Pranav Constructions IPO: प्रणव कंस्ट्रक्शंस का आईपीओ 7 सितंबर 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने इस इश्यू के लिए ₹118 से ₹124 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। IPO में निवेश करने के लिए कम से कम 120 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट खरीदने के लिए ₹14,880 खर्च करने होंगे। इस इश्यू में निवेश की आखिरी तारीख 9 सितंबर 2026 है।
आईपीओ खुलने से पहले ही प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयरों को ग्रे मार्केट में अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिखाई दे रहा है। कंपनी का लेटेस्ट GMP ₹43 बताया जा रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम में लगातार बदलाव हो सकता है और इसका लिस्टिंग प्राइस पर कोई आधिकारिक असर नहीं होता।
करीब ₹351 करोड़ का है Pranav Constructions IPO
प्रणव कंस्ट्रक्शंस इस आईपीओ के जरिए करीब ₹351 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इश्यू में लगभग ₹315.60 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारक BioUrja India Infra करीब 28,56,869 शेयर ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचने वाला है। OFS वाले शेयरों की कीमत लगभग ₹35.43 करोड़ बताई गई है।
IPO के बाद कंपनी के शेयरों को NSE और BSE दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Centrum Capital और PNB Investment Services हैं। वहीं, KFin Technologies को IPO का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
Pranav Constructions IPO का GMP ₹43 पहुंचा
प्रणव कंस्ट्रक्शंस IPO को लेकर ग्रे मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी नजर आ रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, IPO का लेटेस्ट GMP ₹43 प्रति शेयर है।
अगर अपर प्राइस बैंड ₹124 में ₹43 का GMP जोड़ें तो संभावित कीमत करीब ₹167 प्रति शेयर बैठती है। इस हिसाब से ग्रे मार्केट में लगभग 34.68% के प्रीमियम का संकेत मिल रहा है।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि GMP आधिकारिक लिस्टिंग प्राइस नहीं है। ग्रे मार्केट प्रीमियम बाजार की धारणा का केवल एक अनौपचारिक संकेत होता है। लिस्टिंग के समय वास्तविक कीमत इससे अलग हो सकती है।
मुंबई के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर कंपनी का फोकस
प्रणव कंस्ट्रक्शंस की शुरुआत साल 2003 में हुई थी। कंपनी का प्रमुख कारोबार मुंबई में पुराने आवासीय प्रोजेक्ट्स के री-डेवलपमेंट से जुड़ा है। कंपनी खास तौर पर MCGM क्षेत्र के पश्चिमी उपनगरों में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी और C&W Report के मुताबिक, यूनिट्स की सप्लाई तथा पूरे हो चुके और निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की संख्या के आधार पर प्रणव कंस्ट्रक्शंस इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
कंपनी के पास कुल 1,864 यूनिट्स और 34 पूरे हो चुके या निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स बताए गए हैं। तुलना में इसी अवधि के दौरान अन्य डेवलपर्स के पास करीब 4 से 11 ऐसे प्रोजेक्ट्स थे।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
प्रणव कंस्ट्रक्शंस के वित्तीय आंकड़ों में भी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू FY26 में ₹761.60 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹636.27 करोड़ था।
इसी तरह कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़ा। FY26 में नेट प्रॉफिट ₹71.32 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹62.25 करोड़ था।
कंपनी का ROCE FY26 में 24.34% रहा। FY25 में यह आंकड़ा 24.83% था। यानी रेवेन्यू और मुनाफे में वृद्धि के बावजूद ROCE में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
Pranav Constructions IPO की जरूरी बातें
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| IPO खुलने की तारीख | 7 सितंबर 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 9 सितंबर 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹118-₹124 प्रति शेयर |
| लॉट साइज | 120 शेयर |
| एक लॉट की कीमत | ₹14,880 |
| IPO का आकार | करीब ₹351 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | करीब ₹315.60 करोड़ |
| OFS | 28,56,869 शेयर |
| लेटेस्ट GMP | ₹43 |
| लिस्टिंग | NSE और BSE |
| रजिस्ट्रार | KFin Technologies |
| बुक रनिंग लीड मैनेजर | Centrum Capital और PNB Investment Services |
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
Pranav Constructions IPO का GMP फिलहाल मजबूत नजर आ रहा है और कंपनी के वित्तीय आंकड़ों में भी सुधार हुआ है। इसके अलावा मुंबई के री-डेवलपमेंट मार्केट में कंपनी की मजबूत मौजूदगी भी निवेशकों के लिए एक अहम पहलू हो सकती है।
लेकिन सिर्फ GMP या संभावित लिस्टिंग गेन के आधार पर IPO में निवेश का फैसला करना सही नहीं है। कंपनी की वैल्यूएशन, कर्ज, प्रोजेक्ट पाइपलाइन, जोखिम और IPO से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल जैसी बातों का भी आकलन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। IPO और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक या सुनिश्चित लिस्टिंग प्राइस का संकेत नहीं है। निवेश करने से पहले कंपनी के IPO दस्तावेजों और वित्तीय आंकड़ों को ध्यान से पढ़ें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह प्रदान नहीं करता।


