Stock Market Rise: लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 594 अंक तक चढ़ गया, जबकि निफ्टी भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। हालांकि, बाजार में तेजी के बावजूद BSE पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब ₹18,052 करोड़ की कमी दर्ज की गई।
शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही। सेंसेक्स हरे निशान में खुला और शुरुआती कारोबार में बढ़कर 76,746.80 के स्तर तक पहुंच गया। इस तरह इसमें पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब 594 अंकों की तेजी देखने को मिली।
दूसरी ओर, निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में निफ्टी करीब 76.4 अंक चढ़कर 23,949.85 के हाई तक पहुंच गया। चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली।
तेजी के बावजूद मार्केट कैप में क्यों आई कमी?
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बावजूद BSE पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई।
3 सितंबर को बाजार बंद होने के समय BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹4,88,71,693.344 करोड़ था। शुक्रवार को बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद यह घटकर ₹4,88,53,640.70 करोड़ रह गया।
इस तरह दोनों आंकड़ों के बीच करीब ₹18,052.644 करोड़ का अंतर रहा। यानी सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी के बावजूद शुरुआती कारोबार में BSE-listed कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की कमी आई।
इससे यह भी पता चलता है कि बाजार के प्रमुख इंडेक्स में तेजी और पूरे बाजार के मार्केट कैप में बदलाव हमेशा एक समान दिशा में नहीं चलते। अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव का कुल मार्केट कैप पर सीधा असर पड़ता है।
एक दिन पहले लगातार चौथे दिन गिरा था बाजार
शुक्रवार की तेजी से एक दिन पहले यानी 3 सितंबर को शेयर बाजार में शुरुआत में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन कारोबार आगे बढ़ने के साथ बाजार कमजोर हो गया।
गुरुवार को सेंसेक्स दिन के दौरान पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 354.13 अंक तक चढ़कर 76,924.48 के हाई पर पहुंचा था। हालांकि, बाद में बिकवाली बढ़ने के कारण बाजार की बढ़त टिक नहीं सकी।
कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 417.49 अंक की गिरावट के साथ 76,152.86 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ।
दिन के दौरान निफ्टी ने भी मजबूती दिखाई थी और करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के स्तर तक पहुंचा था। लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बाजार में दबाव बढ़ गया और दोनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
रुपये में भी शुरुआती कारोबार में मजबूती
शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय रुपये में भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया 5 पैसे मजबूत होकर 94.46 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
इससे एक दिन पहले यानी 3 सितंबर को रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 94.51 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
रुपये को विदेशी मुद्रा से जुड़े सकारात्मक संकेतों का भी सपोर्ट मिला। देश में विदेशी मुद्रा जमा के जरिए उम्मीद से अधिक राशि आने से भुगतान संतुलन की स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
FCNR(B) जमा में आया 127 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश
भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, 31 अगस्त तक देश में फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) यानी FCNR(B) जमा के रूप में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया था।
विदेशी मुद्रा प्रवाह में मजबूती और देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार रुपये के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। यही वजह है कि शुरुआती कारोबार में भारतीय मुद्रा में भी मजबूती देखने को मिली।
निवेशकों की नजर आगे के बाजार पर
चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में आई तेजी से निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद बाजार किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह काफी हद तक वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू बाजार में खरीदारी-बिकवाली पर निर्भर करेगा।
ऐसे में केवल एक दिन की तेजी को देखकर निवेश का फैसला लेने के बजाय निवेशकों को कंपनियों के फंडामेंटल, बाजार की स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या अन्य वित्तीय साधन में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता है।


