नई दिल्ली। फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर की दिग्गज कंपनी Awfis Space Solutions के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी के तिमाही नतीजे आते ही निवेशकों ने इस शेयर पर जमकर खरीदारी की, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में यह करीब 10 फीसदी तक उछल गया। कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजों में मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा है, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भी आय और नेटवर्क विस्तार में मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
कंपनी का शेयर सुबह करीब 9:30 बजे BSE पर 394.65 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 34.85 रुपये यानी करीब 9.7 फीसदी की तेजी थी। पिछले पांच कारोबारी दिनों में यह शेयर 25 फीसदी से ज्यादा उछल चुका है। हालांकि, छह महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अब भी इसमें करीब 28 फीसदी की गिरावट बनी हुई है। वहीं साल 2026 में अब तक यह स्टॉक करीब 21 फीसदी टूट चुका है।
चौथी तिमाही में मुनाफा दोगुने से ज्यादा
Awfis Space Solutions ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी की कुल आय बढ़कर 429.16 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 359.45 करोड़ रुपये थी। यानी सालाना आधार पर करीब 19.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
सबसे ज्यादा ध्यान कंपनी के मुनाफे ने खींचा। Q4FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 106.95 फीसदी बढ़कर 23.24 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 11.23 करोड़ रुपये था। लगातार बढ़ती मांग और एंटरप्राइज क्लाइंट्स से मजबूत ऑक्यूपेंसी ने कंपनी की कमाई को मजबूती दी है।
पूरे साल में भी मजबूत प्रदर्शन
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट 70.85 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 67.87 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर करीब 4.39 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।
वहीं कंपनी की कुल इनकम 25.81 फीसदी बढ़कर 1,586.12 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 1,260.74 करोड़ रुपये था। कंपनी की आय में यह उछाल इस बात का संकेत है कि भारत में फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
41 नए सेंटर जोड़कर बढ़ाया नेटवर्क
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमित रमानी ने कहा कि FY26 कंपनी के विस्तार के लिहाज से बेहद मजबूत साल रहा। उन्होंने बताया कि कंपनी ने इस दौरान 41 नए सेंटर और करीब 30,000 ऑपरेशनल सीटें जोड़ीं।
इसके बाद कंपनी का कुल साइन नेटवर्क बढ़कर 266 सेंटर तक पहुंच गया है। कंपनी अब देश के 18 शहरों में मौजूद है और उसके पास लगभग 1.84 लाख सीटों की क्षमता है। इसमें टियर-1 के साथ-साथ टियर-2 शहर भी शामिल हैं।
अमित रमानी के मुताबिक, कंपनी के मल्टी-सेंटर क्लाइंट्स की हिस्सेदारी अब करीब 48 फीसदी हो चुकी है। इसका मतलब है कि बड़ी कंपनियां Awfis के साथ लंबी अवधि और मल्टी-लोकेशन डील्स कर रही हैं।
आखिर क्यों बढ़ रही है फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस की मांग?
कोविड महामारी के बाद भारत में ऑफिस कल्चर तेजी से बदला है। अब कंपनियां लंबे और महंगे ऑफिस लीज एग्रीमेंट की बजाय फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस मॉडल को प्राथमिकता दे रही हैं। इससे कंपनियों की लागत कम होती है और तेजी से विस्तार करने में आसानी मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्टअप्स, आईटी कंपनियों और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर की बढ़ती मांग आने वाले वर्षों में coworking और managed office segment को और मजबूती दे सकती है। इसी वजह से Awfis जैसी कंपनियां निवेशकों के रडार पर बनी हुई हैं।
कौन-कौन हैं कंपनी के बड़े क्लाइंट?
Awfis Space Solutions भारत की सबसे बड़ी फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस कंपनियों में गिनी जाती है। इसकी स्थापना साल 2015 में हुई थी। कंपनी कस्टमाइज्ड एंटरप्राइज स्पेस, फ्लेक्सिबल डेस्क, मीटिंग रूम और वर्चुअल ऑफिस जैसी सेवाएं देती है।
इसके बड़े क्लाइंट्स में कई नामी कंपनियां शामिल हैं, जैसे Zomato, Mercedes-Benz, Vodafone, Orange Business Services, Sharekhan, ICICI Securities, Axis Capital, IIFL Securities, MK Global. इन कंपनियों के साथ लंबे कॉर्पोरेट कॉन्ट्रैक्ट्स Awfis की कमाई को स्थिरता देते हैं।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
हालांकि शेयर में हालिया तेजी आई है, लेकिन निवेशकों को केवल एक तिमाही के नतीजों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। कंपनी का बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन coworking sector में प्रतिस्पर्धा भी लगातार बढ़ रही है।
निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में इन बातों पर नजर रखनी चाहिए ऑक्यूपेंसी रेट, नए सेंटर की प्रॉफिटेबिलिटी, एंटरप्राइज क्लाइंट ग्रोथ, कैश फ्लो, कर्ज की स्थिति, टियर-2 शहरों में विस्तार. अगर कंपनी लगातार मजबूत growth दिखाती है, तो लंबी अवधि में यह स्टॉक निवेशकों के लिए दिलचस्प बना रह सकता है।
क्या शेयर में आगे भी तेजी रह सकती है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारत में flex workspace demand इसी तरह बढ़ती रही, तो Awfis जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, शेयर पहले ही हाल के दिनों में तेजी दिखा चुका है, इसलिए short-term volatility बनी रह सकती है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी की expansion strategy और recurring enterprise clients अहम फैक्टर होंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें निवेश की सलाह नहीं दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
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