Ceigall India Share Price: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Ceigall India के शेयरों में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी को गुजरात और महाराष्ट्र में एक बड़े इंटर-स्टेट पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए L-1 बिडर चुना गया है। इस खबर के बाद स्टॉक इंट्राडे में 6.5% तक चढ़कर ₹345.35 के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट REC Power Development and Consultancy Limited (RECPDCL) की ओर से टैरिफ-बेस्ड ग्लोबल कॉम्पिटिटिव बिडिंग और ई-रिवर्स ऑक्शन के जरिए दिया गया है। प्रोजेक्ट के तहत Ceigall India को गुजरात और महाराष्ट्र में बिजली ट्रांसमिशन से जुड़ा महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा।
₹608.67 करोड़ का सालाना ट्रांसमिशन चार्ज
Ceigall India ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि वह इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी यानी L-1 बिडर बनी है। प्रोजेक्ट के तहत सालाना ट्रांसमिशन चार्ज ₹6,086.70 मिलियन यानी करीब ₹608.67 करोड़ रहेगा।
इस कॉन्ट्रैक्ट की ऑपरेशनल अवधि कमीशनिंग की तारीख से 35 साल होगी। वहीं, प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कंपनी को 36 महीने का समय दिया गया है।
यह कंपनी के लिए लंबी अवधि का प्रोजेक्ट है, जिससे आने वाले वर्षों में ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
क्या है पूरा पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट?
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य गुजरात के प्रमुख बिजली उत्पादन क्षेत्रों से बिजली की निकासी के लिए एक कॉमन ट्रांसमिशन सिस्टम तैयार करना है। इसमें Lakadia Phase-II (7.5 GW), Jam Khambhaliya Phase-II (5.5 GW) और Jamnagar Phase-I (1 GW) से बिजली पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
कंपनी को प्रोजेक्ट के तहत 765/400 kV का Air Insulated Substation (AIS) और गुजरात तथा महाराष्ट्र में लगभग 300 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें विकसित करनी होंगी।
इस सिस्टम के तैयार होने से बिजली उत्पादन वाले क्षेत्रों से बिजली को इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन नेटवर्क तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, देश के पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में भी इसकी भूमिका होगी।
शेयर में लगातार चौथे दिन तेजी
प्रोजेक्ट की खबर का असर Ceigall India के शेयर पर भी देखने को मिला। बुधवार को शेयर इंट्राडे में 6.5% तक बढ़कर ₹345.35 पर पहुंच गया।
दोपहर 2:14 बजे के आसपास स्टॉक करीब 5% की तेजी के साथ ₹340.75 पर कारोबार कर रहा था। कंपनी के शेयर में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई है। इस दौरान स्टॉक करीब 9% चढ़ चुका है।
पिछले एक महीने में शेयर में करीब 0.74% की बढ़त रही है, जबकि 2026 में अब तक स्टॉक लगभग 25% ऊपर है।
अरुणाचल प्रदेश में भी मिला ₹704.70 करोड़ का ऑर्डर
Ceigall India के लिए यह हालिया बड़ा ऑर्डर ही नहीं है। इससे पहले 25 अगस्त 2026 को कंपनी ने बताया था कि उसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से अरुणाचल प्रदेश में Frontier Highway के एक हिस्से के निर्माण का ऑर्डर मिला है।
इस प्रोजेक्ट की कीमत ₹704.70 करोड़ है, जिसमें GST शामिल नहीं है। कंपनी इसे Sushi Infra & Mining के साथ ज्वाइंट वेंचर के जरिए पूरा करेगी। इस JV में Ceigall India की हिस्सेदारी 74% और Sushi Infra की हिस्सेदारी 26% होगी।
प्रोजेक्ट के तहत NH-913 के Lada-Sarli सेक्शन में 82.4 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण किया जाएगा। यह हिस्सा किलोमीटर 85.60 से किलोमीटर 168.00 तक है। काम को Engineering, Procurement and Construction (EPC) मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा।
कंपनी के लिए क्यों अहम है यह ऑर्डर?
Ceigall India को मिले दोनों बड़े प्रोजेक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करते हैं। एक तरफ अरुणाचल प्रदेश में हाईवे निर्माण का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है, वहीं दूसरी ओर गुजरात और महाराष्ट्र में पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा लंबी अवधि का प्रोजेक्ट हासिल हुआ है।
पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें 35 साल की ऑपरेशनल अवधि शामिल है। हालांकि, किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के लिए प्रोजेक्ट की वास्तविक कमाई, लागत, फाइनेंसिंग और समय पर निष्पादन जैसे कारक भविष्य के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाते हैं।
Related Party Transaction नहीं है
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट Related Party Transaction की श्रेणी में नहीं आता है। Ceigall India के अनुसार, कंपनी के प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप या ग्रुप कंपनियों का प्रोजेक्ट देने वाली कंपनी में कोई हित नहीं है।
इसलिए यह प्रोजेक्ट सामान्य प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए हासिल किया गया है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Ceigall India के शेयर में नए ऑर्डर की खबर से तेजी जरूर आई है, लेकिन केवल किसी एक कॉन्ट्रैक्ट या एक दिन की शेयर तेजी के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशकों को कंपनी की ऑर्डर बुक, राजस्व वृद्धि, मार्जिन, कर्ज, कैश फ्लो और भविष्य की परियोजनाओं के निष्पादन पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध कंपनी फाइलिंग और दी गई बाजार जानकारी पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


