IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण उत्तर प्रदेश और उससे सटे पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण कई राज्यों में भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 अगस्त को दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
इस मौसमी सिस्टम का असर सिर्फ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर, मध्य और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में 1 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
यूपी और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और तटीय कर्नाटक में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हुई।
इसके अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, बिहार, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
कम दबाव के क्षेत्र की वजह से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में 26 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में 26 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 26 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 27 अगस्त तथा 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
लगातार बारिश की वजह से ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को निचले इलाकों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
उत्तराखंड में 1 सितंबर तक बारिश
उत्तराखंड में भी अगले कई दिनों तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार, 26 अगस्त से 1 सितंबर तक राज्य में व्यापक बारिश जारी रह सकती है।
26 अगस्त के अलावा 30 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होने का अनुमान है। 1 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना है।
वहीं पूर्वी राजस्थान में 26 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 27 अगस्त को कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का जोर
दक्षिण उत्तर प्रदेश से सटे कम दबाव के क्षेत्र का सीधा प्रभाव मध्य प्रदेश पर दिखाई दे रहा है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश में 26 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 और 27 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 26 और 27 अगस्त के साथ-साथ 30 अगस्त से 1 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में भी 26 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है। विदर्भ में 26-27 अगस्त और 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है।
IMD ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में 30 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को लेकर भी अलर्ट जारी किया है।
बिहार में आकाशीय बिजली का खतरा
पूर्वी भारत में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। बिहार में 26 और 27 अगस्त तथा 29 अगस्त को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। 26 से 29 अगस्त के बीच कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने 26 अगस्त को बिहार के अलग-अलग इलाकों में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की विशेष चेतावनी दी है। ऐसे में बारिश के दौरान खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
झारखंड में 27 से 30 अगस्त, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 27 और 28 अगस्त तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 26 अगस्त और 29 से 31 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है।
ओडिशा में 1 सितंबर तक बारिश का अलर्ट
ओडिशा में भी आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। राज्य में 26 से 28 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 26 और 27 अगस्त को मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून
पूर्वोत्तर भारत के लिए भी मौसम विभाग ने बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 26 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में 30 अगस्त तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 26 और 30 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 30 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
कोंकण-गोवा में 1 सितंबर तक बारिश
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 26 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 1 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।
26 अगस्त को मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश के साथ बिजली चमकने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश और आंधी जैसी स्थिति बन सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक में 26 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 26 से 28 अगस्त के दौरान बारिश हो सकती है।
26 अगस्त को लक्षद्वीप और 26-27 अगस्त को केरल व माहे में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 26 से 30 अगस्त के दौरान मौसम खराब रह सकता है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के साथ बिजली कड़कने की आशंका है।
उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।
1 सितंबर तक किन राज्यों में बारिश?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में बारिश की प्रमुख गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं:
- उत्तर प्रदेश: 26 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश, कई अन्य दिनों में भारी बारिश
- मध्य प्रदेश: 26 अगस्त को उत्तर-पश्चिम हिस्से में अत्यंत भारी बारिश
- उत्तराखंड: 26 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश
- छत्तीसगढ़: 26 अगस्त से 1 सितंबर तक बारिश
- बिहार: 26-29 अगस्त के बीच बारिश और कुछ हिस्सों में भारी बारिश
- ओडिशा: 26 अगस्त से 1 सितंबर तक बारिश, कुछ दिनों में बहुत भारी बारिश
- पूर्वोत्तर भारत: 26 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश
- कोंकण-गोवा: 26 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश
- तटीय कर्नाटक: 26 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश
- केरल और लक्षद्वीप: 26-28 अगस्त के दौरान बारिश
लोगों को बरतनी होगी सावधानी
भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना वाले इलाकों में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करना बेहतर रहेगा।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों और अन्य खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। पहाड़ी राज्यों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को भूस्खलन तथा सड़क बंद होने जैसी संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखना चाहिए।
कुल मिलाकर, दक्षिण उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से बने कम दबाव के क्षेत्र ने देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। IMD के मुताबिक 1 सितंबर तक कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि यूपी और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 26 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।


