इंस्टाग्राम पर इन दिनों एक ऐसे रहस्यमयी पेज की चर्चा हो रही है, जिसने अपने नाम और लगातार किए जा रहे पोस्ट के जरिए लोगों की उत्सुकता काफी बढ़ा दी। पेज का नाम “25th August 2026” रखा गया था और इसके जरिए संकेत दिए जा रहे थे कि 25 अगस्त को कोई बड़ा खुलासा या सरप्राइज सामने आने वाला है। देखते ही देखते पेज के करीब 4 लाख फॉलोअर्स होने का दावा किया गया।
लेकिन 25 अगस्त आते-आते कहानी ने एक अलग मोड़ ले लिया। कथित बड़े खुलासे को देखने के लिए लोगों से पैसे मांगे जाने की बात सामने आई। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस पूरे मामले को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ लोग इसे बेहद चालाक मार्केटिंग स्ट्रैटेजी बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स इसे स्कैम कह रहे हैं।
25 अगस्त को क्या होने वाला था?
वायरल वीडियो में एक महिला ने पूरे मामले के बारे में बताते हुए इसे साल 2026 के बड़े “स्कैम” में से एक बताया। उसके मुताबिक, इस इंस्टाग्राम पेज के जरिए कई दिनों तक 25 अगस्त को होने वाले किसी बड़े सरप्राइज का संकेत दिया गया।
रहस्य बढ़ने के साथ ही बड़ी संख्या में यूजर्स इस तारीख का इंतजार करने लगे। पेज की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके करीब 4 लाख फॉलोअर्स होने का दावा किया गया।
हालांकि, पेज की ओर से वास्तव में क्या वादा किया गया था और उसके पीछे की पूरी रणनीति क्या थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
Telegram लिंक ने बढ़ाई उत्सुकता
बताया जा रहा है कि 25 अगस्त को इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए एक Telegram लिंक शेयर किया गया। फॉलोअर्स को कथित तौर पर बताया गया कि दोपहर 12 बजे इसी लिंक के जरिए वह बड़ा खुलासा किया जाएगा, जिसका इंतजार कई दिनों से किया जा रहा था।
लेकिन कथित तौर पर लिंक तक पहुंचने के लिए ₹500 का भुगतान करना पड़ा। यहीं से मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया।
लोगों के मन में सवाल उठने लगा कि आखिर ऐसा क्या खास है, जिसके लिए उन्हें ₹500 देने पड़ रहे हैं।
1 लाख लोगों ने दिए ₹500?
वायरल वीडियो में दावा किया गया कि करीब 1 लाख लोगों ने ₹500-₹500 देकर उस लिंक को खोला। अगर यह दावा सही है, तो गणना के हिसाब से रकम करीब ₹5 करोड़ बैठती है।
हालांकि, इसी मामले में करीब ₹8.5 करोड़ की रकम का भी दावा किया गया है। इसलिए भुगतान करने वाले लोगों की वास्तविक संख्या और कुल रकम की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ऐसे में इन आंकड़ों को पक्के तथ्य के तौर पर नहीं, बल्कि वायरल वीडियो में किए गए दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
करोड़ों के दावे के बाद सामने आया AI वीडियो
मामले का सबसे ज्यादा चर्चा वाला हिस्सा इसके बाद सामने आया। वायरल वीडियो में महिला के मुताबिक, लोगों को कथित लिंक खोलने के बाद कोई बड़ा या सनसनीखेज खुलासा नहीं मिला।
इसके बजाय वहां एक AI-generated motivational video दिखाई देने का दावा किया गया। बताया गया कि वीडियो में समय की कद्र करने, सुबह जल्दी उठने और जीवन को बेहतर बनाने जैसे सामान्य मोटिवेशनल संदेश दिए गए।
यानी जिस चीज को लेकर कई दिनों तक रहस्य बनाया गया था, उसके बदले लोगों को कथित तौर पर एक सामान्य मोटिवेशनल वीडियो देखने को मिला।
यही वजह है कि पैसे खर्च करने वाले कुछ यूजर्स कथित तौर पर नाराज नजर आए और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए जमकर मजे
वीडियो सामने आने के बाद कमेंट सेक्शन में लोगों ने अलग-अलग अंदाज में प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने ₹500 खर्च करने वाले यूजर्स का मजाक बनाया, जबकि कुछ ने पूरे अभियान को शानदार मार्केटिंग बताया।
