Gold Silver Prices Today: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। शुक्रवार, 4 सितंबर को सोना लगातार दूसरे दिन महंगा हुआ। इसकी कीमत में 1,400 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं, चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
दिल्ली के घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालांकि सोने और चांदी दोनों पर दबाव देखने को मिला। बाजार की नजर अमेरिका के महत्वपूर्ण रोजगार आंकड़ों पर है, जिनसे आगे ब्याज दरों को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
दिल्ली में सोना 1,400 रुपये चढ़ा
दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने के भाव में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई। सोना 1,400 रुपये बढ़कर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। घरेलू बाजार में सोने की खरीदारी बेहतर रहने को इसकी तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
हालांकि, निवेशक अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों को लेकर सतर्क हैं। खासतौर पर नॉन-फॉर्म पेरोल्स रिपोर्ट पर बाजार की नजर है। इस आंकड़े से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं
सोने के विपरीत दिल्ली में चांदी की कीमतों में शुक्रवार को कोई परिवर्तन नहीं हुआ। चांदी 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बनी रही।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी की कीमत पर इस समय निवेश मांग कमजोर होने का असर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा औद्योगिक मांग और डीलरों के पास मौजूद स्टॉक भी चांदी की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं।
रिकॉर्ड स्तर से करीब 40 फीसदी नीचे आई चांदी
सोने और चांदी दोनों ने इस साल जनवरी के आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई का स्तर छुआ था। इसके बाद दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। जनवरी में चांदी का भाव 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया था, लेकिन उसके बाद इसमें करीब 40 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक निवेश मांग में कमजोरी के कारण डीलरों के पास मौजूद चांदी के स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ रही है। ऐसे में कीमतों में तेजी के लिए मांग का मजबूत होना बेहद जरूरी है।
2,000 टन चांदी की आवक से बढ़ सकता है स्टॉक का दबाव
सिद्धार्थ खेमका के अनुसार यदि चांदी की मांग में जल्द सुधार नहीं आता है तो भारतीय डीलरों की ओर से मंगाई गई करीब 2,000 टन चांदी की आवक से घरेलू बाजार में इन्वेंट्री का दबाव और बढ़ सकता है।
चांदी की मांग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर होता है। इसलिए इसकी कीमत पर निवेश मांग के साथ-साथ इंडस्ट्रियल डिमांड का भी सीधा असर पड़ता है।
इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी पर दबाव
घरेलू बाजार में सोने की कीमत बढ़ने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली गिरावट के साथ करीब 4,465 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
वहीं, चांदी की कीमत में 0.38 फीसदी की गिरावट आई और यह करीब 66.72 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक अमेरिकी नॉन-फॉर्म पेरोल रिपोर्ट से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। यही वजह है कि फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर बाजार की नजर
अब अगले सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़े सोने और चांदी के लिए काफी अहम रहने वाले हैं। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलेगा कि अमेरिका में महंगाई का दबाव किस दिशा में बढ़ रहा है और फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है।
फेडरल रिजर्व की अगली पॉलिसी बैठक 16 सितंबर को होनी है। अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत आते हैं और ब्याज दरों में कटौती की संभावना कमजोर होती है, तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, नरम महंगाई के आंकड़े ब्याज दरों में राहत की उम्मीद बढ़ा सकते हैं, जिससे सोने को सपोर्ट मिल सकता है।
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की ओर से भी महंगाई को नियंत्रित करने पर जोर दिए जाने के संकेत मिले हैं। ऐसे में आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े वैश्विक बुलियन मार्केट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Gold Silver Price Today: निवेशकों के लिए क्या मायने?
घरेलू बाजार में सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन तेजी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत फिलहाल पूरी तरह सकारात्मक नहीं हैं। सोने की दिशा आगे अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़ों के साथ-साथ फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी रुख पर निर्भर करेगी।
चांदी के मामले में कमजोर निवेश मांग और संभावित अतिरिक्त सप्लाई बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर से जुड़ी औद्योगिक मांग में सुधार होने पर चांदी को आगे सपोर्ट मिल सकता है।
नोट: सोने और चांदी की कीमतें घरेलू सर्राफा बाजार, अंतरराष्ट्रीय कीमतों, डॉलर-रुपया विनिमय दर, निवेश मांग और अन्य बाजार परिस्थितियों के आधार पर लगातार बदल सकती हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


