AI Data Centre Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता इस्तेमाल अब सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए ही अवसर नहीं बना रहा है, बल्कि इसका असर पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर भी पड़ रहा है। AI डेटा सेंटर तेजी से बढ़ रहे हैं और इन्हें 24 घंटे बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। ऐसे में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों को आने वाले समय में फायदा मिल सकता है।
बर्नस्टीन के डायरेक्टर और सीनियर एनालिस्ट निखिल निगानिया के मुताबिक, AI डेटा सेंटर की बढ़ती जरूरत के कारण भारत में बिजली की सालाना मांग की ग्रोथ 5.5% से बढ़कर करीब 6% हो सकती है। यानी AI के कारण देश की बिजली मांग में लगभग 0.5% की अतिरिक्त ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
AI डेटा सेंटर से पावर सेक्टर को क्यों मिलेगा फायदा?
AI मॉडल को चलाने और बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेस करने के लिए अत्याधुनिक डेटा सेंटर की जरूरत होती है। इन सेंटरों में हजारों सर्वर लगातार चलते हैं, जिसके लिए न सिर्फ बड़ी मात्रा में बिजली चाहिए, बल्कि लगातार और भरोसेमंद पावर सप्लाई भी जरूरी होती है।
यही वजह है कि AI डेटा सेंटर का विस्तार केवल बिजली उत्पादन कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि ट्रांसमिशन, पावर इक्विपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए भी बड़ा अवसर पैदा कर सकता है।
निखिल निगानिया के अनुसार भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिहाज से कुछ महत्वपूर्ण फायदे हैं। देश में सोलर पावर की लागत प्रतिस्पर्धी है और थर्मल पावर की लागत भी कई अन्य बाजारों की तुलना में आकर्षक बनी हुई है।
इसके अलावा, भारत में नई हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन तैयार करने में करीब तीन साल लग सकते हैं, जबकि अमेरिका में इसी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार होने में करीब 8 से 10 साल लग सकते हैं। इससे भारत डेटा सेंटर और उससे जुड़े पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आकर्षक बाजार बन सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी की लागत भी बन रही है बड़ा फैक्टर
पावर सेक्टर में रिन्यूएबल एनर्जी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। हाल के एक टेंडर में रिन्यूएबल पावर की दर करीब ₹5.25 प्रति यूनिट रही। यह नई थर्मल पावर क्षमता की करीब ₹5.5 से ₹6 प्रति यूनिट की लागत से कम बताई गई।
खास बात यह है कि इस तरह के प्रोजेक्ट में लगातार बिजली उपलब्ध कराने का प्रोफाइल भी शामिल था। ऐसे में डेटा सेंटर की बढ़ती बिजली जरूरत को पूरा करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज आधारित समाधान आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
इन 3 शेयरों पर निखिल निगानिया की नजर
AI डेटा सेंटर के विस्तार से बिजली क्षेत्र में कई कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना है। हालांकि, निखिल निगानिया की नजर खास तौर पर L&T, JSW Energy और NTPC पर है।
1. Larsen & Toubro (L&T)
L&T को निखिल निगानिया की पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया गया है। भारत में कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ने का फायदा कंपनी को मिल सकता है।
पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स में कंपनी की मौजूदगी है। डेटा सेंटर के साथ ट्रांसमिशन और दूसरे पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ता है तो L&T जैसी इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को इसका लाभ मिल सकता है।
2. JSW Energy
JSW Energy को निगानिया गिरावट पर खरीदारी के लिहाज से पसंद करते हैं। कंपनी थर्मल पावर के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।
AI डेटा सेंटर के कारण बिजली की मांग बढ़ने की स्थिति में कंपनी की विविध पावर पोर्टफोलियो रणनीति फायदेमंद हो सकती है। थर्मल और रिन्यूएबल दोनों क्षेत्रों में मौजूदगी JSW Energy को बदलते पावर मार्केट में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है।
3. NTPC
NTPC को निखिल निगानिया वैल्यू स्टॉक के तौर पर देखते हैं। कंपनी का पारंपरिक थर्मल पावर कारोबार मजबूत है और इसके साथ वह रिन्यूएबल एनर्जी तथा न्यूक्लियर पावर जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है।
ऐसे समय में जब भारत की बिजली मांग बढ़ने की उम्मीद है, NTPC को कई स्तरों पर फायदा मिल सकता है। खासकर पावर डिमांड में लगातार बढ़ोतरी और कंपनी के नए ऊर्जा क्षेत्रों में विस्तार को देखते हुए यह स्टॉक निगानिया की पसंद में शामिल है।
PFC और REC पर क्या है राय?
पावर सेक्टर में सभी कंपनियों के लिए तस्वीर समान नहीं है। निखिल निगानिया के मुताबिक Power Finance Corporation (PFC) और REC की लोन बुक ग्रोथ पहले की तुलना में धीमी हुई है।
बैंकों की ओर से रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को करीब 8% की ब्याज दर पर फाइनेंस उपलब्ध होने से सरकारी पावर फाइनेंस कंपनियों पर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि निगानिया इन दोनों शेयरों को Outperform मानते हैं। उनका कहना है कि लोन ग्रोथ में सुधार आने तक इन कंपनियों की बड़ी री-रेटिंग मुश्किल हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है पूरा एंगल?
AI की बढ़ती मांग का असर अब डेटा सेंटर से निकलकर बिजली क्षेत्र तक पहुंच रहा है। डेटा सेंटर को 24 घंटे बिजली की जरूरत होने के कारण आने वाले वर्षों में पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ सकता है।
ऐसे में L&T, JSW Energy और NTPC जैसी कंपनियां AI से पैदा होने वाली इस नई बिजली मांग का अप्रत्यक्ष लाभ उठा सकती हैं। हालांकि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, कर्ज, कमाई की ग्रोथ और मौजूदा बाजार जोखिमों का मूल्यांकन करना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध एक्सपर्ट कमेंट्री और बाजार से जुड़ी जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई राय संबंधित एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म की है और इसे निवेश सलाह के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए। निवेशकों को कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।


