वैश्विक तनाव और युद्ध के माहौल के बीच आमतौर पर सोना और चांदी सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माने जाते हैं। लेकिन हाल के दिनों में इसके उलट तस्वीर दिखाई दे रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और भारतीय कमोडिटी मार्केट में सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशक भी हैरान हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कई आर्थिक और वैश्विक कारणों ने मिलकर बुलियन मार्केट पर दबाव बनाया है, जिसके कारण कीमतों में अचानक गिरावट देखने को मिल रही है।
सोना और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट
कमोडिटी मार्केट में हाल ही में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में चांदी के दाम में हजारों रुपये प्रति किलो तक की गिरावट देखने को मिली। वहीं सोना भी दबाव में रहा और इसमें भी गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX में भी दोनों धातुओं पर दबाव देखने को मिला, जहां सोना और चांदी दोनों के दाम नीचे आए।
युद्ध के बावजूद क्यों गिर रहे दाम?
आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव के समय निवेशक सोना खरीदते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार कुछ अलग कारणों से बाजार का रुख बदल गया है।
1. मजबूत अमेरिकी डॉलर
सोना और चांदी की कीमतें वैश्विक बाजार में डॉलर में तय होती हैं। जब डॉलर मजबूत होता है तो दूसरे देशों के निवेशकों के लिए इनकी कीमत ज्यादा महंगी हो जाती है, जिससे मांग कम हो जाती है और कीमतों पर दबाव पड़ता है।
2. मुनाफावसूली (Profit Booking)
पिछले महीनों में सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी आई थी। ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग बेच दी, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी और कीमतें नीचे आ गईं।
3. बॉन्ड और कैश की ओर निवेशकों का झुकाव
वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर कई बड़े निवेशक सोने के बजाय कैश और सरकारी बॉन्ड में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। इससे बुलियन मार्केट में मांग कमजोर हो जाती है।
4. औद्योगिक मांग में कमी
चांदी का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। जब औद्योगिक मांग कमजोर पड़ती है तो चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
5. तेल बाजार में पैसा शिफ्ट होना
मध्य-पूर्व में युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। कई निवेशक अब तेल और ऊर्जा सेक्टर की ओर पैसा लगा रहे हैं, जिससे सोने-चांदी की मांग कम हो रही है।
क्या आगे और गिर सकते हैं सोने-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
- अगर डॉलर मजबूत रहता है तो कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
- लेकिन अगर वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो सोने की मांग फिर बढ़ सकती है।
यानी आने वाले समय में सोना और चांदी दोनों ही निवेशकों के लिए बेहद volatile रह सकते हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें।
- लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना अभी भी सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
- कीमतों में गिरावट को कई निवेशक buying opportunity के रूप में भी देख रहे हैं।
📊 निष्कर्ष:
वैश्विक युद्ध, मजबूत डॉलर, मुनाफावसूली और निवेशकों के बदलते रुझान की वजह से फिलहाल सोना और चांदी दबाव में हैं। हालांकि लंबे समय में यह धातुएं अभी भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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