Technocraft Ventures IPO GMP: टेक्नोकraft वेंचर्स का आईपीओ आज यानी 11 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो रहा है। ₹251.88 करोड़ के इस इश्यू को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है और तीसरे दिन सुबह तक यह 5 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था। वहीं ग्रे मार्केट में भी शेयर प्रीमियम पर कारोबार करता नजर आ रहा है।
Technocraft Ventures IPO: जल आपूर्ति, वेस्टवाटर ट्रीटमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़ी कंपनी Technocraft Ventures का आईपीओ आज, 11 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो रहा है। कंपनी ने इस इश्यू के लिए ₹200 से ₹212 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। आईपीओ को अब तक निवेशकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और खास तौर पर गैर-संस्थागत निवेशकों ने इसमें मजबूत दिलचस्पी दिखाई है।
NSE पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ के तीसरे और आखिरी दिन 11 अगस्त को सुबह 10:08 बजे तक इश्यू कुल मिलाकर 5.15 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। ऐसे में अब निवेशकों की नजर आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े, अलॉटमेंट और ग्रे मार्केट प्रीमियम पर है।
तीसरे दिन कैसा रहा Technocraft Ventures IPO का सब्सक्रिप्शन?
Technocraft Ventures का आईपीओ कुल ₹251.88 करोड़ का है। कंपनी ने इश्यू के तहत कुल 83,17,190 शेयर पेश किए हैं। 11 अगस्त की सुबह तक इन शेयरों के मुकाबले 4,27,94,080 इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी थीं।
सब्सक्रिप्शन कैटेगरी पर नजर डालें तो गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII ने सबसे ज्यादा उत्साह दिखाया। उनका हिस्सा 7.48 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। वहीं रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 4.52 गुना भरा था।
आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की हिस्सेदारी भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है। अंतिम दिन की बोली पूरी होने के बाद सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
IPO में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल
Technocraft Ventures के आईपीओ में 95.05 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रमोटर संस्था कार्तिकेय कंस्ट्रक्शंस की ओर से 23.76 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बिक्री की जा रही है।
फ्रेश इश्यू से प्राप्त रकम का एक बड़ा हिस्सा कंपनी अपने कारोबार की कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल करेगी। कंपनी के मुताबिक, फ्रेश इश्यू से मिलने वाली शुद्ध राशि में से करीब ₹150 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए रखे गए हैं। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
इश्यू 7 अगस्त 2026 को खुला था और 11 अगस्त को बंद हो रहा है। कंपनी के शेयरों की 14 अगस्त 2026 को BSE और NSE पर लिस्टिंग प्रस्तावित है।
एंकर निवेशकों से मिले ₹75.55 करोड़
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी अच्छी रकम जुटाई थी। Technocraft Ventures ने 6 अगस्त को एंकर निवेशकों से ₹75.55 करोड़ जुटाए थे।
एंकर बुक में LRSD Securities, Vikas India EIF I Fund, Nakshatra Bharat Advantage Fund और Venus Stellar Fund जैसे निवेशकों के नाम शामिल थे। एंकर निवेशकों की भागीदारी को अक्सर आईपीओ के प्रति संस्थागत निवेशकों की शुरुआती रुचि के संकेत के तौर पर देखा जाता है।
₹1,320 करोड़ से ज्यादा की ऑर्डर बुक क्यों है अहम?
Technocraft Ventures के आईपीओ की एक बड़ी खासियत इसकी मजबूत ऑर्डर बुक भी है। कंपनी के मुताबिक, 15 जुलाई 2026 तक उसकी ऑर्डर बुक करीब ₹1,320.7 करोड़ की थी।
इस ऑर्डर बुक में ऐसे ऑपरेशन और मेंटेनेंस यानी O&M कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं, जिन्हें संबंधित प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद कंपनी को एक्सीक्यूट करना है। मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू विजिबिलिटी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।
हालांकि, किसी कंपनी की ऑर्डर बुक बड़ी होना अपने आप में शेयर में निवेश की गारंटी नहीं देता। निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि कंपनी इन प्रोजेक्ट्स को किस गति से पूरा करती है, मार्जिन कैसा रहता है और भविष्य में कैश फ्लो की स्थिति क्या रहती है।
FY26 में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने वित्तीय प्रदर्शन में अच्छी वृद्धि दर्ज की। FY26 में Technocraft Ventures का शुद्ध लाभ 53.6% बढ़कर ₹43.3 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹28.2 करोड़ था।
इसी अवधि में कंपनी का ऑपरेशन्स से राजस्व भी बढ़ा। FY26 में कंपनी ने ₹345 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि FY25 में यह आंकड़ा ₹279.6 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर राजस्व में करीब 23.4% की वृद्धि हुई।
लाभ और राजस्व में यह बढ़ोतरी कंपनी के कारोबार में विस्तार और प्रोजेक्ट्स की बेहतर गतिविधि की ओर इशारा करती है। हालांकि, आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों को सिर्फ एक वित्त वर्ष के प्रदर्शन के बजाय कंपनी के पिछले वर्षों के वित्तीय आंकड़ों, मार्जिन, कर्ज और कैश फ्लो का भी अध्ययन करना चाहिए।
क्या काम करती है Technocraft Ventures?
