Tata Sons Chairman News: NSE के MD और CEO आशीषकुमार चौहान को Tata Sons के अगले चेयरमैन की संभावित रेस में शामिल किए जाने की खबरों पर अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने सफाई दी है। NSE ने इन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा है कि इनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। खुद आशीषकुमार चौहान ने भी Tata Sons के चेयरमैन पद से जुड़ी अटकलों को पूरी तरह निराधार बताया है।
चौहान ने स्पष्ट किया है कि इस समय उनका पूरा ध्यान NSE की जिम्मेदारियों और एक्सचेंज की प्रस्तावित लिस्टिंग पर है। उन्होंने कहा कि वह बोर्ड और शेयरधारकों के साथ मिलकर NSE के IPO और सफल लिस्टिंग की दिशा में काम कर रहे हैं।
NSE ने Tata Sons चेयरमैन की खबरों को किया खारिज
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 6 सितंबर को उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया, जिनमें आशीषकुमार चौहान का नाम Tata Sons के अगले चेयरमैन के संभावित उम्मीदवारों में बताया गया था।
एक्सचेंज ने कहा कि चौहान का नाम Tata Sons के चेयरमैन पद की दौड़ में होने संबंधी खबरें NSE के पास उपलब्ध किसी तथ्य या जानकारी पर आधारित नहीं हैं। NSE की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब एक्सचेंज अपनी प्रस्तावित IPO लिस्टिंग की तैयारियों में जुटा हुआ है।
PTI की रिपोर्ट के बाद सामने आया स्पष्टीकरण
यह मामला 5 सितंबर को सामने आई PTI की एक रिपोर्ट के बाद चर्चा में आया। रिपोर्ट में Tata Sons के अगले चेयरमैन पद के संभावित दावेदारों के तौर पर Tata Steel के CEO टीवी नरेंद्रन और Tata Sons के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौरभ अग्रवाल के नामों का जिक्र किया गया था।
इसी रिपोर्ट में NSE के MD और CEO आशीषकुमार चौहान का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया गया था। इसके बाद NSE ने इन खबरों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि चौहान का नाम चेयरमैन पद की दौड़ से जोड़ने वाली रिपोर्ट्स तथ्यात्मक आधार पर सही नहीं हैं।
आशीषकुमार चौहान ने भी अटकलों को बताया गलत
आशीषकुमार चौहान ने NSE को भेजे एक ईमेल में Tata Sons के चेयरमैन पद से अपना नाम जोड़े जाने वाली खबरों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन रिपोर्ट्स में तथ्यात्मक सच्चाई नहीं है।
चौहान ने यह भी संकेत दिया कि उनकी मौजूदा प्राथमिकता NSE की जिम्मेदारियों को पूरा करना है। खासतौर पर एक्सचेंज की प्रस्तावित शेयर बाजार लिस्टिंग उनके एजेंडे में अहम है।
NSE IPO पर है चौहान का फोकस
NSE लंबे समय से अपने IPO की तैयारी कर रहा है। एक्सचेंज के लिए प्रस्तावित लिस्टिंग एक महत्वपूर्ण कॉरपोरेट प्रक्रिया है और ऐसे समय में शीर्ष प्रबंधन की भूमिका काफी अहम हो जाती है।
चौहान ने कहा कि वह NSE के बोर्ड और शेयरधारकों के साथ मिलकर एक्सचेंज की सफल लिस्टिंग के लिए काम कर रहे हैं। उनके बयान से साफ है कि फिलहाल उनका ध्यान NSE के IPO और उससे जुड़ी तैयारियों पर है।
Tata Sons के अगले चेयरमैन को लेकर क्यों है चर्चा?
Tata Sons देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक, Tata Group की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है। ऐसे में इसके चेयरमैन पद को लेकर होने वाली किसी भी संभावित नियुक्ति पर बाजार और कॉरपोरेट जगत की नजर रहती है।
हालांकि, आशीषकुमार चौहान के नाम को लेकर सामने आई अटकलों पर NSE और चौहान दोनों की ओर से स्पष्टीकरण दिया जा चुका है। इसलिए फिलहाल उन्हें Tata Sons के अगले चेयरमैन पद का दावेदार मानने का कोई आधिकारिक आधार नहीं है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
आशीषकुमार चौहान का NSE में बने रहना एक्सचेंज के प्रस्तावित IPO के लिहाज से महत्वपूर्ण है। NSE की लिस्टिंग से जुड़े घटनाक्रम पर बाजार की नजर बनी हुई है। हालांकि, निवेशकों को किसी भी खबर के आधार पर फैसला लेने के बजाय NSE, संबंधित नियामकों और कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
Disclaimer: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


