Kal Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर के लिए कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना
7 सितंबर को उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज रह सकती हैं। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के साथ आंधी का अलर्ट
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।
वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे के कुछ इलाकों में मौसम गर्म और उमस भरा रह सकता है।
बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश-आंधी
पूर्वी भारत के राज्यों में भी 7 सितंबर को मौसम पूरी तरह शांत रहने की उम्मीद नहीं है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
इन क्षेत्रों में हवा की गति करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी
पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर मजबूत बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में 7 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।
बारिश के दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
समुद्र में खराब मौसम, मछुआरों को सावधानी की सलाह
मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों में भी खराब परिस्थितियों को लेकर चेतावनी जारी की है। सोमालिया तट, ओमान तट और उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम तथा उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं।
इन इलाकों में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जबकि झोंकों के दौरान यह गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
समुद्र में तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को इन प्रभावित क्षेत्रों में समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
7 सितंबर को किन राज्यों में ज्यादा बारिश का असर?
- बिहार: कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: भारी बारिश के आसार
- उत्तराखंड: भारी बारिश के साथ गरज-चमक
- पूर्वी मध्य प्रदेश: कुछ स्थानों पर तेज बारिश
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम: भारी बारिश की संभावना
- पूर्वोत्तर राज्य: कई हिस्सों में भारी बारिश
- आंध्र प्रदेश: आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा
- ओडिशा, झारखंड और कर्नाटक: गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
जहां भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट है, वहां लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने और यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। वहीं समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करना बेहद जरूरी है।
नोट: मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले IMD और प्रशासनिक अलर्ट को प्राथमिकता दें।


