Ujjivan Small Finance Bank Q1 Results: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का शुद्ध मुनाफा तीन गुना से अधिक बढ़ा है, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई है और एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है। सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत बैंक द्वारा पूरे वित्त वर्ष के लिए रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) गाइडेंस बढ़ाना रहा, जिसके बाद शेयर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। गुरुवार को बैंक का शेयर 5.73% की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि दिन के निचले स्तर से इसमें करीब 13% की रिकवरी दर्ज की गई।
Q1 में तीन गुना से ज्यादा बढ़ा नेट प्रॉफिट
जून 2026 तिमाही में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹316.5 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा ₹103.2 करोड़ था। यानी बैंक के मुनाफे में सालाना आधार पर 200% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी शानदार रही। यह पिछले साल के ₹856 करोड़ से बढ़कर ₹1,187 करोड़ हो गई, जो करीब 39% की सालाना वृद्धि को दर्शाती है। मजबूत लोन ग्रोथ और स्थिर मार्जिन ने बैंक की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
RoA गाइडेंस बढ़ने से निवेशकों का भरोसा मजबूत
तिमाही नतीजों के साथ बैंक मैनेजमेंट ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी RoA (Return on Assets) गाइडेंस भी बढ़ा दी है।
पहले बैंक को 1.6% RoA हासिल होने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1.8% से 2% के बीच कर दिया गया है।
मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाले समय में:
- सिक्योर्ड लेंडिंग का हिस्सा बढ़ेगा।
- नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) मजबूत रहेगा।
- ऑपरेटिंग खर्च नियंत्रित रहेगा।
- क्रेडिट कॉस्ट कम बनी रहेगी।
- इससे बैंक की कमाई में लगातार सुधार जारी रहेगा।
इसी सकारात्मक आउटलुक के कारण निवेशकों ने शेयर में जोरदार खरीदारी की।
एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार
बैंक की बैलेंस शीट भी पहले की तुलना में मजबूत हुई है।
- ग्रॉस NPA घटकर 2.16% रह गया, जो पिछली तिमाही में 2.26% था।
- नेट NPA भी 0.43% से घटकर 0.34% पर आ गया।
साथ ही स्लिपेज रेशियो में भी सुधार देखने को मिला।
- स्लिपेज रेशियो घटकर 1.6% पर पहुंच गया।
- पिछले वर्ष यह 4.3% था।
क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 0.9% रह गई, जो बैंक की बेहतर रिकवरी और मजबूत जोखिम प्रबंधन को दर्शाती है।
मजबूत रही लोन बुक की ग्रोथ
बैंक की ग्रॉस लोन बुक सालाना आधार पर 29% बढ़कर ₹42,903 करोड़ हो गई। वहीं तिमाही आधार पर इसमें 5.5% की वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि सीजनल कारणों की वजह से डिस्बर्समेंट में तिमाही आधार पर 6% की हल्की गिरावट रही, लेकिन सालाना आधार पर डिस्बर्समेंट 41% बढ़े हैं।
बैंक का कहना है कि वह FY27 के लिए तय किए गए लोन ग्रोथ लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सही रास्ते पर है।
सिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो का बढ़ा योगदान
बैंक लगातार अपने पोर्टफोलियो को अधिक सुरक्षित बनाने पर काम कर रहा है।
पहली बार बैंक की सिक्योर्ड लोन बुक कुल पोर्टफोलियो के 50% से अधिक हो गई है।
- पिछले वित्त वर्ष में इसका हिस्सा लगभग 43% था।
- पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 8% की वृद्धि हुई है।
इससे भविष्य में क्रेडिट रिस्क कम होने की संभावना बढ़ती है।
डिपॉजिट ग्रोथ भी रही शानदार
बैंक का कुल डिपॉजिट 24.6% बढ़कर ₹48,129 करोड़ पहुंच गया। यह पिछले 10 तिमाहियों की सबसे तेज सालाना डिपॉजिट ग्रोथ है।
वहीं:
- CASA डिपॉजिट 37.8% बढ़कर ₹12,930 करोड़ हो गया।
- रिटेल डिपॉजिट बढ़कर ₹32,716 करोड़ पहुंच गया।
तेज CASA ग्रोथ बैंक की कम लागत वाली फंडिंग क्षमता को मजबूत करती है।
NIM रहा स्थिर, खर्च पर बेहतर नियंत्रण
फंडिंग लागत बढ़ने के बावजूद बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 8.5% पर स्थिर रहा।
साथ ही बैंक ने खर्च पर भी अच्छा नियंत्रण बनाए रखा।
- Cost-to-Income Ratio घटकर 62% रहा।
- पिछली तिमाही में यह 63% था।
- ऑपरेटिंग खर्च औसत एसेट्स के मुकाबले घटकर 6.1% रह गया।
यह संकेत देता है कि बैंक परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) में लगातार सुधार कर रहा है।
कैपिटल एडिक्वेसी अभी भी मजबूत
बैंक का Capital Adequacy Ratio (CAR) पहली तिमाही में 20.36% रहा। हालांकि इसमें पिछले वर्ष की तुलना में कुछ गिरावट आई है, लेकिन यह अभी भी नियामकीय आवश्यकताओं से काफी ऊपर है।
बैंक के अनुसार यह गिरावट तेज लोन ग्रोथ के कारण हुई है, क्योंकि पूंजी का उपयोग कारोबार विस्तार में किया गया।
शेयर में क्यों आई इतनी तेजी?
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में तेजी के पीछे कई मजबूत कारण रहे—
- Q1 में उम्मीद से बेहतर मुनाफा
- NII में 39% की मजबूत बढ़ोतरी
- FY27 के लिए RoA गाइडेंस बढ़ाना
- एसेट क्वालिटी में सुधार
- मजबूत डिपॉजिट और लोन ग्रोथ
- स्थिर NIM और कम क्रेडिट कॉस्ट
इन सभी कारकों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर शेयर की कीमत पर साफ दिखाई दिया।
आगे क्या रहेगा फोकस?
विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बैंक आने वाली तिमाहियों में भी अपनी मजबूत ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और बढ़े हुए RoA लक्ष्य को बनाए रख पाता है या नहीं। यदि बैंक सिक्योर्ड लेंडिंग और कम क्रेडिट कॉस्ट की रणनीति पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ता है, तो उसके वित्तीय प्रदर्शन में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


