Gift Nifty Indicator: वैश्विक शेयर बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty लाल निशान में कारोबार कर रहा है, जिससे संकेत मिल रहा है कि सेंसेक्स और निफ्टी की ओपनिंग दबाव के साथ हो सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और निवेशकों की सतर्कता मानी जा रही है। इसके अलावा जून तिमाही (Q1) के नतीजों का सीजन भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
GIFT Nifty दे रहा कमजोर शुरुआत का संकेत
बुधवार सुबह करीब 8:15 बजे GIFT Nifty 24,104 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसमें 66 अंकों यानी 0.28% की गिरावट दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि Nifty 50 अपने पिछले बंद स्तर 24,187.70 से नीचे खुल सकता है।
मंगलवार को भी घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 238.41 अंक (0.31%) टूटकर 77,470.11 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50.80 अंक (0.21%) फिसलकर 24,187.70 पर आ गया।
एशियाई बाजारों में शानदार तेजी
दिलचस्प बात यह है कि भारतीय बाजार के कमजोर संकेतों के विपरीत एशियाई शेयर बाजारों में मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।
- जापान के बाहर MSCI एशिया-पैसिफिक इंडेक्स करीब 1.2% मजबूत हुआ।
- दक्षिण कोरिया का Kospi 6% से अधिक उछल गया।
- जापान का Nikkei 225 करीब 1.9% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
- अमेरिकी शेयर वायदा (US Futures) में भी स्थिरता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनियों में आई तेज रिकवरी ने वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में फिर से भरोसा बढ़ाया है।
वॉल स्ट्रीट में लौटी खरीदारी
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी के चलते प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में रहे।
- Dow Jones में 0.74% की तेजी
- S&P 500 में 0.89% की बढ़त
- Nasdaq Composite में 1.29% की मजबूती
अब निवेशकों की नजर अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है।
मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल में उबाल
भारतीय बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों का है। मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के कारण सप्लाई बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
ताजा कारोबार में—
- ब्रेंट क्रूड 0.55% बढ़कर 91.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- WTI क्रूड 0.36% बढ़कर 84.64 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
अमेरिका द्वारा लगातार ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले, कुवैत की ओर से ड्रोन हमलों की रिपोर्ट और लाल सागर में हूती विद्रोहियों की नई धमकियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे का जोखिम बढ़ा सकती हैं, जिसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है।
Q1 रिजल्ट्स पर रहेगी निवेशकों की नजर
आज बाजार की दिशा तय करने में कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे भी अहम भूमिका निभाएंगे।
आज जिन प्रमुख कंपनियों के परिणाम आने हैं, उनमें शामिल हैं—
- डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज
- Eternal
- नेस्ले इंडिया
निवेशक केवल नतीजों पर ही नहीं बल्कि कंपनियों के मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति, मांग का अनुमान और मार्जिन आउटलुक पर भी खास नजर रखेंगे।
बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार बैंक निफ्टी अभी भी अपने 20, 50, 100 और 200 दिन के EMA के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिससे दीर्घकालिक ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि शॉर्ट टर्म में सतर्कता जरूरी है।
ऊपर की ओर महत्वपूर्ण स्तर
- 58,000–58,100 पहला रेजिस्टेंस
- इसके ऊपर टिकने पर 58,400 का लक्ष्य
- अगला रेजिस्टेंस 58,600–58,700
नीचे की ओर सपोर्ट
- 57,600–57,500 मजबूत सपोर्ट ज़ोन
- इसके नीचे फिसलने पर 57,300–57,200 तक गिरावट संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि 58,000 के ऊपर क्लोजिंग आने पर बैंक निफ्टी में फिर से मजबूती लौट सकती है, जबकि 57,500 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
आज बाजार पर असर डालने वाले प्रमुख फैक्टर
- GIFT Nifty में कमजोरी
- मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
- कच्चे तेल की ऊंची कीमतें
- जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे
- वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख
- टेक्नोलॉजी शेयरों में रिकवरी
निष्कर्ष
हालांकि वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है, लेकिन भारतीय बाजार फिलहाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जोखिमों के बीच फंसा हुआ है। GIFT Nifty का लाल निशान में कारोबार यह संकेत देता है कि आज सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है। निवेशकों के लिए आज Q1 रिजल्ट्स, कच्चे तेल की चाल और मिडिल ईस्ट से आने वाली खबरें सबसे अहम ट्रिगर रहेंगी।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।