एक तरह की राय यह रही कि अगर किसी ने इतनी उत्सुकता पैदा करके लाखों लोगों को अपने कंटेंट तक पहुंचाया, तो इसे मार्केटिंग की सफल रणनीति माना जा सकता है।
दूसरी तरफ, आलोचना करने वाले यूजर्स का कहना है कि अगर लोगों से पैसे लेकर जिस “सरप्राइज” का वादा किया गया था, उसके बदले सामान्य AI वीडियो दिखाया गया, तो यह लोगों की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ हो सकता है।
किसी ने कहा- ‘मैं तो ₹5 भी नहीं देती’
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने साफ कहा कि वे इस तरह के रहस्यमयी खुलासे के लिए पैसे नहीं देते। कई लोगों ने मजेदार कमेंट करते हुए कहा कि ₹500 खर्च करने के बाद ऐसा कंटेंट मिलना उनके लिए बड़ा झटका रहा होगा।
वहीं, कुछ लोगों ने इसे अलग नजरिए से देखा। उनके मुताबिक, लोगों ने अपनी इच्छा से भुगतान किया और अगर पेज ने पहले से कोई स्पष्ट गारंटी नहीं दी थी, तो पूरे मामले को स्कैम कहना जल्दबाजी हो सकती है।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर “स्कैम बनाम स्मार्ट मार्केटिंग” की बहस चल रही है।
आखिर कितना पैसा जुटाया गया?
यह इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है। वायरल दावों में एक तरफ 1 लाख लोगों द्वारा ₹500 भुगतान करने की बात कही जा रही है, जिससे करीब ₹5 करोड़ की रकम बनती है। दूसरी तरफ ₹8.5 करोड़ तक जुटाए जाने का दावा भी सामने आया है।
लेकिन इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि वास्तव में कितने लोगों ने भुगतान किया और कुल कितनी रकम जमा हुई।
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी जानकारियों में दावों और सत्यापित तथ्यों के बीच अंतर समझना जरूरी है।
क्या यह स्कैम था या मार्केटिंग का तरीका?
फिलहाल उपलब्ध वायरल दावों के आधार पर इसे निश्चित तौर पर स्कैम कहना उचित नहीं होगा। किसी मामले को ठगी साबित करने के लिए यह जानना जरूरी है कि लोगों से क्या वादा किया गया था, भुगतान के बदले क्या शर्तें थीं और वास्तव में उन्हें क्या उपलब्ध कराया गया।
अगर लोगों को किसी खास कंटेंट या सरप्राइज का स्पष्ट वादा करके उससे बिल्कुल अलग चीज दी गई, तो सवाल जरूर उठते हैं। वहीं, अगर यह पूरा अभियान पहले से बनाई गई मार्केटिंग रणनीति थी और लोगों को जानबूझकर एक सामान्य मोटिवेशनल वीडियो तक लाया गया, तो इसे अलग नजरिए से देखा जा सकता है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट में किए गए दावों से आगे इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
लोगों को ऐसे वायरल ऑफर्स से क्या सीख लेनी चाहिए?
सोशल मीडिया पर किसी रहस्यमयी पोस्ट या बड़े खुलासे का दावा देखकर तुरंत भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर तब, जब पेज की पहचान, संचालक और भुगतान के बदले मिलने वाली चीज की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न हो।
किसी भी ऐसे लिंक पर पैसे देने से पहले यह देखना जरूरी है कि ऑफर क्या है, भुगतान किस प्लेटफॉर्म के जरिए हो रहा है और रिफंड या शिकायत की कोई व्यवस्था है या नहीं।
निष्कर्ष: “25th August 2026” नाम के इंस्टाग्राम पेज को लेकर वायरल कहानी ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा जरूर पैदा की है। ₹500 भुगतान, लाखों रुपये जुटाने और AI-generated motivational video दिखाए जाने के दावे ने लोगों को हैरान किया है। लेकिन भुगतान करने वाले लोगों की संख्या और कुल रकम समेत इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल एक दावे के रूप में ही देखना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर्स द्वारा शेयर किए गए कंटेंट और वायरल दावों पर आधारित है। NewsJagran इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।


