पूजा के बाद बची फूल-माला को नदी, नाले या पेड़ के नीचे फेंकने के बजाय घर पर ही कई तरह से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। सूखे फूलों से सजावट, पॉटपूरी, हवन सामग्री और कंपोस्ट जैसी चीजें तैयार की जा सकती हैं। इससे फूलों का बेहतर उपयोग होने के साथ घर से निकलने वाला जैविक कचरा भी कम करने में मदद मिलती है।
भारतीय घरों में पूजा-पाठ के दौरान भगवान को फूल और फूलों की माला चढ़ाने की परंपरा काफी पुरानी है। पूजा खत्म होने के बाद ये फूल कुछ समय में मुरझाने लगते हैं। ऐसे में अक्सर इन्हें कूड़े में डाल दिया जाता है या नदी और दूसरे जलस्रोतों में बहा दिया जाता है।
हालांकि, पूजा में इस्तेमाल किए गए फूलों को बेकार समझकर फेंकने की जरूरत नहीं है। थोड़ी रचनात्मकता के साथ इनका दोबारा इस्तेमाल घर की सजावट से लेकर गार्डनिंग तक में किया जा सकता है। इससे फूलों की उपयोगिता भी बनी रहती है और अनावश्यक कचरा फैलने से भी बचा जा सकता है।

1. सूखे फूलों से बनाएं खूबसूरत डेकोरेशन
गुलाब, गेंदा, मोगरा और दूसरे फूलों को अच्छी तरह सुखाकर घर की सजावट में इस्तेमाल किया जा सकता है। फूलों को साफ जगह पर फैलाकर पूरी तरह सूखने दें। इसके बाद इनसे छोटी सजावटी माला, पोटली या अलग-अलग तरह की क्राफ्ट आइटम तैयार की जा सकती हैं।
सूखे फूलों की पंखुड़ियों को कांच के बाउल, सजावटी ट्रे, फोटो फ्रेम या बॉक्स में भी सजाया जा सकता है। अलग-अलग रंग और आकार की पंखुड़ियों को मिलाकर घर के लिए आकर्षक DIY डेकोरेशन तैयार की जा सकती है।
ध्यान रखें: फूलों में नमी बिल्कुल नहीं रहनी चाहिए। नमी रहने पर उनमें फफूंद लग सकती है।
2. घर में तैयार करें नेचुरल पॉटपूरी
पूजा के बचे फूलों से घर के लिए प्राकृतिक खुशबू वाली पॉटपूरी भी तैयार की जा सकती है। इसके लिए गुलाब, गेंदा और मोगरे की पंखुड़ियों को अच्छी तरह सुखा लें।
इन सूखी पंखुड़ियों को एक सुंदर कांच के बाउल में रखें। इसमें थोड़ी दालचीनी, सूखे मसाले या अपनी पसंद की खुशबू वाला एसेंशियल ऑयल मिलाया जा सकता है। तैयार पॉटपूरी को ड्राइंग रूम, बेडरूम या घर के प्रवेश द्वार के पास रखा जा सकता है।
इस तरह पुराने फूलों का दोबारा इस्तेमाल करने के साथ घर के लिए एक सुंदर और खुशबूदार डेकोरेशन पीस भी तैयार हो जाता है।
3. फूलों से बनाएं हवन सामग्री
पूजा में इस्तेमाल किए गए फूलों का एक उपयोग हवन सामग्री तैयार करने में भी किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले फूलों और मालाओं को अलग करके अच्छी तरह सुखा लें।
पूरी तरह सूखने के बाद फूलों को छोटे टुकड़ों में काटकर या जरूरत के अनुसार पीसकर अन्य उपयुक्त हवन सामग्री के साथ मिलाया जा सकता है। इसमें जौ, काले तिल, चावल, गूगल, लोबान और चंदन जैसी पारंपरिक सामग्री शामिल की जा सकती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि फूलों से प्लास्टिक, तार, रिबन, सिंथेटिक धागे और दूसरी गैर-जैविक सामग्री पूरी तरह अलग कर दी जाए। हवन में केवल साफ और पूरी तरह सूखी सामग्री का ही इस्तेमाल करें।
4. गमलों में बनाएं फ्लावर मल्च
अगर आपके घर में पौधे या किचन गार्डन है, तो पूजा के बचे फूलों का इस्तेमाल जैविक सामग्री के रूप में किया जा सकता है। फूलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी की ऊपरी सतह पर बहुत हल्की मात्रा में फैलाया जा सकता है।
समय के साथ ये जैविक सामग्री मिट्टी में मिल सकती है। इससे फूलों को कचरे में डालने के बजाय गार्डन में दोबारा उपयोग करने का एक आसान तरीका मिल जाता है।
हालांकि, फूलों के साथ प्लास्टिक, धागा या अन्य गैर-जैविक चीजें बिल्कुल न मिलाएं। सड़े या फफूंद लगे फूलों को सीधे पौधों की मिट्टी में डालने से भी बचना चाहिए।
5. घर के कंपोस्ट में करें इस्तेमाल
पूजा के फूलों को घरेलू कंपोस्ट में भी शामिल किया जा सकता है। फूलों को छोटे टुकड़ों में काटकर कंपोस्टिंग सामग्री के साथ मिलाने से उनका जैविक तरीके से पुन: उपयोग किया जा सकता है।
कंपोस्ट बनाते समय फूलों से प्लास्टिक की पन्नी, सजावटी तार, रिबन, सिंथेटिक धागे और दूसरी गैर-जैविक सामग्री अलग करना जरूरी है। इससे कंपोस्टिंग प्रक्रिया बेहतर तरीके से की जा सकती है।
6. फूलों की पंखुड़ियों से बनाएं नेचुरल रंग
कुछ फूलों की पंखुड़ियों का इस्तेमाल DIY क्राफ्ट और सजावटी कामों के लिए प्राकृतिक रंग तैयार करने में भी किया जा सकता है। गेंदा, गुलाब और गुड़हल जैसे फूलों की पंखुड़ियों को पानी में गर्म करके रंग निकाला जा सकता है।
तैयार रंग का इस्तेमाल रंगोली, पेपर क्राफ्ट या दूसरे सजावटी प्रोजेक्ट में किया जा सकता है। इस तरह पूजा के बाद बची पंखुड़ियां बच्चों के DIY एक्टिविटी प्रोजेक्ट में भी काम आ सकती हैं।
फूलों को दोबारा इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
पूजा के फूलों को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उनकी अच्छी तरह जांच जरूर करें। फूलों से प्लास्टिक, तार, रिबन और सिंथेटिक धागे पूरी तरह अलग कर दें। अगर फूलों में सड़न या फफूंद दिखाई दे रही है, तो उन्हें घर की सजावट या पॉटपूरी में इस्तेमाल न करें।
साफ और सूखे फूलों को अलग-अलग श्रेणियों में रखकर इस्तेमाल करने से उनका बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इस छोटी सी आदत से पूजा के बाद निकलने वाले फूलों को कचरे में जाने से रोका जा सकता है और घर में टिकाऊ तरीके से उनका दोबारा इस्तेमाल भी किया जा सकता है।


