Asian Market Today: बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5% से अधिक उछल गया, जबकि जापान का निक्केई, ताइवान और चीन के बाजार भी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग और सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स दबाव में रहे।
ग्लोबल बाजारों में यह तेजी ऐसे समय आई है जब अमेरिका के टेक शेयरों, खासकर सेमीकंडक्टर कंपनियों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों की चिंता भी बढ़ा रही हैं।
एशियाई बाजारों का हाल
बुधवार को प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
| इंडेक्स | स्थिति |
|---|---|
| जापान निक्केई 225 | 1.81% की तेजी |
| दक्षिण कोरिया कोस्पी | 5.24% की जोरदार बढ़त |
| ताइवान वेटेड इंडेक्स | 1.85% बढ़कर 45,050.66 |
| शंघाई कम्पोजिट | 0.41% बढ़कर 3,880.99 |
| हैंगसेंग | 0.86% की गिरावट |
| स्ट्रेट्स टाइम्स | 0.45% कमजोर |
कोस्पी में आई तेज उछाल का सबसे बड़ा कारण सेमीकंडक्टर सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी रही। निवेशकों ने AI और चिप सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में मजबूत निवेश किया।
वॉल स्ट्रीट की तेजी का मिला एशिया को सहारा
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों में शानदार खरीदारी के चलते नैस्डैक ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
- डॉव जोन्स 385.38 अंक (0.74%) बढ़कर 52,224.64 पर बंद हुआ।
- S&P 500 65.92 अंक (0.89%) चढ़कर 7,509.20 पर पहुंचा।
- नैस्डैक कंपोजिट 329.13 अंक (1.29%) बढ़कर 25,837.21 पर बंद हुआ।
सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी
अमेरिकी चिप कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
- Nvidia : 1.97% की तेजी
- AMD : 8.11% उछला
- Intel : 8.64% चढ़ा
- Micron Technology : 12.17% की बड़ी छलांग
- Broadcom : 2.21% मजबूत
- Tesla : 2.53% की बढ़त
- SpaceX : 3.08% ऊपर
- Microsoft : 1.13% फिसला
AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी ने पूरे टेक सेक्टर को सपोर्ट दिया।
अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
बाजार की तेजी के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने लगातार 11वें दिन ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इन हमलों में मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
इस बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
ट्रंप के टैरिफ प्लान पर बाजार की नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयातित जेनेरिक दवाओं पर नए टैरिफ प्लान की घोषणा की है।
- अगले दो वर्षों तक 0% टैरिफ
- उसके बाद एक वर्ष के लिए 100% टैरिफ
- फिर 200% टैरिफ लागू करने की योजना
इस फैसले का असर भारतीय फार्मा कंपनियों समेत वैश्विक दवा उद्योग पर पड़ सकता है।
जापान का ट्रेड डेफिसिट उम्मीद से ज्यादा बढ़ा
जून महीने में कमजोर येन के कारण जापान का व्यापार घाटा अनुमान से कहीं अधिक रहा।
- एक्सपोर्ट में 19.3% की सालाना बढ़त
- इम्पोर्ट में 25.4% की वृद्धि
- ट्रेड डेफिसिट 406.9 बिलियन येन
- बाजार का अनुमान 120 बिलियन येन था।
जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी
महंगाई की बढ़ती चिंताओं के बीच जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड : 2.745%
- 5 वर्षीय यील्ड : 1.960%
- 2 वर्षीय यील्ड : 1.435%
- 40 वर्षीय यील्ड : 3.89%
बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि निवेशक महंगाई और ब्याज दरों को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें तेज हुईं।
- ब्रेंट क्रूड : 92.12 डॉलर प्रति बैरल (1.22% बढ़त)
- WTI क्रूड : 85.26 डॉलर प्रति बैरल (1.09% बढ़त)
ऊंची तेल कीमतें आने वाले समय में वैश्विक महंगाई पर असर डाल सकती हैं।
सोने और डॉलर का हाल
सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में तेजी बनी रही।
- स्पॉट गोल्ड : 4,080.79 डॉलर प्रति औंस
- स्पॉट सिल्वर : 58.83 डॉलर प्रति औंस
वहीं अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगभग एक सप्ताह के उच्च स्तर 101.20 के आसपास बना रहा। डॉलर के मुकाबले जापानी येन 163.06 पर कारोबार करता दिखा, जबकि यूरो 1.1401 डॉलर और ब्रिटिश पाउंड 1.3385 डॉलर पर रहा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
ग्लोबल बाजारों में फिलहाल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में मजबूती देखने को मिल रही है, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बॉन्ड यील्ड में उछाल जैसे जोखिम बने हुए हैं। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार पर भी आज ग्लोबल संकेतों का असर देखने को मिल सकता है, खासकर आईटी, सेमीकंडक्टर, ऑयल एवं गैस और फार्मा सेक्टर के शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


