Kriti Sanon Raksha Bandhan Ad Row: रक्षाबंधन के मौके पर ज्वेलरी ब्रांड GIVA के एक विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब काफी बढ़ गया है। विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन के पहनावे और पालतू कुत्ते को राखी बांधने के दृश्य को लेकर लोगों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई। विवाद के बीच कृति सेनन ने अपने पहनावे का बचाव करते हुए कहा कि किसी महिला की संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों से नहीं आंका जाना चाहिए। इसके बाद GIVA ने विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला किया। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कृति के समर्थन में पोस्ट शेयर कर महिलाओं की पसंद और स्वतंत्रता का सम्मान करने की बात कही।
विवाद के बाद GIVA ने हटाया रक्षाबंधन का विज्ञापन
Kriti sanon wearing a bra while tying a rakhi to her brother in a new jewellery Ad by GIVA. You won't see them making fun of either Eid or Christmas. pic.twitter.com/EcSmwyhiNT
— smh (@seemhuh) August 22, 2026 रक्षाबंधन के लिए तैयार किया गया GIVA का विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया था। विज्ञापन में कृति सेनन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती नजर आती हैं। इसके बाद वह अपने पालतू कुत्ते के पैर पर भी राखी बांधती दिखाई देती हैं। विज्ञापन में कृति के आधुनिक पहनावे को लेकर भी सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने सवाल उठाए।
विवाद बढ़ने के बाद ज्वेलरी ब्रांड ने 26 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। GIVA ने कहा कि वह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सम्मान करता है। ब्रांड के मुताबिक, अगर उसके हालिया विज्ञापन से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं अनजाने में आहत हुई हैं तो ऐसा करना उसका उद्देश्य नहीं था।
ब्रांड ने लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए विज्ञापन को अपने सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से वापस लेने की जानकारी दी। GIVA ने यह भी कहा कि उसका उद्देश्य परिवार के साथ त्योहार की खुशियों को सेलिब्रेट करना था और इस बार वह पालतू जानवरों को भी परिवार का हिस्सा मानते हुए इस जश्न में शामिल करना चाहता था।
कृति सेनन ने कपड़ों पर उठे सवालों का दिया जवाब
GIVA removes its Raksha Bandhan ad featuring actress Kriti Sanon.
GIVA — "We have the highest regard and deep respect for Indian culture, traditions and festivals. As a brand, we have always believed in celebrating these joyous moments with the entire family and this time we… pic.twitter.com/eTWv4Ax0uR
— ANI (@ANI) August 26, 2026 विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद कृति सेनन ने भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए विज्ञापन में पहने गए आउटफिट को लेकर हो रही टिप्पणियों का जवाब दिया।
कृति ने कहा कि समय के साथ पारंपरिक फैशन में बदलाव आया है, लेकिन आज भी कई बार किसी महिला की संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों से जोड़कर देखा जाता है। अभिनेत्री ने सवाल उठाया कि महिलाओं को यह बताना आखिर कब बंद होगा कि उन्हें क्या पहनना चाहिए।
उन्होंने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि संस्कृति और परंपराएं केवल कपड़ों तक सीमित नहीं होतीं। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति के दिल में अपनी संस्कृति और परंपराओं के लिए मौजूद भावनाएं ज्यादा मायने रखती हैं।
कृति ने रक्षाबंधन के संदर्भ में कहा कि यह सुरक्षा और भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है। उन्होंने बताया कि वह और उनकी बहन एक-दूसरे को राखी बांधते हैं और एक-दूसरे की सुरक्षा, स्वास्थ्य, खुशी और लंबी उम्र की कामना करते हैं। अभिनेत्री ने अपने पालतू कुत्तों को भी परिवार का हिस्सा बताते हुए कहा कि उनके लिए यह प्यार और प्रार्थना उनके पालतू जानवरों के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कंगना रनौत ने विज्ञापन पर साधा निशाना
इस विवाद में अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने कृति सेनन के विज्ञापन में पहने गए कपड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज महिलाओं के पास कपड़ों के कई विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार के विज्ञापन में भाई को राखी बांधते समय इस तरह के पहनावे का चुनाव क्यों किया गया।
कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट में आधुनिक और पारंपरिक परिधानों का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के पास कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा-चोली, जींस, साड़ी और अन्य तरह के कपड़ों के विकल्प हैं। इसी आधार पर उन्होंने विज्ञापन को लेकर अपनी असहमति व्यक्त की।
कंगना की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। जहां कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया, वहीं कई यूजर्स ने कृति सेनन के पहनावे का बचाव किया।
संजय राउत ने भी कृति का किया समर्थन
विवाद के बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया भी सामने आई। कृति सेनन पर कंगना रनौत की टिप्पणी को लेकर सवाल पूछे जाने पर राउत ने कंगना की आलोचना की और कहा कि उनकी बातों को इतनी गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
राउत ने इस मुद्दे से अलग कई राजनीतिक और आर्थिक विषयों का भी जिक्र किया। उन्होंने महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण विषय हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए।
इस तरह रक्षाबंधन के एक विज्ञापन से शुरू हुई बहस धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर महिलाओं के पहनावे, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और त्योहारों की परंपराओं को लेकर व्यापक चर्चा में बदल गई।
राहुल गांधी ने कृति सेनन के समर्थन में किया पोस्ट
विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कृति सेनन का समर्थन किया। उन्होंने कृति की इंस्टाग्राम स्टोरी को अपने अकाउंट पर शेयर करते हुए महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात कही।
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाएं क्या पहनती हैं, क्या करती हैं और कहां जाती हैं, यह उनकी अपनी पसंद है। उन्होंने महिलाओं को अपनी स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल किए जाने का विरोध किया।
उन्होंने अपने पोस्ट में पितृसत्ता के खिलाफ हैशटैग का भी इस्तेमाल किया। राहुल गांधी के इस समर्थन के बाद यह विवाद राजनीतिक चर्चा में भी आ गया।
विज्ञापन में आखिर ऐसा क्या था?
