नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के बीच एक और बड़ी टेक कंपनी ने भारत में अपना कारोबार समेटने का फैसला किया है। अमेरिका की रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी Opendoor ने भारत में अपने परिचालन को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस फैसले से भारत में कार्यरत करीब 250 कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित होगी।
Highlights
- अमेरिकी रियल एस्टेट टेक कंपनी Opendoor ने भारत में अपना परिचालन बंद करने का फैसला किया।
- कंपनी के करीब 250 कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित होगी।
- CEO ने कहा कि ग्राहक अमेरिका में हैं, इसलिए परिचालन भी वहीं होना चाहिए।
- AI और ऑटोमेशन के कारण बड़ी विदेशी ऑपरेशन टीम की जरूरत कम हुई।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) काज नेजातियन ने कर्मचारियों को भेजे गए संदेश और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए पोस्ट में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने परिचालन को उन बाजारों के करीब ले जाना चाहती है जहां उसके वास्तविक ग्राहक मौजूद हैं।
Opendoor अमेरिका की प्रमुख प्रॉपर्टी टेक कंपनियों में शामिल है। कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 4.32 अरब डॉलर यानी करीब 41 हजार करोड़ रुपये बताई जाती है। यह कंपनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घर खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को आसान बनाने का काम करती है।
CEO ने भारत को कहा अलविदा
I shared this note earlier today with the entire team at Opendoor.
Today we began to say goodbye to our colleagues in India as we wind down our India operations.
Our customers are in America, and that's where our operational work belongs. pic.twitter.com/Ak2jLxKiX5
— Kaz Nejatian (@nejatian) June 10, 2026 काज नेजातियन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भारत में मौजूद सहयोगियों को विदाई देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है क्योंकि कंपनी यहां अपना संचालन बंद कर रही है।
उन्होंने कहा, “हमारे ग्राहक अमेरिका में हैं और हमारा परिचालन कार्य भी ग्राहकों के करीब होना चाहिए।”
CEO के अनुसार, जब कंपनी ने कुछ महीने पहले Opendoor 2.0 रणनीति शुरू की थी, तब भारत में लगभग 250 कर्मचारी कार्यरत थे। पिछले कुछ महीनों में कई भूमिकाएं पहले ही अमेरिका स्थानांतरित की जा चुकी थीं और अब बाकी पदों को भी अमेरिकी बाजार के करीब ले जाया जा रहा है।
कंपनी का कहना है कि इस फैसले का असर भारत में कार्यरत लगभग सभी कर्मचारियों पर पड़ेगा। हालांकि कुछ कर्मचारी सीमित अवधि तक संक्रमण प्रक्रिया में सहयोग के लिए बने रह सकते हैं।
कर्मचारियों की तारीफ करते हुए क्या बोले CEO?
काज नेजातियन ने स्पष्ट किया कि यह फैसला कर्मचारियों के प्रदर्शन या क्षमता से जुड़ा नहीं है। उन्होंने भारतीय कर्मचारियों की जमकर सराहना की और कहा कि उन्होंने कंपनी की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा, “भारत में हमारे सहयोगी बेहद प्रतिभाशाली, मेहनती और शानदार लोग हैं। हम उन्हें किसी भी कंपनी के लिए पूरे विश्वास के साथ सिफारिश करेंगे।”
CEO के इस बयान को कर्मचारियों के प्रति सम्मान जताने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि नौकरी जाने की वजह से कर्मचारियों में निराशा स्वाभाविक है।
प्रभावित कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
कंपनी ने कहा है कि प्रभावित कर्मचारियों को केवल नौकरी से नहीं निकाला जाएगा, बल्कि उन्हें वित्तीय और पेशेवर सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
Opendoor के मुताबिक प्रभावित कर्मचारियों को:
- सेवा समाप्ति पैकेज (Severance Package)
- नई नौकरी खोजने में सहायता
- करियर सपोर्ट
- अन्य आवश्यक ट्रांजिशन सुविधाएं
प्रदान की जाएंगी।
हाल के वर्षों में वैश्विक टेक कंपनियों में छंटनी के दौरान इस तरह के सपोर्ट पैकेज आम हो गए हैं।
आखिर भारत छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी?
