Sensex-Nifty Close: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 26 अगस्त को शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दिन की शुरुआत में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, लेकिन बाद में कुछ प्रमुख सेक्टर्स में जोरदार बिकवाली ने बाजार का रुख बदल दिया। कारोबार खत्म होने तक दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। खास तौर पर IT, FMCG और ऑटो शेयरों पर दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर मेटल और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की।
अमेरिका की ओर से ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने और ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को चेतावनी दिए जाने की खबरों के बीच बाजार में सतर्कता बढ़ी। इसका असर सेंसेक्स-निफ्टी की शुरुआती तेजी पर पड़ा। हालांकि, व्यापक बाजार में पूरी तरह निराशाजनक तस्वीर नहीं रही। स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
Sensex-Nifty ने गंवाई शुरुआती पूरी बढ़त

26 अगस्त के कारोबार में सेंसेक्स शुरुआत में मजबूती के साथ आगे बढ़ा और एक समय 330.75 अंक चढ़कर 77,986.84 के स्तर तक पहुंच गया। लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली बढ़ने के बाद इंडेक्स ने अपनी पूरी बढ़त गंवा दी और अंत में 183.15 अंक यानी 0.24 फीसदी गिरकर 77,472.94 पर बंद हुआ।
इसी तरह निफ्टी 50 भी दिन के दौरान 44.05 अंक की बढ़त के साथ 24,378.60 तक पहुंचा था। हालांकि, बाद में इसमें तेज गिरावट आई और यह 170.85 अंक नीचे आकर 24,207.75 पर बंद हुआ। इस तरह निफ्टी में आज कुल 126.80 अंक यानी 0.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
यानी बाजार की शुरुआत भले ही सकारात्मक रही, लेकिन कारोबारी सत्र खत्म होते-होते बिकवाली का दबाव हावी हो गया।
IT सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टरवार प्रदर्शन देखें तो बुधवार के कारोबार में IT शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी कमजोर हुआ। IT कंपनियों में बिकवाली ने बाजार की शुरुआती तेजी को काफी हद तक कमजोर कर दिया।
इसके अलावा FMCG इंडेक्स करीब 1 फीसदी और ऑटो इंडेक्स आधे फीसदी से ज्यादा गिरा। इन सेक्टर्स में गिरावट ने प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया।
दूसरी तरफ कुछ सेक्टर्स ने बाजार को संभालने की कोशिश की। मेटल और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी रही। बैंकिंग और मेटल शेयरों में खरीदारी के बावजूद IT समेत कई बड़े सेक्टर्स में गिरावट इतनी ज्यादा रही कि बाजार हरे निशान में नहीं टिक सका।
निवेशकों की दौलत में ₹82,740 करोड़ की कमी
शेयर बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर भी पड़ा। 25 अगस्त 2026 को BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹4,94,64,258.58 करोड़ था।
26 अगस्त के कारोबार के बाद यह घटकर ₹4,93,81,518.40 करोड़ रह गया। इस तरह सिर्फ एक कारोबारी दिन में BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण ₹82,740.18 करोड़ कम हो गया।
हालांकि, बाजार में गिरावट के बावजूद सभी शेयरों में बिकवाली नहीं रही। खासकर स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
Sensex के 30 में से सिर्फ 13 शेयर चढ़े
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में बुधवार को 13 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों में गिरावट या कमजोरी देखने को मिली।
कारोबार के अंत में कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे। इन शेयरों में मजबूती ने इंडेक्स की गिरावट को कुछ हद तक सीमित करने में मदद की।
वहीं दूसरी तरफ इंफोसिस, भारती एयरटेल और एलएंडटी प्रमुख कमजोर शेयरों में रहे। खासकर IT कंपनियों में बिकवाली का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया।
Broader Market में मिला-जुला रुझान
बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार में तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 0.10 फीसदी नीचे रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.81 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।
इससे संकेत मिलता है कि बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव के बावजूद छोटे शेयरों में खरीदारी बनी रही। बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी कुछ चुनिंदा मिड और स्मॉलकैप शेयरों में दिखाई दी।
BSE पर 4,540 शेयरों में हुई ट्रेडिंग
बुधवार को BSE पर कुल 4,540 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 2,375 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,944 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 221 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इस दौरान 156 शेयर अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। दूसरी तरफ 90 शेयर 52-वीक लो पर आ गए।
बाजार में कुछ शेयरों में तेज मूवमेंट भी देखने को मिला। 11 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए, जबकि 43 शेयर लोअर सर्किट में बंद हुए।
यह आंकड़े बताते हैं कि प्रमुख इंडेक्स भले ही गिरावट में रहे, लेकिन पूरे बाजार में खरीदारी और बिकवाली दोनों का मिला-जुला रुझान बना रहा।
एक्सपायरी से पहले बाजार में बढ़ी अस्थिरता
सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी से ठीक एक दिन पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता हुआ दिखाई दिया। शुरुआती तेजी के बाद अचानक बिकवाली आने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने दिन के ऊपरी स्तरों से काफी नीचे आ गए।
निवेशकों के लिए इस समय वैश्विक घटनाक्रम, सेक्टरवार प्रदर्शन और एक्सपायरी से जुड़ी गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। खासकर IT शेयरों में बिकवाली जारी रहती है या बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटती है, इस पर आगे की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है।
फिलहाल 26 अगस्त के कारोबार की सबसे बड़ी बात यही रही कि सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और लाल निशान में बंद हुए, जबकि मेटल, प्राइवेट बैंक और स्मॉलकैप शेयरों ने बाजार में कुछ मजबूती बनाए रखी।
डिस्क्लेमर: यह लेख शेयर बाजार की गतिविधियों और उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित सूचना मात्र है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


