नई दिल्ली। शेयर बाजार में अक्सर निवेशकों का ध्यान बड़ी और चर्चित कंपनियों पर रहता है, लेकिन कई बार कुछ छोटी कंपनियां ऐसे शानदार रिटर्न देती हैं कि बड़े-बड़े ब्लूचिप शेयर भी पीछे छूट जाते हैं। भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई स्मॉल-कैप और माइक्रो-कैप कंपनियों ने निवेशकों को चौंकाने वाले रिटर्न दिए हैं। ऐसी ही एक कंपनी है एसएमटी इंजीनियरिंग लिमिटेड (SMT Engineering Ltd.), जिसके शेयरों ने लंबी अवधि में निवेशकों को असाधारण कमाई कराई है।
कंपनी का शेयर कुछ साल पहले तक बेहद कम कीमत पर कारोबार कर रहा था, लेकिन कारोबार में सुधार, निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और शेयर में मजबूत खरीदारी के चलते इसकी कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। यही वजह है कि यह शेयर अब मल्टीबैगर स्टॉक्स की सूची में शामिल हो गया है।
3 साल में ₹5,000 बन गए ₹3.35 लाख से ज्यादा
शेयर बाजार में मल्टीबैगर स्टॉक वही कहलाता है जो निवेशकों की पूंजी को कई गुना बढ़ा दे। एसएमटी इंजीनियरिंग ने यह उपलब्धि हासिल की है। कंपनी का शेयर लगभग तीन साल पहले करीब ₹7 के आसपास कारोबार कर रहा था। वर्तमान में इसकी कीमत ₹428 के करीब पहुंच चुकी है।
यदि किसी निवेशक ने तीन साल पहले इस शेयर में केवल ₹5,000 का निवेश किया होता तो उसे लगभग 714 शेयर मिलते। आज उन्हीं शेयरों की कीमत करीब ₹3.35 लाख के आसपास पहुंच चुकी होती। यानी तीन वर्षों में निवेशकों को 6700 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न मिला है।
यह प्रदर्शन न केवल स्मॉल कैप कंपनियों बल्कि कई बड़े और स्थापित शेयरों की तुलना में भी बेहद शानदार माना जा रहा है।
एक साल में 2600% से ज्यादा का रिटर्न
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार कंपनी के शेयर ने केवल लंबी अवधि में ही नहीं बल्कि हाल के समय में भी निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।
पिछले एक सप्ताह के दौरान शेयर में लगभग 16 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। छह महीने की अवधि में कंपनी का बाजार मूल्य दोगुना से अधिक हो गया है। वहीं पिछले एक साल में शेयर ने करीब 2608 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।
इतना ही नहीं, तीन वर्षों में लगभग 6695 प्रतिशत और पिछले 12 वर्षों में 12,000 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न निवेशकों को मिला है। वर्ष 2014 में कंपनी का शेयर करीब ₹3.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। उस समय किया गया निवेश आज कई गुना बढ़ चुका है।
क्या करती है एसएमटी इंजीनियरिंग?
किसी भी शेयर में निवेश से पहले उसके कारोबार को समझना जरूरी होता है। एसएमटी इंजीनियरिंग की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से प्लास्टिक प्रोसेसिंग और एक्सट्रूजन मशीनरी के निर्माण से जुड़ी हुई है।
कंपनी एचडीपीई और पीवीसी एक्सट्रूजन सिस्टम, ड्रिप इरिगेशन सॉल्यूशन और विभिन्न औद्योगिक मशीनों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। भारत में सिंचाई, पाइपलाइन और प्लास्टिक प्रोसेसिंग उद्योग के विस्तार का फायदा भी कंपनी को मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और पाइपिंग सेक्टर में बढ़ती मांग से इस तरह की कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इसी वजह से निवेशकों की नजरें भी ऐसी कंपनियों पर बनी हुई हैं।
हाल के दिनों में क्यों बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी?
