दही हांडी महोत्सव 2025 ने इस साल भी मुंबई और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में अपार उत्साह और जोश का माहौल बना दिया। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन, 16 अगस्त 2025 को आयोजित इस पर्व में लाखों लोग शामिल हुए और गोविंदा पथक (टीमें) मानव पिरामिड बनाकर लटकी हुई दही की मटकी फोड़ने की परंपरा निभाई।
🏆 ऐतिहासिक 10-स्तरीय मानव पिरामिड
मुंबई के जोगेश्वरी स्थित कोंकण नगर गोविंदा पथक ने इस वर्ष एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने ठाणे के संस्कृती दही हांडी महोत्सव में 10-स्तरीय मानव पिरामिड बनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें ₹25 लाख का पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
⚠️ हादसे और सुरक्षा की चुनौतियाँ
हालांकि उत्सव में उल्लास था, लेकिन कुछ दुखद घटनाएँ भी घटीं। मुंबई और ठाणे में कुल दो लोगों की मृत्यु हुई और 318 लोग घायल हुए। इनमें से 24 लोग अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें एक 9 वर्षीय बच्चा भी शामिल था। Instagram
मुंबई पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोविंदा पथकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही।
🎉 बॉलीवुड सितारों की उपस्थिति
इस वर्ष के उत्सव में बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा ने ठाणे में आयोजित दही हांडी महोत्सव में भाग लिया। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध नृत्य शैली से दर्शकों का मनोरंजन किया, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह और बढ़ गया।
📍 प्रमुख दही हांडी स्थल

मुंबई और ठाणे में कई प्रमुख स्थानों पर दही हांडी महोत्सव आयोजित किए गए:
- मुंबई: दादर, वरली, लालबाग, घाटकोपर, अंधेरी (ईस्ट)
- ठाणे: पंचपाखाडी, संस्कृती युवा प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित महोत्सव
इन स्थलों पर गोविंदा पथकों ने मानव पिरामिड बनाकर दही की मटकी फोड़ी और दर्शकों का मनोरंजन किया।
🧭 दही हांडी महोत्सव का महत्व

दही हांडी महोत्सव भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का प्रतीक है। कहा जाता है कि कृष्ण जी और उनके साथियों ने मक्खन की मटकी पाने के लिए मानव पिरामिड बनाए थे। इसी परंपरा को आज भी महाराष्ट्र और गुजरात में दही हांडी महोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
📺 दही हांडी महोत्सव 2025 का लाइव अनुभव
यदि आप दही हांडी महोत्सव 2025 का लाइव अनुभव देखना चाहते हैं, तो निम्नलिखित वीडियो देखें:
📝 निष्कर्ष
दही हांडी महोत्सव 2025 ने मुंबई और महाराष्ट्र में उत्साह और जोश का माहौल बना दिया। जहां एक ओर गोविंदा पथकों ने मानव पिरामिड बनाकर रिकॉर्ड स्थापित किए, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा की चुनौतियाँ भी सामने आईं। आशा है कि भविष्य में इस महोत्सव को और सुरक्षित और उल्लासपूर्ण तरीके से मनाया जाएगा।
Also Read;