GIVA के रक्षाबंधन विज्ञापन की कहानी भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ पालतू जानवरों को परिवार का हिस्सा दिखाने पर केंद्रित थी। वीडियो में कृति सेनन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। इस दौरान उनका पालतू कुत्ता भी वहां नजर आता है।
इसके बाद कृति कुत्ते के पैर पर राखी बांधती हुई दिखाई देती हैं। विज्ञापन का यह हिस्सा भी कुछ सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद नहीं आया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार में पालतू जानवर को राखी बांधना उचित है।
दूसरी तरफ, विज्ञापन के समर्थकों का कहना था कि आज के समय में पालतू जानवर कई परिवारों का अहम हिस्सा हैं और विज्ञापन इसी भावनात्मक जुड़ाव को दिखाने की कोशिश करता है। इस वजह से सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच बहस देखने को मिली।
कपड़ों से संस्कृति को जोड़ने पर छिड़ी बहस
इस पूरे विवाद का एक बड़ा हिस्सा कृति सेनन के पहनावे को लेकर रहा। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना था कि रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार से जुड़े विज्ञापन में अभिनेत्री का पहनावा भारतीय संस्कृति की भावना के अनुरूप नहीं था।
वहीं, दूसरी ओर कई लोगों ने तर्क दिया कि किसी महिला के कपड़े उसके संस्कार, संस्कृति या त्योहार के प्रति सम्मान को तय नहीं करते। इसी बहस के बीच कृति सेनन ने भी कहा कि संस्कृति और परंपरा दिल में होती है, केवल पहनावे में नहीं।
यही बात बाद में राहुल गांधी के समर्थन का भी आधार बनी। उन्होंने महिलाओं को उनके कपड़ों और व्यक्तिगत फैसलों के लिए ट्रोल करने का विरोध किया।
GIVA ने विवाद के बाद क्या कहा?
ब्रांड की ओर से विज्ञापन हटाने का फैसला सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर चल रही आलोचना को कंपनी ने गंभीरता से लिया। हालांकि, GIVA ने अपने बयान में विज्ञापन को लेकर किसी एक पक्ष को जिम्मेदार ठहराने के बजाय लोगों की भावनाओं का सम्मान करने की बात कही।
ब्रांड ने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति और त्योहारों का सम्मान करना उसके लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, अगर विज्ञापन से किसी वर्ग की भावनाएं अनजाने में आहत हुई हैं तो यह उसकी मंशा नहीं थी।
विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाना इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम बताया गया।
अब क्यों चर्चा में है पूरा मामला?
कृति सेनन और GIVA का यह विज्ञापन अब सिर्फ एक ब्रांड कैंपेन का मामला नहीं रह गया है। इसके जरिए सोशल मीडिया पर कई अलग-अलग मुद्दों पर बहस शुरू हो गई है। एक तरफ त्योहारों से जुड़े विज्ञापनों में परंपरा और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का सवाल है, तो दूसरी तरफ महिलाओं के पहनावे और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर चर्चा हो रही है।
कृति सेनन ने जहां अपने कपड़ों को लेकर उठे सवालों का जवाब दिया, वहीं राहुल गांधी ने उनके व्यक्तिगत अधिकारों का समर्थन किया। दूसरी तरफ कंगना रनौत ने विज्ञापन की शैली और कृति के आउटफिट पर सवाल उठाए।
फिलहाल GIVA ने विवाद के बीच विज्ञापन वापस ले लिया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ब्रांड भविष्य में त्योहारों से जुड़े अपने कैंपेन में किन बातों को ध्यान में रखता है। हालांकि, इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह बहस जरूर छेड़ दी है कि आधुनिक विज्ञापन में परंपरा, व्यक्तिगत पसंद और सांस्कृतिक भावनाओं के बीच संतुलन किस तरह बनाया जाना चाहिए।