शेयर बाजार में किसी भी स्टॉक की कीमत केवल उसके वित्तीय नतीजों पर ही निर्भर नहीं करती बल्कि निवेशकों की धारणा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
एसएमटी इंजीनियरिंग के शेयर में हाल के समय में लगातार खरीदारी देखने को मिली है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में से चार सत्रों में शेयर ने अपर सर्किट लगाया है। यह दर्शाता है कि बाजार में शेयर की मांग मजबूत बनी हुई है।
कम फ्लोट वाले स्मॉल कैप शेयरों में जब खरीदारी बढ़ती है तो कीमतों में तेजी से उछाल देखने को मिलता है। हालांकि निवेशकों को ऐसे शेयरों में उतार-चढ़ाव के जोखिम को भी समझना चाहिए।
कंपनी के फंडामेंटल्स क्या कहते हैं?
किसी भी शेयर की असली ताकत उसके वित्तीय प्रदर्शन से पता चलती है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में लगभग 155 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि (CAGR) लाभ वृद्धि दर्ज की है।
यह किसी भी कंपनी के लिए बेहद प्रभावशाली माना जाता है। लगातार बढ़ता मुनाफा यह संकेत देता है कि कंपनी अपने कारोबार का विस्तार करने में सफल रही है।
इसके अलावा कंपनी के देनदार दिनों (Debtor Days) में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। पहले यह आंकड़ा लगभग 258 दिनों का था जो घटकर करीब 76.6 दिनों पर आ गया है। इसका मतलब है कि कंपनी ग्राहकों से भुगतान पहले की तुलना में तेजी से प्राप्त कर रही है, जिससे नकदी प्रवाह बेहतर हुआ है।
लेकिन निवेश से पहले इन जोखिमों को भी समझें
शानदार रिटर्न देने वाले शेयर हमेशा पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं होते। एसएमटी इंजीनियरिंग के मामले में भी कुछ ऐसे संकेत हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए।
सबसे पहला संकेत इसका वैल्यूएशन है। कंपनी का शेयर वर्तमान में अपनी बुक वैल्यू के लगभग 6.43 गुना पर कारोबार कर रहा है। आमतौर पर बहुत अधिक वैल्यूएशन वाले शेयरों में भविष्य में करेक्शन का जोखिम बना रहता है।
दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कंपनी लगातार मुनाफा कमाने के बावजूद अपने शेयरधारकों को डिविडेंड नहीं दे रही है। हालांकि ग्रोथ स्टेज की कई कंपनियां विस्तार योजनाओं के कारण डिविडेंड नहीं देतीं, फिर भी यह निवेशकों के लिए विचार करने वाला बिंदु है।
तीसरी बात यह है कि हालिया तिमाही में प्रमोटरों की हिस्सेदारी में लगभग 6.33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। प्रमोटर हिस्सेदारी में कमी हमेशा नकारात्मक संकेत नहीं होती, लेकिन निवेशकों को इसके पीछे के कारणों को समझना चाहिए।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
शेयर बाजार में किसी भी स्टॉक के भविष्य का सटीक अनुमान लगाना आसान नहीं होता। हालांकि कंपनी के मजबूत लाभ वृद्धि, बेहतर नकदी प्रबंधन और उद्योग में बढ़ती मांग को सकारात्मक कारकों के रूप में देखा जा सकता है।
दूसरी ओर, ऊंचे वैल्यूएशन और प्रमोटर हिस्सेदारी में कमी जैसे कारक निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत भी देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शेयरों में निवेश करने से पहले कंपनी के ताजा वित्तीय नतीजों, ऑर्डर बुक, कर्ज की स्थिति और उद्योग की संभावनाओं का विस्तार से अध्ययन करना जरूरी है।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
एसएमटी इंजीनियरिंग का उदाहरण यह दिखाता है कि शेयर बाजार में छोटी कंपनियां भी लंबी अवधि में असाधारण रिटर्न दे सकती हैं। हालांकि केवल पिछले रिटर्न देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं मानी जाती।
किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय स्थिति, प्रमोटर होल्डिंग, वैल्यूएशन और भविष्य की संभावनाओं का मूल्यांकन करना जरूरी है। निवेशकों को हमेशा अपने जोखिम प्रोफाइल के अनुसार ही निवेश करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


