Gaya-Bangkok Direct Flight: बिहार के लोगों के लिए विदेश यात्रा को लेकर बड़ी खुशखबरी है। इंडिगो 26 अक्टूबर 2026 से गया और बैंकॉक के बीच नॉन-स्टॉप उड़ान शुरू करने जा रही है। यह फ्लाइट सप्ताह में दो दिन चलेगी और गया से बैंकॉक का सफर करीब 3 घंटे में पूरा होगा। इससे बिहार और थाईलैंड के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
इंडिगो ने इस नए इंटरनेशनल रूट पर बुकिंग भी शुरू कर दी है। फ्लाइट सोमवार और गुरुवार को संचालित होगी। गया से बैंकॉक जाने वाली फ्लाइट का नंबर 6E 1083, जबकि वापसी की फ्लाइट 6E 1084 होगी। तय शेड्यूल के मुताबिक गया से उड़ान दोपहर 1:15 बजे रवाना होगी और बैंकॉक शाम 5:50 बजे पहुंचेगी।
करीब 3 घंटे में पूरा होगा सफर
गया से बैंकॉक की हवाई दूरी करीब 2,060 किलोमीटर है। उपलब्ध फ्लाइट शेड्यूल के अनुसार इस रूट पर नॉन-स्टॉप उड़ान का समय करीब 3 घंटे है। यानी यात्रियों को अब कोलकाता, दिल्ली या किसी अन्य शहर में फ्लाइट बदलने की जरूरत नहीं होगी।
पहले गया से बैंकॉक जाने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ता था, जिससे यात्रा का समय काफी बढ़ जाता था। नई सीधी उड़ान से खासतौर पर बोधगया जाने वाले विदेशी पर्यटकों और थाईलैंड जाने वाले बिहार के यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
गया-बैंकॉक फ्लाइट का पूरा शेड्यूल
| रूट | फ्लाइट नंबर | दिन | रवाना होने का समय | पहुंचने का समय |
|---|---|---|---|---|
| गया से बैंकॉक | 6E 1083 | सोमवार, गुरुवार | दोपहर 1:15 बजे | शाम 5:50 बजे |
| बैंकॉक से गया | 6E 1084 | सोमवार, गुरुवार | सुबह 10:15 बजे | दोपहर 12:15 बजे |
नोट: दिए गए समय स्थानीय समय के अनुसार हैं और शेड्यूल नियामकीय मंजूरियों के अधीन है।
कितना है गया से बैंकॉक का किराया?
गया-बैंकॉक डायरेक्ट फ्लाइट का किराया यात्रा की तारीख, सीट उपलब्धता और बुकिंग के समय के हिसाब से बदल सकता है। 24 अगस्त को उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इंडिगो की बुकिंग में इस रूट पर वन-वे किराया लगभग 17,000 से 18,000 रुपये के आसपास बताया गया है।
वहीं, अलग-अलग तारीखों के लिए फ्लाइट किराया इससे कम या ज्यादा भी हो सकता है। उदाहरण के तौर पर कनेक्टिंग फ्लाइट के कुछ विकल्प करीब 15,576 रुपये से उपलब्ध दिख रहे हैं, लेकिन ये डायरेक्ट फ्लाइट का किराया नहीं है। इसलिए यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले इंडिगो की वेबसाइट या ऐप पर अपनी तारीख के अनुसार ताजा किराया जरूर चेक करना चाहिए।
बोधगया और थाईलैंड के बीच मजबूत होगा कनेक्शन
गया एयरपोर्ट से बैंकॉक की सीधी उड़ान का सबसे बड़ा फायदा बोधगया को मिल सकता है। बोधगया बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में शामिल है और यहां स्थित महाबोधि मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
थाईलैंड में भी बौद्ध धर्म की मजबूत परंपरा है। ऐसे में गया-बैंकॉक सीधी उड़ान से थाईलैंड से आने वाले बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए बोधगया पहुंचना आसान होगा। इससे बिहार के पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
बिहार की इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
गया और बैंकॉक के बीच सीधी उड़ान बिहार के लिए इंटरनेशनल एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम कदम है। इसके जरिए बिहार के यात्रियों को दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए बेहतर विकल्प मिल सकता है।
इंडिगो पहले से ही भारत के कई बड़े शहरों से बैंकॉक के लिए उड़ानें संचालित करती है। इनमें बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और भुवनेश्वर शामिल हैं। एयरलाइन भारत से थाईलैंड के लिए सप्ताह में 140 से अधिक उड़ानें संचालित करने की जानकारी देती है।
गया को इस नेटवर्क में जोड़ने से बिहार के यात्रियों को थाईलैंड जाने के लिए एक नया और ज्यादा सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। साथ ही बैंकॉक के जरिए दक्षिण-पूर्व एशिया के दूसरे पर्यटन स्थलों तक पहुंच बनाने के विकल्प भी बढ़ सकते हैं।
यात्रियों के लिए क्यों खास है यह फ्लाइट?
- गया से बैंकॉक के बीच नॉन-स्टॉप कनेक्टिविटी मिलेगी।
- उड़ान सप्ताह में दो दिन—सोमवार और गुरुवार चलेगी।
- हवाई सफर करीब 3 घंटे में पूरा होगा।
- बोधगया आने वाले थाई पर्यटकों और बौद्ध तीर्थयात्रियों को फायदा होगा।
- बिहार के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट के कारण होने वाली अतिरिक्त यात्रा से राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने भी गया-बैंकॉक रूट को बढ़ावा देने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के तहत सहायता देने को मंजूरी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस रूट के लिए 12 महीने की अवधि में 10.40 करोड़ रुपये तक की VGF सहायता स्वीकृत की गई है।
कुल मिलाकर, 26 अक्टूबर से शुरू होने वाली गया-बैंकॉक सीधी उड़ान बिहार की इंटरनेशनल कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। खासकर बोधगया आने वाले विदेशी पर्यटकों और थाईलैंड जाने वाले यात्रियों के लिए यह कनेक्टिविटी समय और यात्रा की परेशानी दोनों को कम कर सकती है।


