Bank Strike: अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम सितंबर या अक्टूबर में है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। 5-डे वर्क वीक की मांग और परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को लेकर बैंक कर्मचारियों की यूनियंस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने देशव्यापी हड़ताल का चरणबद्ध कार्यक्रम जारी किया है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
5-डे वर्क वीक की मांग क्यों?
बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से मांग है कि बैंकों में भी सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम हो और शनिवार-रविवार की छुट्टी दी जाए। UFBU के 23 अगस्त 2026 के सर्कुलर के अनुसार, मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियंस के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में 5-डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी।
यूनियनों के मुताबिक, शनिवार की छुट्टी की भरपाई के लिए कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए तैयार थे। इस प्रस्ताव को IBA की ओर से वित्त मंत्रालय और केंद्र सरकार के पास भी भेजा गया था। हालांकि, यूनियनों का दावा है कि इस पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
PLI स्कीम पर भी बढ़ा विवाद
बैंक यूनियंस का दूसरा बड़ा विरोध संशोधित Performance Linked Incentive (PLI) स्कीम को लेकर है। यूनियनों का कहना है कि पहले इस बात पर सहमति बनी थी कि इंसेंटिव बैंक के ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर तय किया जाएगा और कर्मचारियों के बीच इसे समान आधार पर लागू किया जाएगा।
यूनियनों के अनुसार, नए ढांचे में स्केल-IV और उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बेसिक पे और DA के आधार पर 365 दिनों तक के इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है, जबकि स्केल-III तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिनों का इंसेंटिव निर्धारित है। बैंक यूनियंस इसे कर्मचारियों के बीच भेदभावपूर्ण व्यवस्था बता रही हैं और इसमें बदलाव की मांग कर रही हैं।
सितंबर और अक्टूबर में कब-कब होगी हड़ताल?
UFBU में AIBEA और AIBOC समेत सात प्रमुख बैंक यूनियनें शामिल हैं। यूनियनों की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक आंदोलन कई चरणों में किया जाएगा।
- 11 सितंबर 2026: एक दिन की देशव्यापी सांकेतिक हड़ताल।
- 28 से 30 सितंबर 2026: लगातार तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल।
- 26 अक्टूबर 2026 से: मांगों पर समाधान नहीं निकलने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल।
बैंक ग्राहकों पर क्या होगा असर?
अगर निर्धारित तारीखों पर हड़ताल होती है, तो बैंक शाखाओं में होने वाले कई काम प्रभावित हो सकते हैं। कैश जमा या निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य ब्रांच-आधारित सेवाओं में देरी हो सकती है।
हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI और नेट बैंकिंग आम तौर पर उपलब्ध रह सकती हैं। फिर भी जिन ग्राहकों को चेक क्लियरेंस, कैश ट्रांजैक्शन या बैंक शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है, उन्हें हड़ताल की तारीखों को ध्यान में रखकर पहले से योजना बनानी चाहिए।
फिलहाल, सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं, इस पर सभी की नजर है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो सितंबर और अक्टूबर में बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।