कंपनी के अनुसार, यह फैसला केवल लागत कटौती के लिए नहीं बल्कि परिचालन मॉडल में बदलाव का हिस्सा है।
नेजातियन ने बताया कि पहले कंपनी ने विभिन्न मैनुअल प्रक्रियाओं और तकनीकी प्रणालियों को संभालने के लिए भारत में बड़ी टीम बनाई थी। लेकिन समय के साथ कंपनी ने अपनी कई प्रक्रियाओं को सरल, स्वचालित और डिजिटल बना दिया।
उनके मुताबिक अब कंपनी का मानना है कि ग्राहक सेवा और परिचालन कार्य ग्राहकों के नजदीक रहकर अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किए जा सकते हैं।
यही कारण है कि भारत में मौजूद कई भूमिकाओं को अमेरिका स्थानांतरित किया जा रहा है।
AI और ऑटोमेशन ने बदला खेल
Opendoor का यह फैसला उस बड़े बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है जो दुनिया भर की टेक कंपनियों में देखने को मिल रहा है।
पिछले दो वर्षों में AI आधारित सिस्टम, मशीन लर्निंग टूल्स और ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म के कारण कई ऐसे कार्य स्वतः होने लगे हैं जिन्हें पहले बड़ी टीमों द्वारा संभाला जाता था।
कंपनी ने बताया कि उसने अपनी कई अलग-अलग प्रणालियों को एकीकृत कर लिया है और अमेरिका में छोटी लेकिन अधिक सक्षम AI-संचालित ग्राहक सेवा टीमों का निर्माण किया है।
इस बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों की संख्या पर पड़ा है। पहले जिन कार्यों के लिए बड़ी ऑपरेशन टीम की आवश्यकता होती थी, अब वही काम कम लोगों और अधिक तकनीकी दक्षता के साथ किए जा रहे हैं।
टेक सेक्टर में बढ़ रही है नई चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि AI केवल नई नौकरियां पैदा नहीं कर रहा, बल्कि कई पारंपरिक भूमिकाओं को भी प्रभावित कर रहा है।
कस्टमर सपोर्ट, डेटा प्रोसेसिंग, ऑपरेशनल मैनेजमेंट और बैक-ऑफिस जैसी कई भूमिकाएं अब तेजी से ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही हैं।
भारत लंबे समय से वैश्विक कंपनियों के लिए बैक-ऑफिस और ऑपरेशन हब रहा है। लेकिन AI आधारित दक्षता बढ़ने के बाद कई कंपनियां अपने परिचालन मॉडल की समीक्षा कर रही हैं।
इससे आने वाले वर्षों में रोजगार बाजार की प्रकृति भी बदल सकती है और कर्मचारियों को AI, डेटा एनालिटिक्स तथा उन्नत डिजिटल कौशल सीखने की आवश्यकता बढ़ सकती है।
Opendoor 2.0 पर कंपनी का फोकस
CEO ने कहा कि कंपनी अब एक ऐसे एकीकृत प्लेटफॉर्म के निर्माण पर काम कर रही है जहां घर खरीदने, मरम्मत कराने और बेचने तक की पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर ट्रैक की जा सके।
कंपनी का उद्देश्य कई अलग-अलग टूल्स और मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम करना है।
नेजातियन ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या भले कम हो रही हो, लेकिन कंपनी का प्रभाव और दक्षता पहले से अधिक होगी।
उन्होंने कहा, “आज के बाद Opendoor 2.0 कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से छोटी कंपनी होगी, लेकिन प्रभाव के मामले में कहीं बड़ी होगी।”
आगे क्या?
भारत में परिचालन बंद करने का फैसला Opendoor की वैश्विक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि उसका फोकस अब अमेरिकी ग्राहकों के लिए बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध कराने पर रहेगा।
हालांकि इस फैसले से 250 भारतीय कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित हुई है, लेकिन यह घटना इस बात का भी संकेत है कि वैश्विक टेक इंडस्ट्री में AI और ऑटोमेशन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में कंपनियां कम कर्मचारियों और अधिक तकनीकी क्षमता के साथ काम करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
Source: PTI, Opendoor CEO Post on X, Company Statement


