नई दिल्ली: शेयर बाजार में कभी रॉकेट की तरह दौड़ने वाला लोटस चॉकलेट कंपनी लिमिटेड (Lotus Chocolate Company Ltd) का शेयर अब निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गया है। रिलायंस समूह से जुड़ने के बाद जिस शेयर ने कुछ ही महीनों में कई गुना रिटर्न देकर सुर्खियां बटोरी थीं, वही अब लगातार गिरावट के दौर से गुजर रहा है। बीते एक साल में इस शेयर ने करीब 47 फीसदी का नुकसान कराया है, जबकि अपने ऑल टाइम हाई से यह 70 फीसदी से अधिक टूट चुका है।
गुरुवार के कारोबार में शेयर मामूली बढ़त के साथ 662.70 रुपये पर बंद हुआ, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह राहत देने वाली खबर नहीं है। पिछले छह महीनों में भी यह शेयर 17 फीसदी से अधिक गिर चुका है।
2024 में बना था मल्टीबैगर
लोटस चॉकलेट का शेयर वर्ष 2024 में निवेशकों का पसंदीदा शेयर बन गया था। जनवरी 2024 की शुरुआत में इसकी कीमत करीब 307 रुपये थी। इसके बाद रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL) से जुड़े सकारात्मक संकेतों और निवेशकों की भारी खरीदारी के चलते यह शेयर अगस्त 2024 के अंत तक 2,485 रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।
यानी महज सात महीनों में इस शेयर ने 700 फीसदी से ज्यादा की शानदार तेजी दर्ज की थी। उस समय इसे बाजार के सबसे तेज दौड़ने वाले स्मॉलकैप शेयरों में गिना जा रहा था।
ऑल टाइम हाई से 70% से ज्यादा टूट चुका शेयर
अगस्त 2024 में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद शेयर में मुनाफावसूली शुरू हुई और फिर गिरावट का सिलसिला लगातार जारी रहा। बीच-बीच में इसमें रिकवरी देखने को मिली, लेकिन वह टिक नहीं सकी।
अब स्थिति यह है कि शेयर अपने रिकॉर्ड स्तर 2,485 रुपये से गिरकर करीब 663 रुपये पर आ गया है। यानी निवेशकों की बड़ी पूंजी घट चुकी है।
एक साल में निवेशकों को बड़ा नुकसान
यदि पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो लोटस चॉकलेट का शेयर लगभग 47 फीसदी टूट चुका है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने एक साल पहले इसमें निवेश किया था, उनकी लगभग आधी पूंजी कम हो गई है।
इसके अलावा पिछले छह महीनों में भी शेयर में 17 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
मुकेश अंबानी की कंपनी से क्या है संबंध?
लोटस चॉकलेट कंपनी अब रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) की सहायक कंपनी है। RCPL ने कंपनी में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर इसका नियंत्रण अपने हाथ में लिया था।
RCPL, रिलायंस रिटेल की सहयोगी कंपनी है, जबकि रिलायंस रिटेल का नेतृत्व ईशा अंबानी कर रही हैं। लोटस चॉकलेट की स्थापना वर्ष 1988 में हुई थी और अधिग्रहण के बाद कंपनी के कारोबार के विस्तार को लेकर बाजार में काफी उम्मीदें बनी थीं।
गिरावट की वजह क्या मानी जा रही है?
विश्लेषकों के अनुसार शेयर में आई तेज गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं—
- 2024 में आई असाधारण तेजी के बाद भारी मुनाफावसूली।
- शेयर का अत्यधिक वैल्यूएशन।
- निवेशकों की कमजोर धारणा और बिकवाली का दबाव।
- कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर बाजार की सतर्कता।
हालांकि, कंपनी के दीर्घकालिक बिजनेस विस्तार और रिलायंस समूह के समर्थन को देखते हुए कई निवेशक अब भी इस पर नजर बनाए हुए हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
लोटस चॉकलेट का उदाहरण बताता है कि शेयर बाजार में तेज रिटर्न देने वाले शेयरों में उतनी ही तेजी से गिरावट भी आ सकती है। केवल किसी बड़े कारोबारी समूह या चर्चित नाम के आधार पर निवेश करने के बजाय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिम का आकलन करना जरूरी होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


