Harshita Arora Success Story: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली हर्षिता अरोड़ा ने 15 साल की उम्र में स्कूल छोड़ने का फैसला लिया था। उस समय उनके इस कदम से परिवार और शिक्षक दोनों हैरान रह गए थे। लेकिन कोडिंग के प्रति उनका जुनून उन्हें एक अलग राह पर ले गया। आज वह अमेरिका की तेजी से बढ़ती फिनटेक कंपनी AtoB की सह-संस्थापक हैं, जिसकी वैल्यू करीब 80 करोड़ डॉलर (लगभग 7,600 करोड़ रुपये) आंकी गई है।
परिवार और स्कूल के खिलाफ जाकर चुनी अलग राह
जहां अधिकांश परिवार चाहते हैं कि उनके बच्चे डॉक्टर या इंजीनियर बनें, वहीं सहारनपुर की हर्षिता ने कम उम्र में ही पारंपरिक शिक्षा छोड़कर टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपना भविष्य तलाशने का फैसला किया। उनका पूरा ध्यान कोडिंग सीखने और नए डिजिटल प्रोडक्ट बनाने पर था।
16 साल की उम्र में बनाया क्रिप्टो ट्रैकिंग ऐप
सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में हर्षिता ने क्रिप्टो पोर्टफोलियो ट्रैकिंग ऐप विकसित किया। इस ऐप को Apple के प्लेटफॉर्म पर काफी सराहना मिली। बाद में एक कंपनी ने इस ऐप का अधिग्रहण कर लिया। कुछ ही समय में यह अमेरिका और कनाडा के सबसे लोकप्रिय फाइनेंस ऐप्स में शामिल हो गया।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से हुई सम्मानित
हर्षिता की उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2020 में उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मिला। इसी वर्ष उन्होंने अमेरिका जाने के लिए O-1 वीजा के लिए आवेदन किया, जो असाधारण प्रतिभा वाले लोगों को दिया जाता है।
AtoB की शुरुआत और कोविड की चुनौती
हर्षिता ने विगनान वेलिवेला और तुषार मिश्रा के साथ मिलकर AtoB नामक स्टार्टअप की शुरुआत की। कंपनी को प्रतिष्ठित स्टार्टअप एक्सेलरेटर Y Combinator के समर 2020 बैच में जगह मिली।
हालांकि, कोविड-19 महामारी ने शुरुआती योजनाओं को प्रभावित किया। इसके बाद टीम ने अमेरिकी ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों की समस्याओं को समझने के लिए सीधे उनसे बातचीत की। इसी रिसर्च के आधार पर कंपनी ने ट्रकिंग इंडस्ट्री के लिए आधुनिक वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर और पेमेंट सॉल्यूशन विकसित किए।
30,000 से ज्यादा ट्रक इस्तेमाल कर रहे हैं AtoB
आज अमेरिका में 30,000 से अधिक ट्रक AtoB के प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। कंपनी ट्रांसपोर्ट कारोबार के लिए फ्यूल कार्ड, पेमेंट सिस्टम और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराती है। इसकी सफलता के चलते कंपनी की वैल्यू करीब 80 करोड़ डॉलर (लगभग 7,600 करोड़ रुपये) तक पहुंच चुकी है।
Y Combinator में मिली बड़ी जिम्मेदारी
साल 2026 में हर्षिता अरोड़ा को Y Combinator ने प्रमोट कर जनरल पार्टनर बनाया। इस भूमिका में वह दुनिया भर के उभरते स्टार्टअप्स का चयन करने, उन्हें निवेश उपलब्ध कराने और उनकी ग्रोथ में मार्गदर्शन देने का काम कर रही हैं।
छोटे शहर से वैश्विक सफलता तक का सफर
हर्षिता अरोड़ा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि जुनून, कौशल और दृढ़ संकल्प हो तो छोटे शहर से निकलकर भी वैश्विक स्तर पर बड़ी पहचान बनाई जा सकती है। कम उम्र में स्कूल छोड़ने का उनका फैसला जोखिम भरा जरूर था, लेकिन उसी फैसले ने उन्हें दुनिया के सबसे सफल युवा उद्यमियों में शामिल कर दिया।