Technocraft Ventures मुख्य रूप से वाटर सप्लाई, वेस्टवाटर ट्रीटमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी का कारोबार खास तौर पर उत्तर और मध्य भारत में राज्य सरकारों और सरकारी एजेंसियों से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है।
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के कुल राजस्व में वाटर और वेस्टवाटर प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी करीब 85% थी। इसके अलावा सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं से लगभग 13% राजस्व आया।
देश में जल आपूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च बढ़ने से इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए अवसर पैदा हो सकते हैं। दूसरी तरफ, सरकारी प्रोजेक्ट्स पर निर्भरता, भुगतान में देरी और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन जैसी चुनौतियां भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम हो सकती हैं।
Technocraft Ventures IPO GMP आज कितना है?
अब बात करते हैं आईपीओ के सबसे चर्चित संकेतक यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 11 अगस्त को Technocraft Ventures IPO का GMP करीब ₹30 बताया जा रहा था।
अगर अपर प्राइस बैंड ₹212 में ₹30 का GMP जोड़ा जाए, तो अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹242 प्रति शेयर बनता है। इस हिसाब से आईपीओ के अपर प्राइस बैंड की तुलना में संभावित लिस्टिंग प्रीमियम लगभग 14.15% बैठता है।
यानी ग्रे मार्केट संकेतों के मुताबिक, अगर मौजूदा GMP लिस्टिंग तक बना रहता है तो निवेशकों को करीब 14% के प्रीमियम पर शेयर की लिस्टिंग देखने को मिल सकती है।
हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि GMP कोई आधिकारिक या गारंटीड लिस्टिंग प्राइस नहीं है। ग्रे मार्केट में प्रीमियम तेजी से बदल सकता है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और लिस्टिंग के दिन के सेंटीमेंट पर निर्भर करेगी।
निवेश से पहले किन बातों पर रखें नजर?
Technocraft Ventures IPO में निवेश से पहले सिर्फ सब्सक्रिप्शन और GMP को देखकर फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, FY26 में मुनाफे और राजस्व में वृद्धि तथा आईपीओ को मिली अच्छी सब्सक्रिप्शन प्रतिक्रिया सकारात्मक पहलू हैं।
दूसरी तरफ, निवेशकों को कंपनी की सरकारी प्रोजेक्ट्स पर निर्भरता, प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता, वर्किंग कैपिटल की जरूरत, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं को भी समझना चाहिए।
खास तौर पर GMP को लेकर यह ध्यान रखें कि यह केवल ग्रे मार्केट का संकेत है और इसमें बदलाव संभव है। इसलिए ₹30 का मौजूदा GMP लिस्टिंग के समय भी बना रहेगा, यह जरूरी नहीं है।
Technocraft Ventures IPO: एक नजर में
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| कंपनी | Technocraft Ventures |
| IPO साइज | ₹251.88 करोड़ |
| प्राइस बैंड | ₹200-₹212 |
| IPO खुलने की तारीख | 7 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 11 अगस्त 2026 |
| प्रस्तावित लिस्टिंग | 14 अगस्त 2026 |
| फ्रेश इश्यू | 95.05 लाख शेयर |
| OFS | 23.76 लाख शेयर |
| तीसरे दिन सब्सक्रिप्शन | 5.15 गुना |
| NII सब्सक्रिप्शन | 7.48 गुना |
| रिटेल सब्सक्रिप्शन | 4.52 गुना |
| 11 अगस्त GMP | ₹30 |
| GMP के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग | ₹242 |
| संभावित प्रीमियम | करीब 14.15% |
| ऑर्डर बुक (15 जुलाई 2026) | ₹1,320.7 करोड़ |
निष्कर्ष
Technocraft Ventures IPO को अब तक निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। तीसरे दिन सुबह तक इश्यू 5 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था और NII कैटेगरी में मांग करीब 7.5 गुना तक पहुंच गई थी। कंपनी की ₹1,320 करोड़ से ज्यादा की ऑर्डर बुक, FY26 में मुनाफे और राजस्व की मजबूत वृद्धि तथा ग्रे मार्केट में ₹30 के GMP ने आईपीओ को और चर्चा में ला दिया है।
फिर भी निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि GMP और सब्सक्रिप्शन आंकड़े केवल संकेतक हैं, निवेश की गारंटी नहीं। किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी के DRHP/RHP, वित्तीय स्थिति, जोखिम कारकों और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर फैसला करना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शैक्षिक उद्देश्य से है। शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। GMP के आंकड़े अनौपचारिक होते हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


