भारत के तेजी से बढ़ते सोलर सेक्टर की बड़ी कंपनी Premier Energies एक बार फिर बाजार की चर्चा में है। मंगलवार 26 मई को कंपनी के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जबकि उससे ठीक एक दिन पहले इसके प्रमोटर ग्रुप ने ब्लॉक डील के जरिए अपनी 5.3 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी। आमतौर पर प्रमोटरों की हिस्सेदारी बिकने पर शेयरों में दबाव देखा जाता है, लेकिन इस मामले में तस्वीर बिल्कुल उलट रही।
दरअसल, इस डील में देश और विदेश के कई बड़े म्यूचुअल फंड, विदेशी निवेशक और बीमा कंपनियों ने हजारों करोड़ रुपये का दांव लगाया है। यही वजह है कि बाजार इस खरीदारी को कंपनी के भविष्य पर बड़े संस्थागत निवेशकों के भरोसे के तौर पर देख रहा है।
ब्लॉक डील के बाद भी शेयर में तेजी
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कंपनी का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 1,018 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। यह पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले करीब 33 रुपये की मजबूती थी। मौजूदा स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप 46 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया।
एक दिन पहले कंपनी के प्रमोटरों ने करीब 2.4 करोड़ शेयर यानी 5.3 फीसदी हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेची थी। यह डील लगभग 2,291 करोड़ रुपये में हुई। शेयरों की औसत बिक्री कीमत 955 रुपये प्रति शेयर रही।
प्रमोटर समूह से सुरेंद्रपाल सिंह सलूजा ने 1.56 करोड़ शेयर बेचे, मंजीत कौर सलूजा ने 50.46 लाख शेयर बेचे, चरणदीप सिंह सलूजा ने 13.08 लाख शेयर बेचे, जसवीन कौर सलूजा ने 19.37 लाख शेयर बेचे. बाजार की नजर अब इस बात पर है कि आखिर इतने बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस कंपनी में इतनी दिलचस्पी क्यों दिखाई।
किन बड़े फंड हाउसों ने खरीदे शेयर?
इस ब्लॉक डील में कई दिग्गज निवेशकों ने हिस्सेदारी खरीदी। खास बात यह रही कि केवल घरेलू म्यूचुअल फंड ही नहीं, बल्कि विदेशी फंड और वैकल्पिक निवेश फंड (AIF) भी इस खरीदारी में शामिल रहे।
| फंड हाउस | खरीदे गए शेयर (लाख में) | कीमत (₹) |
|---|---|---|
| क्वांट म्यूचुअल फंड | 40.83 | 955 |
| नोमुरा इंडिया इन्वेस्टमेंट फंड | 25 | 955 |
| स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड इंक | 24.44 | 955 |
| एडेलवाइस म्यूचुअल फंड | 20.94 | 955 |
| केनारा रोबेको म्यूचुअल फंड | 14.13 | 955 |
| टाटा म्यूचुअल फंड | 13.08 | 955 |
| बंधन म्यूचुअल फंड | 11.6 | 955 |
| बजाज फिनसर्व म्यूचुअल फंड | 10.47 | 955 |
| कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड | 10.47 | 955 |
| एचडीएफसी म्यूचुअल फंड | 5.23 | 955 |
इसके अलावा कई बीमा कंपनियों और विदेशी निवेश संस्थानों ने भी इस डील में भाग लिया। इतनी बड़ी संस्थागत भागीदारी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि बाजार को कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा है।
आखिर कंपनी में ऐसा क्या खास है?
Premier Energies देश की तेजी से उभरती सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है। कंपनी की शुरुआत अप्रैल 1995 में हुई थी और अब यह इंटीग्रेटेड सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल निर्माण में मजबूत मौजूदगी रखती है।
कंपनी का बिजनेस केवल सोलर पैनल तक सीमित नहीं है। इसके पोर्टफोलियो में शामिल हैं सोलर सेल, सोलर मॉड्यूल, मोनोफेशियल और बाइफेशियल मॉड्यूल, EPC सेवाएं, O&M सॉल्यूशन, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), सोलर इन्वर्टर और एल्युमीनियम फ्रेम.
कंपनी ने बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर भी बड़ा दांव लगाया है। इसी रणनीति के तहत उसने ताइवान की Sino-American Silicon Products Inc. के साथ जॉइंट वेंचर किया है, जिससे इंगोट और वेफर मैन्युफैक्चरिंग में उसकी पकड़ मजबूत हो रही है।
क्यों बढ़ रही है सोलर कंपनियों में दिलचस्पी?
भारत सरकार 2030 तक बड़े स्तर पर रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके चलते घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार आयात निर्भरता कम करना चाहती है चीन पर निर्भरता घटाने की कोशिश में है, घरेलू उत्पादन को PLI योजना के जरिए बढ़ावा दे रही है
इसी वजह से निवेशक उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जो इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग करती हैं, बड़े ऑर्डर हासिल कर सकती हैं, टेक्नोलॉजी और क्षमता विस्तार पर काम कर रही हैं विश्लेषकों का मानना है कि प्रीमियर एनर्जीज इस थीम का बड़ा फायदा उठा सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार में आमतौर पर प्रमोटर हिस्सेदारी बिक्री को निगेटिव माना जाता है, लेकिन जब बड़े संस्थागत निवेशक उसी हिस्सेदारी को तेजी से खरीद लें, तो यह अलग संकेत देता है।
यह दिखाता है कि संस्थागत निवेशकों को कंपनी की ग्रोथ क्षमता पर भरोसा है, सेक्टर का आउटलुक मजबूत माना जा रहा है लंबी अवधि में कंपनी की कमाई बढ़ने की उम्मीद है हालांकि, शेयर में तेजी के बाद वैल्यूएशन भी काफी बढ़ चुके हैं। इसलिए निवेशकों को किसी भी निवेश फैसले से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, ऑर्डर बुक और जोखिमों का विश्लेषण जरूर करना चाहिए।
आगे क्या रहेगा बाजार की नजर में?
अब निवेशकों की नजर इन प्रमुख बातों पर रहेगी कंपनी की नई क्षमता विस्तार योजनाएं, बड़े ऑर्डर की घोषणाएं, सोलर सेक्टर पर सरकारी नीतियां, आने वाले तिमाही नतीजे, मार्जिन और प्रॉफिट ग्रोथ अगर कंपनी मजबूत ग्रोथ बनाए रखती है, तो आने वाले समय में यह शेयर बाजार में और चर्चा में रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यहां किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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