Gateway to Noida Project: दिल्ली से नोएडा आने वालों के लिए जल्द ही शहर का प्रवेश द्वार एक नए और आधुनिक रूप में नजर आ सकता है। नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-94 में ओखला बर्ड सेंचुरी के पास करीब 25 एकड़ जमीन पर एक बड़ा मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट विकसित करने की तैयारी कर रहा है। करीब ₹4,526 करोड़ की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट में कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर के साथ होटल, ऑफिस, रिटेल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
नोएडा प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर निजी कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं। प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सेक्टर-94 को नोएडा के प्रमुख कमर्शियल, बिजनेस और कल्चरल हब के तौर पर विकसित करना है।
25 एकड़ में तैयार होगा बड़ा कॉम्प्लेक्स
प्रस्तावित प्रोजेक्ट नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास करीब 25 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इसकी लोकेशन इसे खास बनाती है, क्योंकि यह क्षेत्र कालिंदी कुंज के रास्ते दक्षिणी दिल्ली से नोएडा में प्रवेश करने वाले लोगों के प्रमुख मार्ग पर स्थित है।
इसी वजह से इस प्रोजेक्ट को ‘गेटवे टू नोएडा’ के तौर पर विकसित करने की योजना है। प्रोजेक्ट में कई तरह की सुविधाओं को एक ही परिसर में शामिल किया जाएगा। यहां बिजनेस मीटिंग से लेकर बड़े कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, शॉपिंग, होटल स्टे और रिहायशी जरूरतों तक की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यह इलाका नोएडा के महत्वपूर्ण कमर्शियल और कल्चरल डेस्टिनेशन में शामिल हो सकता है।
कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर होगा प्रमुख आकर्षण
इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर होगा। RFP के मुताबिक, कन्वेंशन सेंटर के लिए करीब 18,762 वर्ग मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है।
यहां बड़े कॉर्पोरेट कार्यक्रमों, सम्मेलनों, प्रदर्शनियों और अन्य आयोजनों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रोजेक्ट में हैबिटेट सेंटर और होटल के लिए भी बड़े क्षेत्र का प्रावधान किया गया है।
हैबिटेट सेंटर और होटल के लिए करीब 29,507-29,507 वर्ग मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है।
रिटेल और ऑफिस स्पेस भी होगा
‘गेटवे टू नोएडा’ केवल कन्वेंशन सेंटर तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे कॉम्प्लेक्स में बड़े पैमाने पर कमर्शियल स्पेस विकसित करने की योजना है।
RFP के अनुसार, करीब 65,437 वर्ग मीटर क्षेत्र रिटेल स्पेस के लिए रखा गया है। यहां दुकानें और अन्य कमर्शियल गतिविधियों के लिए जगह उपलब्ध होगी।
वहीं, ऑफिस और सर्विस्ड अपार्टमेंट के लिए करीब 1.10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इससे प्रोजेक्ट में बिजनेस और कॉर्पोरेट गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रिहायशी सुविधाओं के लिए 1.75 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र
प्रोजेक्ट में रिहायशी हिस्सा भी शामिल किया गया है। इसके लिए करीब 1.75 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। हालांकि, RFP में यह भी प्रावधान है कि रिहायशी क्षेत्र कुल बिल्ट-अप एरिया के 40 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।
इस तरह प्रोजेक्ट में कमर्शियल, एंटरटेनमेंट, हॉस्पिटैलिटी और रेजिडेंशियल सुविधाओं का मिश्रण देखने को मिलेगा।
करीब 7,180 कारों की पार्किंग
इतने बड़े प्रोजेक्ट में पार्किंग की जरूरत को देखते हुए यहां करीब 7,180 कारों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित करने की योजना है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास होने के कारण प्रोजेक्ट में आने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी और पार्किंग अहम पहलू होंगे। प्रस्तावित पार्किंग व्यवस्था से बड़े आयोजनों के दौरान वाहनों की संख्या को संभालने में मदद मिल सकती है।
30 महीने में बनाना होगा कन्वेंशन सेंटर
नोएडा प्राधिकरण के जनरल मैनेजर एसपी सिंह के मुताबिक, प्रोजेक्ट को PPP मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। चुनी गई निजी कंपनी को डिजाइन, फंडिंग, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी।
डेवलपर का चयन होने के बाद कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 30 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट को लगभग सात साल के भीतर तैयार कर शुरू करने की योजना है।
खास बात यह है कि प्रोजेक्ट का लेआउट और बिल्डिंग प्लान पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं। इसलिए डेवलपर के चयन के बाद निर्माण कार्य शुरू करने में ज्यादा समय नहीं लगने की उम्मीद है।
PPP मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट के लिए नोएडा प्राधिकरण और चयनित निजी डेवलपर मिलकर एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाएंगे।
इस मॉडल में निजी कंपनी प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग, निवेश जुटाने, निर्माण, संचालन और मेंटेनेंस का काम संभालेगी। वहीं नोएडा प्राधिकरण की भूमिका प्रोजेक्ट के विकास और संबंधित प्रक्रियाओं में रहेगी।
इस मॉडल का उद्देश्य बड़े पैमाने पर निजी निवेश के जरिए आधुनिक सुविधाओं वाला एक प्रमुख शहरी केंद्र विकसित करना है।
नोएडा अथॉरिटी को बड़ी कमाई की उम्मीद
नोएडा प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट से भविष्य में बड़ी आय की उम्मीद जताई है। अनुमान के मुताबिक, प्रोजेक्ट से सात साल बाद करीब ₹6,890 करोड़ का राजस्व मिलने की संभावना है।
यह अनुमानित राजस्व 10 साल में बढ़कर ₹10,324 करोड़ और 15 साल में करीब ₹17,292 करोड़ तक पहुंच सकता है।
इससे साफ है कि अथॉरिटी इसे सिर्फ एक निर्माण परियोजना के तौर पर नहीं, बल्कि लंबे समय में राजस्व पैदा करने वाले बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट के रूप में देख रही है।
ओखला बर्ड सेंचुरी और मेट्रो के पास है लोकेशन
‘गेटवे टू नोएडा’ प्रोजेक्ट की लोकेशन भी इसकी सबसे बड़ी खासियतों में से एक है। यह ओखला बर्ड सेंचुरी के पास और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ क्षेत्र है।
इसके अलावा, प्रस्तावित परिसर ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन के नजदीक भी है। ऐसे में सड़क और मेट्रो दोनों माध्यमों से यहां पहुंचने की सुविधा इसे एक महत्वपूर्ण लोकेशन बना सकती है।
अगर तय योजना के मुताबिक यह प्रोजेक्ट विकसित होता है, तो आने वाले वर्षों में सेक्टर-94 नोएडा के प्रमुख बिजनेस, एंटरटेनमेंट और कल्चरल डेस्टिनेशन में शामिल हो सकता है। दिल्ली से नोएडा में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट शहर के एक आधुनिक ‘गेटवे’ के रूप में नई पहचान बना सकता है।


