Highlights
- 16 जून 2026 को बैंक और शेयर बाजार सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
- मुहर्रम की शुरुआत 16 जून से हो रही है, लेकिन अवकाश उस दिन नहीं है।
- बीएसई और एनएसई की आधिकारिक छुट्टियों की सूची में मुहर्रम की छुट्टी 26 जून को है।
- बैंकों में भी 26 जून को कई राज्यों में अवकाश रहेगा।
- ट्रेडर्स को शुक्रवार, शनिवार और रविवार मिलाकर तीन दिन का लंबा ब्रेक मिलेगा।
नई दिल्ली। मुहर्रम 2026 को लेकर देशभर में बैंक ग्राहकों, निवेशकों और शेयर बाजार में कारोबार करने वाले लोगों के बीच काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सोशल मीडिया और विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर यह चर्चा चल रही है कि 16 जून 2026 को बैंक और शेयर बाजार बंद रहेंगे क्योंकि इसी दिन से इस्लामिक कैलेंडर के नए वर्ष और पवित्र मुहर्रम महीने की शुरुआत हो रही है।
हालांकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है। 16 जून 2026 को न तो भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे और न ही देशभर के बैंक। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की आधिकारिक छुट्टियों की सूची के अनुसार मंगलवार, 16 जून को सभी सामान्य गतिविधियां जारी रहेंगी।
निवेशकों और बैंक ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि मुहर्रम महीने की शुरुआत और आशूरा के दिन होने वाली आधिकारिक छुट्टी अलग-अलग होती है। यही वजह है कि लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
16 जून को बैंक खुले रहेंगे या बंद?
16 जून 2026 यानी मंगलवार को देशभर के बैंक सामान्य रूप से खुलेंगे। सरकारी बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक सभी अपने निर्धारित समय पर कामकाज करेंगे।
ग्राहक नकद जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट, लोन संबंधी सेवाएं और अन्य बैंकिंग कार्य सामान्य रूप से कर सकेंगे। ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं भी बिना किसी बाधा के चलती रहेंगी।
आरबीआई द्वारा जारी बैंक अवकाश कैलेंडर में 16 जून को किसी राष्ट्रीय अवकाश का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए बैंक ग्राहकों को अपने काम टालने की आवश्यकता नहीं है।
16 जून को शेयर बाजार खुले रहेंगे
शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए भी राहत की बात है कि मंगलवार को बाजार में सामान्य कारोबार होगा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों में नियमित ट्रेडिंग होगी। इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और अन्य सभी सेगमेंट सामान्य समय के अनुसार संचालित होंगे।
निवेशक शेयर खरीद और बेच सकेंगे। म्यूचुअल फंड, ETF और अन्य बाजार आधारित निवेश गतिविधियां भी सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
आखिर कन्फ्यूजन क्यों हुआ?
कन्फ्यूजन की सबसे बड़ी वजह यह है कि 16 जून से इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत हो रही है। कई लोगों ने यह मान लिया कि महीने की शुरुआत वाले दिन ही अवकाश होगा।
लेकिन वास्तव में मुहर्रम की सार्वजनिक छुट्टी आशूरा के अवसर पर दी जाती है। आशूरा हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है और यही दिन सरकारी अवकाश के रूप में मान्य होता है।
यानी मुहर्रम महीने की शुरुआत और मुहर्रम की छुट्टी दो अलग-अलग बातें हैं।
मुहर्रम की छुट्टी कब है?
वर्ष 2026 में शेयर बाजार की आधिकारिक अवकाश सूची के अनुसार मुहर्रम की छुट्टी 26 जून 2026, शुक्रवार को निर्धारित की गई है।
इस दिन बीएसई और एनएसई में कोई कारोबार नहीं होगा। निवेशक किसी भी प्रकार की ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे।
इस अवकाश के दौरान निम्नलिखित सेगमेंट बंद रहेंगे:
- इक्विटी सेगमेंट
- इक्विटी डेरिवेटिव्स
- करेंसी डेरिवेटिव्स
- सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग
- अन्य एक्सचेंज ट्रेडिंग गतिविधियां
इसलिए निवेशकों को अपने सौदे और पोजिशन उसी हिसाब से प्लान करनी चाहिए।
MCX पर क्या रहेगा असर?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में छुट्टी का पैटर्न थोड़ा अलग होता है।
26 जून को:
सुबह का ट्रेडिंग सत्र (9:00 बजे से 5:00 बजे तक) बंद रहेगा।
जबकि शाम का सत्र निर्धारित समय पर शुरू होगा और कारोबार जारी रहेगा।
कमोडिटी ट्रेडर्स को विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि कई बार निवेशक पूरे दिन बाजार बंद होने का अनुमान लगा लेते हैं।
ट्रेडर्स को मिलेगा लंबा वीकेंड
मुहर्रम की छुट्टी शुक्रवार को पड़ रही है। इसके बाद शनिवार और रविवार का नियमित साप्ताहिक अवकाश रहेगा।
इस तरह शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों का लंबा ब्रेक मिलेगा।
- 26 जून (शुक्रवार) – मुहर्रम अवकाश
- 27 जून (शनिवार) – साप्ताहिक अवकाश
- 28 जून (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश
इसके बाद बाजार 29 जून 2026 यानी सोमवार को दोबारा खुलेगा।
लंबे अवकाश के कारण कई बार वैश्विक बाजारों की गतिविधियों का असर सोमवार के कारोबार पर दिखाई देता है। इसलिए निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी नजर रखनी चाहिए।
मुहर्रम का धार्मिक महत्व क्या है?
मुहर्रम इस्लाम धर्म के सबसे महत्वपूर्ण महीनों में से एक माना जाता है। यह इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है और नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।
मुहर्रम की 10वीं तारीख को आशूरा मनाया जाता है। इस दिन करबला की ऐतिहासिक घटना को याद किया जाता है, जिसमें हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने बलिदान दिया था।
भारत समेत दुनिया के कई देशों में इस अवसर पर जुलूस, धार्मिक सभाएं और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
निवेशकों और बैंक ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका बैंकिंग या निवेश से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है तो आप उसे 16 जून को सामान्य रूप से पूरा कर सकते हैं।
हालांकि 26 जून की छुट्टी को ध्यान में रखते हुए:
- जरूरी बैंकिंग कार्य पहले निपटा लें।
- शेयर बाजार से जुड़े सौदों की समय पर योजना बनाएं।
- लंबी छुट्टी से पहले जोखिम वाली पोजिशन की समीक्षा करें।
- कमोडिटी ट्रेडिंग करने वाले निवेशक MCX के सत्र समय की जांच अवश्य कर लें।
निष्कर्ष
मुहर्रम को लेकर फैले भ्रम के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 16 जून 2026 को देशभर में बैंक और शेयर बाजार पूरी तरह खुले रहेंगे। मुहर्रम की आधिकारिक छुट्टी 26 जून 2026 को होगी। इसलिए बैंकिंग, निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े सभी काम मंगलवार को सामान्य रूप से किए जा सकते हैं। निवेशकों को केवल 26 जून के अवकाश और उसके बाद आने वाले लंबे वीकेंड को ध्यान में रखकर अपनी योजना बनानी चाहिए।


