India Optel Limited और Safran Electronics & Defense ने मिलकर दो अत्याधुनिक सिस्टमों का भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू करने का समझौता किया। यह कदम ‘Make in India’ और Aatmanirbhar Bharat के उद्देश्य को मजबूत करेगा।
🛡️ क्या हुआ? भारत Optel और Safran ने मिलकर किया बड़ा समझौता
भारत सरकार के Make in India और Aatmanirbhar Bharat (self-reliant India) विज़न को मजबूत करते हुए India Optel Limited (IOL) और फ्रांसीसी रक्षा टेक्नोलॉजी कंपनी Safran Electronics & Defense ने एक महत्वपूर्ण साझेदारी समझौता किया है। इसके तहत दो अत्याधुनिक युद्ध प्रणालियों का स्थानीय निर्माण भारत में किया जाएगा — जो सीधे भारतीय सेना के ऑपरेशनल उपयोग में आएंगी।
यह समझौता 2024 में हुए MoU पर आधारित है और अब उत्पादन, विधानसभा, गुणवत्ता जाँच और सपोर्ट जैसी पूरी प्रक्रिया भारत में ही होगी। Business Today
⚙️ कौन-कौन सी सिस्टमें भारत में बनाए जाएँगी?

सामान्यतः दो बेहद उन्नत सिस्टमों का स्थानीय उत्पादन होगा:
🧭 1. SIGMA 30N Digital Ring Laser Gyro Inertial Navigation System
यह सिस्टम इनर्शियल नेविगेशन के लिए उपयोग होता है, जो आर्टिलरी गन्स, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और रडार प्लेटफॉर्म में प्रयुक्त होता है। इससे लक्ष्य निर्धारण की सटीकता में सुधार आता है और फील्ड ऑपरेशंस में मजबूती आती है। Business Today
🎯 2. CM3-MR Direct Firing Sight
यह एक डायरेक्ट फायरिंग साइट है जो खासकर आर्टिलरी गन्स और एंटी-ड्रोन सिस्टम्स के लिए विकसित की गई है। इसका उद्देश्य लक्ष्य को तेजी और सटीकता से ट्रैक व लक्ष्य करना है।
🏭 लोकल प्रोडक्शन का पूरा प्रोसेस भारत में
समझौते के तहत India Optel Limited (IOL) को निम्न जिम्मेदारियाँ दी गई हैं:
✔ निर्माण (Manufacturing)
✔ अंतिम असेंबली (Final Assembly)
✔ टेस्टिंग और गुणवत्ता नियंत्रण (Testing & Quality Control)
✔ पूरे जीवन-चक्र (Life-Cycle Support) का समर्थन
इस साझेदारी से उच्च गुणवत्ता वाली रक्षा स्पेसिफिकेशन सिस्टम सीधे भारत में ही तैयार होंगे और भारतीय सेना की आवश्यकताओं के अनुसार उपलब्ध कराए जाएंगे।
🇮🇳 Make in India के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह साझेदारी सिर्फ एक तकनीकी समझौता नहीं है — यह भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका मतलब है: PSU India News
🔹 आयात निर्भरता कम होगी: अब उच्च-तकनीक प्रणालियाँ विदेश से मंगवाने के बजाय भारत में ही बनेंगी। PSU India News
🔹 स्थानीय रोजगार और कौशल विकास: उत्पादन केंद्रों में उच्च कौशल वाले भारतीय इंजीनियर और तकनीशियन काम करेंगे। Safran
🔹 रक्षा तकनीक का आत्मनिर्भर विकास: उन्नत नेविगेशन, फायर-कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक्स बिल्ट-इन इंडिया तैयार होंगे। Safran
यह एक रणनीतिक बदलाव है जो दूसरी-देशों पर निर्भरता घटाता है और भारतीय रक्षा तकनीक को ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धी बनाता है।
🔧 Safran का India में विस्तार
Safran Electronics & Defense पहले से ही भारत में निर्माण और R&D गतिविधियों का विस्तार कर रही है। उदाहरण के लिए, कंपनी ने बेंगलुरु में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन साइट और R&D सेंटर स्थापित किया है, जो महत्त्वपूर्ण रक्षा और विमानन उपकरण तैयार करने की क्षमता रखता है। Safran
Safran का भारत में करीब 70 साल से अधिक का इतिहास है, वह यहाँ पर एयरक्राफ्ट इंजन, नेविगेशन सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स भी सप्लाई कर रहा है।
🧠 भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता पर प्रभाव
यह साझेदारी न केवल कॉम्बैट-सिस्टम का स्थानीय उत्पादन सुनिश्चित करेगी बल्कि भारत को अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों को अंदर से विकसित करने में भी मदद करेगी। इससे भविष्य में: PSU India News
✔ भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर मजबूत होंगे
✔ रक्षा सप्लाई चेन की विश्वसनीयता बढ़ेगी
✔ तकनीकी क्षेत्र में माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स, फायर-कंट्रोल और नेविगेशन की विशेषज्ञता भारत में विकसित होगी
📌 निष्कर्ष
भारत Optel Limited और Safran Electronics & Defense का समझौता Make in India के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस साझेदारी से दो अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियाँ भारत में ही निर्मित होंगी, जिससे सेना की क्षमता बेहतर होगी और देश की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। Business Today
यह कदम स्पष्ट रूप से भारत की रक्षा उत्पादन रणनीति को एक नई दिशा दे रहा है — आत्म-निर्भर, सामरिक रूप से मजबूत और तकनीकी दृष्टि से उन्नत।
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