नई दिल्ली: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) ने मृतक आश्रित (अनुकंपा) नियुक्तियों से जुड़े कुछ कर्मचारियों को CCS (Pension) Rules के तहत ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन बाद में उनकी नियुक्ति हुई और वे NPS के दायरे में आ गए।
CSIR ने जारी किया नया मेमोरेंडम
#BigBreaking
अनुकंपा (मृतक आश्रित) के आधार पर केंद्रीय स्वायत्त संस्थानों में नौकरी करने वाले उन #NPS कर्मचारियों को जिन्होंने 01.01.2004 से पहले नौकरी के लिए आवेदन किया था उन्हें #OPS मिलने की बहुत बहुत बधाई। अभी #CSIR ने इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है। संभव है जल्द ही… pic.twitter.com/aH1L1HvjXM
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) July 7, 2026 CSIR ने 7 जुलाई 2026 को जारी मेमोरेंडम में बताया कि कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (MoPP&P) के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा 22 जून 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम को सभी CSIR लैब, संस्थानों और इकाइयों को अनुपालन के लिए भेज दिया गया है।
इसका उद्देश्य पात्र कर्मचारियों के मामलों की जांच कर उन्हें CCS (Pension) Rules के तहत शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करना है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
इस निर्णय का लाभ मुख्य रूप से उन कर्मचारियों को मिल सकता है—
- जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले नौकरी के लिए आवेदन किया था।
- जिनकी नियुक्ति मृतक आश्रित (Compassionate Appointment) के आधार पर हुई।
- जो वर्तमान में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत कार्यरत हैं।
- जिनका मामला नए दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करता है।
ऐसे कर्मचारियों को भविष्य में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत पेंशन सुरक्षा मिलने का रास्ता खुल सकता है।
ऑल इंडिया NPS इंप्लॉई फेडरेशन ने जताई खुशी
ऑल इंडिया NPS इंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है, जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले आवेदन किया था लेकिन बाद में नियुक्ति मिलने के कारण NPS में शामिल हो गए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि CSIR के बाद अन्य केंद्रीय स्वायत्त संस्थान (Central Autonomous Bodies – CABs) भी इसी प्रक्रिया को अपनाएंगे, जिससे हजारों कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है।
सरकार के सामने उठाया लंबित मुद्दा
डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने सरकार का ध्यान एक अन्य महत्वपूर्ण विषय की ओर भी दिलाया। उन्होंने कहा कि डेथ और डिसेबिलिटी से जुड़े मामलों में OPS और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विकल्प अभी तक केंद्रीय स्वायत्त संस्थानों में लागू नहीं किया गया है।
उन्होंने केंद्रीय कार्मिक एवं पेंशन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से इस लंबित मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने की मांग की, ताकि प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर पेंशन सुरक्षा मिल सके।
8वें वेतन आयोग के बीच बढ़ी उम्मीदें
यह फैसला ऐसे समय आया है जब देशभर के केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों का मानना है कि वेतन संशोधन के साथ-साथ पेंशन से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान भी सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए।
CSIR द्वारा शुरू की गई यह प्रक्रिया फिलहाल सीमित दायरे में है, लेकिन यदि अन्य केंद्रीय स्वायत्त संस्थान भी इसे अपनाते हैं तो बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।
क्या है इस फैसले का महत्व?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदेश सभी NPS कर्मचारियों के लिए OPS लागू करने का फैसला नहीं है, बल्कि केवल उन पात्र मामलों से जुड़ा है जहां 1 जनवरी 2004 से पहले आवेदन किया गया था और नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई। इसलिए प्रत्येक मामले में पात्रता का निर्धारण संबंधित विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।


