लोकल फेस्टिवल्स 2025: राजस्थान, बिहार और गुजरात के मेले और उत्सव का लेटेस्ट अपडेट। तीज मेला, पुष्कर मेला, बाणेश्वर मेला, श्रावणी मेला और धरौई एडवेंचर फेस्ट से जुड़ी तिथियाँ, मुख्य आकर्षण और यात्रा जानकारी यहाँ पढ़ें।
Contents
1. राजस्थान: स्वयं सिद्धा राखी तीज मेला, जयपुर

- समय: 26–28 जुलाई 2025
- स्थान: विद्याधर नगर, जयपुर
- उद्घाटन: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी द्वारा किया गया। मेले का मुख्य आकर्षण हैं हस्तशिल्प और महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए लोक उत्पाद।
- वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देते हुए, यह मेला राजस्थान की कला और संस्कृति को ऊँचा करता है।
2. राजस्थान: बाणेश्वर मेला, डूंगरपुर

- समय: 8–12 फरवरी 2025
- भीलों द्वारा मनाया जाने वाला यह मज़बूत सांस्कृतिक मेला है, जहाँ माही और सोम नदियों के संगम पर पवित्र डुबकी परंपरा का हिस्सा है।
- लोक संगीत, खेलकूद व प्रतियोगिताएँ इस मेला की विशेषता हैं।
3. राजस्थान: पुष्कर मेला, अजमेर

- समय: कार्तिक पूर्णिमा के आसपास (अक्टूबर–नवंबर)
- यह भारत का सबसे बड़ा ऊँट, गाय, गधा व घोड़े का मेला व सांस्कृतिक उत्सव है।
- 2025 में भी यह रंग-बिरंगे लोक नृत्यों, संगीत और ग्रामीण खेलों के साथ मनाया जाएगा।
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4. बिहार: श्रावणी मेला, कुल्लवारी, भागलपुर मार्ग

- समय: 11 जुलाई से (2025)
- बिहार पर्यटन विभाग ने की यात्रा के लिए सुविधा नियंत्रण बढ़ाया—टेंट शहरों, LED सूचना केंद्र, मेडिकल सुविधा, लाइव सांस्कृतिक कार्यक्रम व लेज़र शो शामिल हैं।
5. गुजरात: Dharoi Adventure Fest, मेहसाणा

- समय: 23 मई – जुलाई 2025
- प्रथम एडवेंचर फेस्टिला जिसमें पारंपरिक उत्सव की जगह एडवेंचर खेल, नाइट स्काईवॉचिंग, सांस्कृतिक प्रस्तुति तथा टेंट सिटी शामिल है।
- मुख्य आकर्षण: पैरासेलिंग, जाइंडिंग, कयाकिंग, फोक प्रदर्शन।
सारांश तालिका
| राज्य | मेला | तिथि / अवधि | मुख्य आकर्षण |
|---|---|---|---|
| राजस्थान | तीज मेला, जयपुर | 26–28 जुलाई 2025 | हस्तशिल्प, महिला उद्यमी, वोकल फॉर लोकल |
| राजस्थान | बाणेश्वर मेला, डूंगरपुर | 8–12 फरवरी 2025 | आदिवासी संस्कृति, नदी संगम, लोक प्रतियोगिताएं |
| राजस्थान | पुष्कर मेला, अजमेर | अक्टूबर–नवंबर | ऊँट मेला, सांस्कृतिक उत्सव, ग्रामीण खेल |
| बिहार | श्रावणी मेला | 11 जुलाई 2025 onwards | तंबू बसे, लेज़र शो, Ganga aarti |
| गुजरात | धरौई एडवेंचर फेस्ट | 23 मई – जुलाई 2025 | एडवेंचर खेल, सांस्कृतिक प्रदर्शन, टेंट सिटी |
निष्कर्ष
2025 में ये मेले केवल लोक संस्कृति के उत्सव नहीं, बल्कि मंडियों, पर्यटन, स्थानीय कला एवं रोजगार के समृद्ध मंच भी बने हुए हैं। हर क्षेत्र में प्रशासन ने सुविधा, सुरक्षा और प्रसारण पर विशेष ध्यान दिया है।
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