भारत में कैंसर, मधुमेह, मोटापा और अन्य गैर-संचारी (Non-Communicable Diseases) रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने देशव्यापी जन आंदोलन चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल अस्पतालों के भरोसे इन बीमारियों से मुकाबला नहीं किया जा सकता, बल्कि लोगों को जागरूक बनाकर रोकथाम, समय पर जांच और वैज्ञानिक चिकित्सा सलाह को जन-जन तक पहुंचाना होगा।
नई दिल्ली में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ता की पुस्तक ‘Unbroken: My Battle with Cancer and the Will to Lead’ के विमोचन कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
अस्पतालों से आगे बढ़कर जनभागीदारी की जरूरत
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में कैंसर, मधुमेह, मोटापा, फैटी लिवर और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को केवल इलाज तक सीमित रखने के बजाय इसे एक जन आंदोलन का रूप देना होगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए:
- बीमारियों की रोकथाम पर जोर
- समय पर स्क्रीनिंग और जांच
- सही चिकित्सा सलाह
- वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाएं भी बड़ी चुनौती
मंत्री ने कहा कि आज देश केवल गैर-संचारी रोगों की चुनौती का ही सामना नहीं कर रहा, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी गलत और भ्रामक जानकारियां (Health Misinformation) भी लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैज्ञानिक संचार (Scientific Communication) और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा सलाह (Evidence-Based Healthcare) पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है।
युवाओं में तेजी से बढ़ रही हैं लाइफस्टाइल बीमारियां
डॉ. सिंह ने चिंता जताई कि कैंसर, मधुमेह, मोटापा, फैटी लिवर और अन्य चयापचय (Metabolic) विकार अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी इन बीमारियों के प्रमुख कारण बन रहे हैं।
समय पर जांच से बढ़ सकती है मरीजों की जीवन रक्षा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई प्रकार के कैंसर का यदि शुरुआती चरण में पता चल जाए तो उनका सफल इलाज संभव है। इसलिए लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच और शीघ्र चिकित्सा हस्तक्षेप से मरीजों के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
स्वस्थ जीवनशैली को बनाना होगा राष्ट्रीय आदत
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत को जीवनशैली संबंधी बीमारियों का बोझ कम करना है तो निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) को व्यक्तिगत विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आदत बनाना होगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में इन आदतों को अपनाएं:
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
- नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि करें।
- समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
- चिकित्सकीय सलाह केवल प्रमाणित विशेषज्ञों से लें।
- सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट स्वास्थ्य जानकारी से बचें।
विकसित भारत के लिए स्वस्थ नागरिक जरूरी
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनना है तो नागरिकों का स्वस्थ रहना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए सरकार, चिकित्सा विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और आम जनता को मिलकर स्वास्थ्य जागरूकता को जन आंदोलन बनाना होगा।


