट रही हैं।
📌 क्या है पूरा मामला?
हाल ही में अमेरिका ने 30 दिन की छूट दी, जिसके तहत समुद्र में पहले से मौजूद Iranian oil को खरीदा जा सकता है।
👉 इसका मकसद global oil supply बढ़ाना और कीमतों को कंट्रोल करना था
👉 लेकिन भारत के refiners अभी भी cautious approach अपना रहे हैं
⚠️ आखिर क्यों नहीं खरीद रहे भारत के refiners?
1. 💳 Payment और Banking Problem
- Iranian oil खरीदने के लिए payment system clear नहीं है
- Dollar transactions पर sanctions का खतरा
👉 बैंकिंग चैनल अभी भी risky हैं
2. 🚢 Shipping और Insurance Risk
- जहाजों (tankers) की availability और insurance clear नहीं
- Hormuz Strait crisis की वजह से shipping risky हो गई है
👉 कई कंपनियां insurance cover के बिना risk नहीं लेना चाहती
3. 📜 Regulatory Confusion
- US waiver temporary है (सिर्फ limited time के लिए)
- भविष्य में rules बदल सकते हैं
👉 कंपनियां long-term risk नहीं लेना चाहती
4. ⏳ Limited Time Window
- Waiver सिर्फ कुछ हफ्तों के लिए valid है
- इतने कम समय में deal finalize करना मुश्किल
👉 बड़े contracts practically possible नहीं
🌍 Global Situation भी बना रही है असर
- Iran-US conflict और Strait of Hormuz crisis से supply chain प्रभावित
- दुनिया के करीब 20% oil supply इस route से गुजरती है
👉 disruption के कारण oil market पहले से ही unstable है
🏭 Reliance ने क्यों खरीदा तेल?
जहां सरकारी कंपनियां cautious हैं, वहीं
- Reliance Industries ने करीब 5 million barrels oil खरीदा
👉 private players ज्यादा risk ले सकते हैं और उनके पास flexibility होती है
📊 India के लिए क्या मतलब है?
✔ Positive:
- सस्ता oil मिल सकता है
- supply diversify हो सकती है
❗ Negative:
- geopolitical risk
- payment & compliance issues
- future sanctions का खतरा
🧠 Experts क्या कह रहे हैं?
👉 Indian refiners “wait and watch” strategy अपना रहे हैं
👉 पहले clarity चाहते हैं — payment, logistics और policy पर
🔮 आगे क्या हो सकता है?
- अगर clarity मिलती है → India imports शुरू कर सकता है
- नहीं तो Russia और Middle East पर dependence जारी रहेगा
- global oil prices पर भी इसका असर पड़ सकता है
📌 निष्कर्ष
Iran oil सस्ता जरूर है, लेकिन उससे जुड़े risks अभी भी बड़े हैं। यही वजह है कि US waiver मिलने के बावजूद Indian refiners अभी कदम पीछे रख रहे हैं।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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