नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कमजोरी का माहौल देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों दबाव में रहे, लेकिन इस गिरावट के बीच अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) का शेयर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहा। कंपनी का शेयर 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 86.17 रुपये पर बंद हुआ। खास बात यह है कि पिछले 15 कारोबारी दिनों में इस शेयर ने करीब 34 फीसदी की तेजी दर्ज की है।
बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंफ्रा के शेयर में आई इस तेजी का मुख्य कारण कंपनी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में प्रवेश माना जा रहा है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया है कि वह अपनी सहयोगी कंपनियों के साथ मिलकर एआई आधारित कारोबार में अवसर तलाश रही है। हालांकि निवेश की राशि और परियोजना का विस्तृत खाका अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
AI सेक्टर में एंट्री से बढ़ा निवेशकों का उत्साह
पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में शामिल हो चुका है। भारत में भी टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और ऑटोमेशन से जुड़े व्यवसायों में AI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के एआई सेक्टर में कदम रखने की खबर सामने आने के बाद निवेशकों ने इसे कंपनी के लिए एक नए अवसर के रूप में देखा। यही वजह रही कि बाजार में कमजोर माहौल के बावजूद शेयर में खरीदारी बढ़ी और यह अपर सर्किट तक पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि कंपनी आने वाले समय में एआई क्षेत्र से जुड़ी कोई स्पष्ट रणनीति, साझेदारी या निवेश योजना सामने लाती है तो शेयर में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
सेबी, NSE और BSE से समीक्षा की मांग
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के समक्ष औपचारिक प्रतिवेदन दायर किया है।
कंपनी ने अतिरिक्त निगरानी उपाय (ASM) और दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (IBC) से जुड़े प्रतिबंधों की समीक्षा की मांग की है। वर्तमान व्यवस्था के तहत कंपनी के शेयरों में सीमित ट्रेडिंग की अनुमति है, जिससे निवेशकों की भागीदारी प्रभावित होती है।
कंपनी का कहना है कि उसके शेयरों में सामान्य परिस्थितियों में पर्याप्त कारोबार होता है और बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक सक्रिय रहते हैं। ऐसे में मौजूदा प्रतिबंध बाजार की स्वाभाविक गतिविधियों को प्रभावित कर रहे हैं और छोटे निवेशकों के हितों के अनुकूल नहीं हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यदि नियामक संस्थाएं कंपनी की मांग पर सकारात्मक फैसला लेती हैं तो शेयर की लिक्विडिटी में सुधार देखने को मिल सकता है।
पिछले एक साल का प्रदर्शन निराशाजनक
हालांकि हालिया तेजी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन लंबी अवधि के आंकड़े अभी भी कई सवाल खड़े करते हैं।
रिलायंस इंफ्रा का शेयर पिछले छह महीनों में 40 फीसदी से अधिक गिर चुका है। वहीं पिछले एक साल में इसमें 75 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। जून 2025 के दौरान यह शेयर 400 रुपये के स्तर के पार पहुंच गया था, लेकिन उसके बाद लगातार बिकवाली देखने को मिली।
इस दौरान कंपनी से जुड़े नियामकीय मुद्दे, कर्ज संबंधी चिंताएं और कारोबारी अनिश्चितताएं निवेशकों की धारणा पर असर डालती रही हैं।
यही कारण है कि हालिया उछाल के बावजूद कई निवेशक अभी भी सावधानी बरत रहे हैं और कंपनी की आगे की रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं।
क्या यह तेजी टिकाऊ हो सकती है?
शेयर बाजार में किसी भी कंपनी के लिए केवल खबरों के आधार पर बनी तेजी लंबे समय तक टिकना मुश्किल होता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर एआई सेक्टर में किस तरह की परियोजनाएं शुरू करती है और उनसे कंपनी की कमाई पर कितना असर पड़ सकता है।
यदि कंपनी ठोस कारोबारी योजना, रणनीतिक साझेदारी या नए निवेश की घोषणा करती है तो निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर यदि एआई से जुड़ी योजनाएं केवल शुरुआती स्तर तक सीमित रहती हैं तो शेयर में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।
NewsJagran Analysis
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर में आई हालिया तेजी मुख्य रूप से एआई सेक्टर में एंट्री की खबर और नियामकीय प्रतिबंधों की समीक्षा की उम्मीदों से जुड़ी दिखाई देती है। हालांकि कंपनी का दीर्घकालिक प्रदर्शन अभी भी कमजोर रहा है और पिछले एक वर्ष में निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
ऐसे में केवल हालिया तेजी को देखकर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज स्तर, भविष्य की परियोजनाओं और नियामकीय घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए। आने वाले महीनों में कंपनी की एआई रणनीति इस शेयर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


